भाजपा से अलग हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी के अन्नामलाई ने ऐलान किया है कि वे अगले महीने नई पार्टी का ऐलान करेंगे। तमिलनाडु में फिल्म स्टार विजय की जीत ने अगर किसी को सबसे ज्यादा निराश किया तो वह अन्नामलाई थे। उनको लग रहा था कि उन्होंने दोनों द्रविडियन पार्टियों के खिलाफ जनभावना को सबसे पहले भांपा था और सबसे पहले दोनों से अलग राजनीति की शुरुआत की थी। लेकिन भाजपा ने उनका साथ नहीं दिया। उस समय वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे। सनातन की राजनीति करते थे। युवाओं को जोड़ने की कोशिश कर रहे थे। कोंगू क्षेत्र यानी पश्चिमी तमिलनाडु में मजबूत असर बनाया था। लेकिन अन्ना डीएमके से तालमेल करने के चक्कर में भाजपा ने उनकी योजना को खारिज कर दिया।
इसके बाद भाजपा ने अन्ना डीएमके में रहे नयनार नागेंद्रन को प्रदेश अध्यक्ष बनाया और तालमेल किया। यह गठबंधन बुरी तरह से फेल हुआ। भाजपा चार से घट कर एक सीट पर आ गई। अब अन्नामलाई अलग हो गए हैं और वे अन्ना डीएमके को ही टारगेट कर रहे हैं। उनको पता है कि अन्ना डीएमके बिखर चुका है। पहले ओ पनीरसेल्वम व ई पलानीसामी का झगड़ा था तो अब पलानीसामी के खिलाफ सीवी षणमुगम और वेलुमनि ने मोर्चा खोला है। ऐसे में वे अन्ना डीएमके के गढ़ पश्चिमी तमिलनाडु में अपना आधार बढ़ा सकते हैं। वे पिछड़ी जातियों और अत्यंत पिछड़ी जातियों पर फोकस कर रहे हैं। इसके अलावा युवाओं को जोड़ने पर उनका जोर है। वे विजय की पार्टी टीवीके के मुकाबले डीएमके व अन्ना डीएमके दोनों की चुनौती समाप्त करके अपने को खड़ा करने की कोशिश करेंगे।
