लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के काम का पहला चरण पूरा हो गया। बढ़ाई गई दो हफ्ते की अवधि शुक्रवार को खत्म हो गई। पांच दिन के बाद 31 दिसंबर को मसौदा मतदाता सूची जारी होगी। लेकिन उससे पहले बताया गया है कि करीब दो करोड़ 90 लाख नाम कट सकते हैं। उत्तर प्रदेश के कुल मतदाताओं में लगभग 20 फीसदी मतदाताओं के नाम कट जाएंगे, जबकि पश्चिम बंगाल में सिर्फ आठ फीसदी के करीब नाम कटे हैं।
एसआईआर का पहला चरण पूरा होने के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया, ‘एसआईआर होने से पहले उत्तर प्रदेश में कुल 15 करोड़ 44 लाख मतदाता थे। 26 दिसंबर को पहले चरण के तहत गणना पत्र जमा करने और डिजिटलाइजेशन का काम पूरा हुआ है। अब तक 2.89 करोड़ मतदाता कम हुए हैं। फाइनल आंकड़े और मसौदा सूची 31 दिसंबर को जारी की जाएगी’।
बताया जा रहा है कि जिन दो करोड़ 90 लाख के करीब लोगों के नाम कट सकते हैं उनमें 1.26 करोड़ मतदाता ऐसे हैं, जो उत्तर प्रदेश से बाहर स्थायी रूप से शिफ्ट हो चुके हैं। 45.95 लाख मतदाताओं की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 23.32 लाख डुप्लीकेट हैं। 84.20 लाख लापता हैं और 9.37 लाख ने फॉर्म जमा नहीं किया है। गौरतलब है कि एसआईआर का पहला चरण 11 दिसंबर को समाप्त हो रहा था, जिसे दो हफ्ते के लिए बढ़ाया गया था। इस अवधि में करीब दो लाख मतदाता बढ़े हैं यानी नए मतदाता बने हैं।
उत्तर प्रदेश के चुनाव अधिकारी ने एसआईआर के लिए समय सीमा और बढ़ाने की मांग की थी, जिसे चुनाव आयोग ने नहीं माना। बहरहाल, पहले चरण में अब मसौदा मतदाता सूची 31 दिसंबर, 2025 को जारी होगी। इसके बाद 31 दिसंबर, 2025 से 30 जनवरी, 2026 तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी और 21 फरवरी 2026 तक उनका निपटारा किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 28 फरवरी 2026 को होगा।
