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Friday, May 14, 2021
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अजीत कुमार

जो है वह सिर्फ दिखावा

यह संभवतः पहली बार हो रहा है कि देश की सरकार वास्तविक अर्थों में काम करने की बजाय सिर्फ काम करने का दिखावा कर रही है। काम नहीं हो रहा है, उसका सिर्फ प्रचार हो रहा है। बुनियादी कामों में या लोगों के जीवन के लिए सबसे जरूरी कामों में भी सिर्फ दिखावा हो रहा है

वैक्सीनेशन कोई इवेंट नहीं है!

बहुत समय नहीं हुआ, जब इवेंट का मतलब सिर्फ कल्चरल इवेंट होता था। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा किसी और कार्यक्रम को इवेंट नहीं कहा जाता था। राजनीतिक रैलियां होती थीं, सभा और सम्मेलन होते थे, रोड शो होते थे लेकिन इनको इवेंट नहीं कहा जाता था।

बयानों की जवाबदेही तय होना जरूरी

भारत में नेताओं को कुछ भी बोलने की आजादी है। पहले आमतौर पर चुनावी सभाओं में नेता अनाप-शनाप बोलते थे। उन्हें इसकी छूट मिली थी। वे कुछ भी दावे करते थे, कुछ भी वादे करते थे और अपने विरोधियों को बदनाम करने के लिए कुछ भी आरोप लगाते थे

संविधान, लोकतंत्र भी रिटायर होंगे?

केंद्र सरकार ने संसद भवन की इमारत को रिटायर करने की घोषणा कर दी है। उन्होंने नए संसद भवन का शिलान्यास करने के बाद कहा कि मौजूद संसद भवन ने इस देश को बहुत कुछ दिया लेकिन अब उसे आराम की जरूरत है।

यह सोनिया युग की समाप्ति है!

अहमद पटेल का जाना क्या सोनिया गांधी के राजनीतिक युग की समाप्ति का संकेत है

ट्रंप चले जाएंगे पर ट्रंपवाद रहेगा!

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदाई हो गई है। अमेरिकी जनता ने उनके ब्रांड की राजनीति को खारिज कर दिया है। सोचें, पूरी एक सदी में वे सिर्फ तीसरे राष्ट्रपति हैं, जिन्हें दूसरा कार्यकाल नहीं मिला है। सदी...

ज्वालामुखी पर बैठा है यूरोप!

समूचा यूरोप इस समय उबल रहा है। फ्रांस में दो लगातार आतंकवादी हमले के बाद ऑस्ट्रिया में आतंकवादी हमला हुआ है। फ्रांस में पहले भी हमले हो चुके हैं और स्पेन, ब्रिटेन भी आतंकी हमले का निशाना बने हैं।

चुनाव आयोग के पास अधिकार क्या?

केंद्रीय चुनाव आयोग, सुनने में इतना भारी-भरकम नाम है पर सवाल है कि इसके पास क्या अधिकार हैं? यह एक संवैधानिक संस्था है। इसके ऊपर देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की महती जिम्मेदारी है।

फ्रांस से फरीदाबाद तक एक सी कहानी!

फ्रांस में एक कट्टरपंथी मुस्लिम युवक ने एक स्कूल शिक्षक की गला काट कर हत्या कर दी। स्कूल शिक्षक का दोष यह था कि उसने क्लासरूम में बच्चों को पैगबंर मोहम्मद का एक कार्टून दिखाया था। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर किसी छात्र को यह पसंद नहीं है तो वह क्लास से बाहर चला जाए।

कृषि कानूनों पर सरकार पीछे नहीं हटेगी

बिहार में विधानसभा के चुनाव चल रहे हैं और माना जा रहा था कि तीन कृषि कानूनों का मुद्दा बिहार चुनाव उठेगा और चुनाव एक तरह से उन कानूनों पर जनमत संग्रह की तरह होगा। लेकिन अफसोस की बात है कि बिहार में कृषि कानूनों को मुद्दा नहीं बनाया गया है।

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सत्य बोलो गत है!

‘राम नाम सत्य है’ के बाद वाली लाइन है ‘सत्य बोलो गत है’! भारत में राम से ज्यादा राम...