कांग्रेस पार्टी वही गलती करने जा रही है, जो उसने 2016 और 2021 के केरल व पश्चिम बंगाल चुनाव के समय किया था। कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में वामपंथी पार्टियों के साथ तालमेल कर लिया, जबकि केरल में उसे वामपंथी मोर्चे के खिलाफ लड़ना था। नतीजा यह हुआ कि कांग्रेस दोनों चुनाव केरल में बुरी तरह से हारी। इसका कारण यह था कि कांग्रेस मतदाताओं को यकीन नहीं दिला सकी कि वह और वामपंथी पार्टियां अलग हैं। इसलिए लोकसभा में केरल के लोगों ने कांग्रेस को वोट किया और विधानसभा में लेफ्ट मोर्चा का। अभी पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं और ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस वही गलती दोहराने जा रही है। कांग्रेस को पंजाब में आम आदमी पार्टी के खिलाफ सीधी लड़ाई लड़नी है। लेकिन वह उसी आम आदमी पार्टी से गोवा में तालमेल की बात कर रही है।
जानकार सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस गोवा में आम आदमी पार्टी और रिवोल्यूशनरी गोवन पार्टी से तालमेल की बात कर रही है। गौरतलब है कि पिछले चुनाव में आप ने गोवा में सात फीसदी और तृणमूल कांग्रेस ने पांच फीसदी के करीब वोट काट लिया था, जिससे कांग्रेस बुरी तरह हारी थी। हो सकता है कि आप से तालमेल का कुछ फायदा उसे गोवा में मिल जाए लेकिन पंजाब में इसका बड़ा नुकसान हेगा। ऐसे ही एक चर्चा यह है कि आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में सपा से तालमेल करना चाहती है। आप सांसद संजय सिंह इसके लिए अखिलेश यादव से मिले थे। ध्यान रहे चूपी में भी कांग्रेस और सपा में तालमेल है। अगर उसमें आप को शामिल किया और गोवा में तालमेल किया तो तय मानें कि कांग्रेस पंजाब में डूबेगी। वह पांच साल की आप सरकार के खिलाफ एंटी इन्कम्बैंसी का लाभ नहीं ले पाएगी। वह कोई भी आरोप लगाएगी तो उसे गंभीरता से नहीं लिया जाएगा। मतदाता दोनों को एक ही पार्टी मानेंगे। उन्होंने लोकसभा में कांग्रेस को ज्यादा सीटें दिलाई हैं तो विधानसभा में आप के साथ जा सकते हैं।
