प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिहार में 130 करोड़ रुपये के कथित अवैध बालू खनन से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को तीन राज्यों में छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत बिहार के बांका और पटना, राजस्थान के श्रीगंगानगर और जयपुर तथा दिल्ली में कुल आठ ठिकानों पर तलाशी ली गई।
अधिकारियों ने बताया कि यह जांच बिहार के बांका जिला स्थित महादेव एन्क्लेव नामक कंपनी से संबंधित है। उन्होंने कहा कि इस कंपनी का नियंत्रण श्रीगंगानगर निवासी अशोक चांडक और उनके पुत्र राघव चांडक के हाथ में है।
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प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कंपनी ने बिहार के खनन विभाग की जानकारी के बिना बांका जिले में कथित तौर पर अवैध रूप से बालू खनन किया।
ईडी के पटना क्षेत्रीय कार्यालय ने अक्टूबर 2024 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), पटना से बांका जिले के नदी घाटों का भू-स्थानिक विश्लेषण करने का अनुरोध किया था।
अधिकारियों के अनुसार, आईआईटी की रिपोर्ट में पाया गया कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के दौरान कथित तौर पर 131 करोड़ रुपये मूल्य की बालू का अवैध खनन किया।
ईडी ने पीएमएलए के प्रावधानों के तहत यह जानकारी पटना स्थित बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड के साथ साझा की, जिसके बाद राज्य के खान एवं भूविज्ञान विभाग ने अगस्त 2025 में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई। अधिकारियों ने बताया कि धनशोधन का यह मामला इसी पुलिस प्राथमिकी के आधार पर दर्ज किया गया है।
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