‘पॉलिटिक्स’ में ‘कोरोना’ के बाद अब ‘जानवरों’ की एंट्री

इसे राजनीति के पतन का दौर कहा जाए या सिर्फ सत्ता पाने की लोलुपता कि जनप्रतिनिधि अब इंसानियत को तार तार करने वाले बयान देकर अपनी और अपने प्रतिद्वंद्वी की

महाराज की जय से भाजपा का विजय प्लान

महाराज यानी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा की सरकार बनवाई तो मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा ने उनके समर्थकों को भरपूर तबज़्ज़ो देकर ग्वालियर चंबल अंचल में ये संदेश दिया कि महाराज की जय के साथ

उपचुनाव की मथनी, मंत्रिमंडल का विष और ‘शिव’

बुधवार को मध्यप्रदेश में बतौर प्रभारी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पदभार संभालने के साथ ही एक बार फिर सियासत के पारे ने उछाल मारा.इस बार उपचुनाव को केंद्र में रखकर हो रही सियासत के

उपचुनाव: ‘अब जातीय और क्षेत्रीय बैलेंस की सियासत’

कांग्रेस की नज़र भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार पर टिककर रह गईं हैं तो भाजपा भी कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष बनने का बेसब्री से इंतजार कर रही है और दोनों की इस दिलचस्पी का मूल उद्देश्य एक

स्नेहभोज के बहाने, प्यार से पहरेदारी

आखिरकार लंबे इतंज़ार के बाद राज्यसभा की तीन सीटों पर 19 तारीख को मतदान होना तय हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के लगभग सभी विधायक भोपाल में डेरा डाल चुके हैं और पार्टी के

उसूल खूंटे पर…ललक सत्ता पाने की…!

मध्यप्रदेश में दिनों दिन बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच राजनीतिक दलों की विचारधारा भी संक्रमित नज़र आने लगी है.इन दिनों जो कुछ भी राजनीतिक मंच पर घटित हो रहा उसे प्रदेश की राजनीति

‘दीवाल गिरने का गम नहीं, पड़ोसी की बकरी मरने की ख़ुशी’

मध्यप्रदेश में उपचुनाव,राज्यसभा चुनाव की आहट ने राजनितिक उठापटक के हालात पैदा कर दिए हैं.बड़े बड़े राजनेताओं अब कोरोना की गंभीरता और उसके कारण दिनों दिन बढ़

न किसी से ईर्ष्या, न किसी से होड़… मेरी अपनी मंजिल, मेरी अपनी दौड़…

दोस्तों की जुबानी तोमर की कहानी..बचपन से नरेंद्र तोमर के साथ रहने वाले ग्वालियर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष जयसिंह कुशवाह बताते हैं कि छात्र जीवन से ही नरेंद्र शांत स्वभाव

सरकार की रोजगार गारंटी फिर भी सवाल..!

‘मनरेगा स्कीम डिड नॉट डू वेल इन मध्यप्रदेश’,मध्य प्रदेश मनरेगा में गड़बड़ी,एमपी में मनरेगा में नहीं रुक रहा भ्रष्टाचार,मनरेगा में नियमों की उड़ी धज्जियां,मनरेगा में बड़े पैमाने पर घपला फंड हुआ

झूठे दावे-कोरे वादों की बिसात का ‘मोहरा’ मजदूर

हक़ीक़त पर नजर डालें तो लॉकडाउन वन के तत्काल बाद जब इन मजदूरों पर रोजी रोटी का संकट मंडराने लगा तो उनका धैर्य टूट गया। मरता क्या न करता तो मासूम बच्चों,महिलाओं के साथ इस

बागियों की बगावत के इंतज़ार में कांग्रेस

इन उपचुनाव में कांग्रेस को एक तरफ सिंधिया परिवार से सीधे लड़ाई लड़ना है वहीं दूसरी ओर परंपरागत विरोधी दल भाजपा के वोट बैंक को कमजोर करने जातिगत समीकरणों का गणित बैठाना होगा जो बहुत आसान काम नहीं

उप चुनावों का पॉलीटिकल एजेंडा सेट करेगा ‘चंबल प्रोग्रेस वे’

मुख्यमंत्री शिवराज ने रविवार को दो ट्वीट कर ग्वालियर-चंबल की “प्रोग्रेस”लाइन बढ़ाने का काम किया तो उपचुनाव में भाजपा का आसान “वे” बनाने का खाका खींच दिया.शिवराज और महाराज की जुगलबंदी

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