Annamalai

  • अन्नामलाई भी नीट पर केंद्र के खिलाफ

    भाजपा से अलग होकर अपना संगठन बनाने के बाद से के अन्नामलाई शांत थे। वे संगठन का काम कर रहे थे। उन्होंने पार्टी छोड़ते समय या उसके बाद भी भाजपा पर कोई हमला नहीं किया था या कोई खिलाफ बयान नहीं दिया था। उलटे दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिल कर उन्होंने पार्टी छोड़ी थी। लेकिन अब उन्होंने मेडिकल में दाखिले की नीट यूजी परीक्षा में गड़बड़ी का विरोध किया है। उन्होंने सीधे केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि केंद्र की लापरवाही के कारण पेपर लीक हो रहे हैं और केंद्र सरकार किसी की...

  • अन्नामलाई की नजर अन्नाडीएमके के पर

    भाजपा से अलग हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी के अन्नामलाई ने ऐलान किया है कि वे अगले महीने नई पार्टी का ऐलान करेंगे। तमिलनाडु में फिल्म स्टार विजय की जीत ने अगर किसी को सबसे ज्यादा निराश किया तो वह अन्नामलाई थे। उनको लग रहा था कि उन्होंने दोनों द्रविडियन पार्टियों के खिलाफ जनभावना को सबसे पहले भांपा था और सबसे पहले दोनों से अलग राजनीति की शुरुआत की थी। लेकिन भाजपा ने उनका साथ नहीं दिया। उस समय वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे। सनातन की राजनीति करते थे। युवाओं को जोड़ने की कोशिश कर रहे थे। कोंगू क्षेत्र यानी...

  • अन्नामलाई मौका चूक गए

    पूर्व आईपीएस अधिकारी और तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई नए सिरे से अपनी राजनीति को संवारने की कोशिश कर रहे हैं। वे दिल्ली में हैं और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मिल कर पार्टी से विदाई चाहते हैं। गौरतलब है कि उनको इस बार विधानसभा की टिकट नहीं मिली थी। वे कोयम्बटूर उत्तर की सीट लड़ना चाहते थे लेकिन अन्ना डीएमके ने सीट नहीं छोड़ी। इससे पहले अन्नमलाई दो बार चुनाव हार चुके हैं। वे 2021 का विधानसभा और 2024 का लोकसभा चुनाव लड़े थे लेकिन जीत नहीं पाए थे। अब वे तमिल उप राष्ट्रीयता का मुद्दा लेकर...

  • अन्नामलाई चुनाव क्यों नहीं लड़ रहे?

    तमिलनाडु भाजपा के सुपरस्टार और सिंघम के नाम से मशहूर पूर्व आईपीएस अधिकारी के अन्नामलाई इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। भाजपा ने अपने कोटे की सभी 27 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया। उसमें अन्नामलाई को जगह नहीं मिली। जिस समय टिकट का ऐलान हुआ उस समय वे केरल और पुडुचेरी के प्रचार में व्यस्त थे। इन दोनों राज्यों में नौ अप्रैल को वोटिंग होने वाली है। भाजपा इन दोनों राज्यों में अन्नामलाई को प्रचार का जिम्मा दिया है। उनके चुनाव नहीं लड़ने से भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं को निराशा हुई है।...

  • अन्नामलाई ने क्यों पल्ला झाड़ लिया?

    तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी ने बहुत मेहनत की है। खास तौर से अमित शाह ने पूरा दम लगाया है। भाजपा ने अन्ना डीएमके से तालमेल के बाद एनडीए को मजबूत करने वाले कई काम किए हैं। अन्ना डीएमके छोड़ने वाले कई नेताओं को मनाने और वापस एनडीए में लाने का काम भाजपा ने किया है। यह भी कहा जा रहा है कि फिल्म स्टार विजय की पार्टी बनवाने और प्रशांत किशोर को उनका चुनाव रणनीतिकार बनवाने में भी कहीं न कहीं भाजपा की भूमिका है। चुनाव अगर त्रिकोणात्मक होता है तो उसका फायदा एनडीए को हो सकता है। हालांकि...