Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

54 के हुए राहुल गांधी, जानें उनके जीवन की कुछ खास बातें

Rahul (2)

Image Credit: Al Jazeera

कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज 54 वर्ष के हो गए। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने जिस तरह से फिर से खोई साख को बचाने का काम किया उसका श्रेय राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को जाता है। राहुल ने कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व किया। इस दौरान पार्टी ने 99 सीटें हासिल की और लोकसभा में दस वर्ष में पहली बार आधिकारिक रूप से विपक्ष का दर्जा हासिल किया।

इन चुनावों में राहुल (Rahul Gandhi) ने दो लोकसभा सीटों रायबरेली और वायनाड से चुनाव लड़ा और दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। हालांकि राहुल ने वायनाड सीट छोड़ दी है। वहां से उनकी छोटी बहन प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) चुनाव लड़ेंगी। तो आइए जानते हैं राहुल गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें कोनसी है।

राहुल (Rahul Gandhi) का जन्म 19 जून 1970 को दिल्ली में हुआ था। राहुल की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल में हुई। इसके बाद वह दून विद्यालय में पढ़ने चले गए। यहां विद्यार्जन के बाद वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय के रोलिंस कॉलेज फ्लोरिडा गए, जहां 1994 में उन्होंने कला स्नातक की उपाधि हासिल की। वर्ष 1995 में राहुल ने कैंब्रिज विश्वविद्यालय के ट्रिनिटी कॉलेज से एमफिल की डिग्री ली।

राहुल (Rahul Gandhi) ने वर्ष 2003 में शूरू मां सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के साथ सक्रियता बढ़ानी शुरू की। वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपनी मां सोनिया गांधी के साथ जाने लगे। इसके साथ ही उनके व उनकी बहन प्रियंका के राजनीति में आने की अटकलें जताई जाने लगी।

इस दौरान राहुल (Rahul Gandhi) ने कहा कि वह राजनीति के विरुद्ध नहीं हैं। हालांकि राजनीति में आने को लेकर उन्होंने कुछ स्पष्ट नहीं कहा। राहुल ने मई 2004 में राजनीति में प्रवेश की घोषणा का। वह अमेठी से चुनाव मैदान में उतरे। वर्ष 2007 में राहुल कांग्रेस महासचिव नियुक्त किए गए। उन्हें युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्रसंघ का कार्यभार भी दिया गया। इसके बाद राहुल लगातार राजनीति में सक्रिय हैं।

लोकसभा चुनाव से पूर्व राहुल ने भारत जोड़ो यात्रा व भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाली। भारत जोड़ो यात्रा में उन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक 4,080 किलोमीटर पैदल मार्च किया। वहीं, भारत जोड़ो न्याय यात्रा उन्होंने मणिपुर से शुरू की थी।

यह भी पढ़ें :-

नेहरू गांधी परिवार से कितने सांसद बने

झारखंड में भाजपा का नया दांव

Exit mobile version