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राज्यसभा की तस्वीर ज्यादा नहीं बदलेगी

राज्यसभा के इस बार के दोवार्षिक चुनाव की खास बात यह है कि ये तीन चरणों में हो रहा है। पहले चरण में अप्रैल में 37 सीटों पर चुनाव हुआ। अब दूसरे चरण में जून में 24 सीटों पर चुनाव होगा और तीसरे चरण में साल के अंत में नवंबर में उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की 10 सीटों पर चुनाव होगा। इस तरह कुल 72 सीटों पर इस साल चुनाव है। दूसरे चऱण की 24 सीटों के साथ दो सीटों पर उपचुनाव का ऐलान भी हुआ है। महाराष्ट्र में सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर उपचुनाव होगा और तमिलनाडु में सीवी षणमुगम के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर भी उपचुनाव होगा। ये दोनों लोग विधायक बन गए हैं।

अगले महीने जिन 24 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं उनमें से 18 सीटें भाजपा की हैं और कांग्रेस की सिर्फ चार सीट है। एक एक सीट झारखंड और आंध्र प्रदेश की प्रादेशिक पार्टियों के पास हैं। इस बार चुनाव के बाद भी राज्यसभा की तस्वीर कोई खास नहीं बदलने वाली है। सिर्फ इतना अंतर आएगा कि भाजपा के कोटे की 18 सीटों में से उसकी एक सीट कम हो जाएगी, जबकि कांग्रेस की सीटें चार से बढ़ कर पांच हो जाएंगी। झारखंड में एक सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा को फिर से मिल जाएगी। अगर कांग्रेस मेहनत करे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उसका साथ दें तो हो सकता है कि झारखंड में कांग्रेस को एक सीट मिल जाए। हालांकि अभी इसकी उम्मीद कम दिख रही है। उधर आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी अपनी एक सीट गंवा देगी। व

कांग्रेस को एक सीट का फायदा कर्नाटक की वजह से हो रहा है। वहां कांग्रेस के चार में से तीन सीटें मिल जाएंगी। अभी उसके पास सिर्फ एक सीट है। उसे एक सीट का नुकसान राजस्थान में होगा, जिसकी भरपाई कर्नाटक में हो जाएगी। राजस्थान में उसके पास दो सीटें हैं, जिनमें से एक सीट वह गंवा देगी। मध्य प्रदेश में कांग्रेस अपनी एक सीट बचा लेगी। इस तरह चुनाव के बाद राज्यसभा में भाजपा की सीटें 113 से कम होकर 112 हो जाएंगी। ध्यान रहे भाजपा की सीटों में बड़ा इजाफा इस वजह से हुआ है कि आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद उसके साथ जुड़ गए हैं। पंजाब के छह राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल जब समाप्त होगा तब भाजपा उनको फिर से पंजाब से ही राज्यसभा लाने में सक्षम नहीं होगी। बहरहाल, कांग्रेस की सीटें 29 से बढ़ कर 30 हो जाएंगी। इसके बाद भाजपा को एक या दो सीट का नुकसान साल के अंत में हो सकता है। पिछले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को 111 सीटें आईं। इसके दम पर वह उत्तर प्रदेश दो सीटें जीत सकती है। इस तरह उसकी एक सीट बढ़ जाएगी।

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