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दिग्गज होंगे मैदान में विधायकों के काटेंगे टिकट

पिछड़ी जातियों

भोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए भाजपा की तरह ही कांग्रेस में भी जहां दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारा जाएगा वही लगभग 30 विधायकों के टिकट भी काटे जाएंगे। दिल्ली में मंगलवार को कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की मैराथन बैठक चली जिसमें लगभग डेढ़ सौ सिंगल नामों पर सहमति बन गई है लेकिन सूची कब जारी होगी इसको लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है।

दरअसल, प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए भाजपा और कांग्रेस अब पूरी तरह से प्रत्याशी चयन पर केंद्रित हो गए हैं संभावनाएं जताई जा रही हैं कि 6 अक्टूबर के बाद कभी भी आचार संहिता लागू हो सकती है। इस कारण प्रत्याशियों की सूची भी फाइनल करना अब दलों के लिए जरूरी हो गया है। भाजपा ने जहां पहली सूची बहुत जल्दी और दूसरी सूची में दिग्गज नेताओं को मैदान में उतार कर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं कि इस बार वह जीत के लिए रणनीति पर चुनाव लड़ेगी। शेष बचे 151 उम्मीदवारों पर भी पार्टी की रणनीति बना रही है जिसमें विधायक और मंत्रियों के टिकट काटे जाने पर विचार हो रहा है।

भाजपा की तर्ज पर कांग्रेस भी रणनीति बदलकर चुनाव मैदान में आने की तैयारी कर रही है। दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की मैराथन बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और राज्यसभा सदस्य विवेक तंखा को छोड़कर बाकी सभी बड़े नेताओं को जहां चुनाव लड़ने का फैसला हुआ। वहीं लगभग 30 विधायकों की टिकट काटे जाने पर भी चर्चा हुई है यह वे विधायक है जिनके जीतने के प्रति पार्टी को भरोसा नहीं है या भाजपा ने जहां हैवी वेट प्रत्याशी मैदान बता रहे हैं। वहां भी पार्टी नए सिरे से विचार कर रही है। पहले दौर में जहां लगभग 80 सिंगल नाम पर सहमति बन गई है थी। वहीं अब तक 180 नाम पर सहमति बन गई है। शेष 50 नाम पर अगले दौर की बैठक में सहमति बनाई जाएगी सूची कब जारी होगी इसको लेकर अभी भी असमंजस है लेकिन जिन उम्मीदवारों का लड़ना तय है उनको संदेश दे दिया गया है और भी अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय है।
कुल मिलाकर भाजपा और कांग्रेस में अधिकांश उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए गए हैं केवल रणनीति के हिसाब से जरूरी परिवर्तन के लिए गुंजाइश रखी गई है और अनुकूल परिस्थितियों को देखकर सूची जारी की जाएंगे जिस तरह से दोनों दलों ने अपने-अपने दिग्गज नेताओं को मैदान में उतरने और अधिकांश मौजूदा विधायकों के टिकट काटने का मन बनाया है। उससे दोनों ही दलों में बगावत की भी संभावनाएं बढ़ गई है भाजपा की दो सूचियां के बाद लगभग एक दर्जन विधानसभा क्षेत्र में बगावत के स्वर मुखर हो चुके हैं। सीधी में वर्तमान विधायक केदार शुक्ला चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं।

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