सिंधियाजी के दिल में कुछ, मुंह में कुछ : राहुल गांधी

ज्योतिरादित्य सिंधिया के पलटी मारने और तरह-तरह की बड़ी-बड़ी बातें करने के बाद उनके मित्र राहुल गांधी ने पहली बार चुप्पी तोड़ी। गुरुवार को संसद के परिसर में

चहुंओर कोरोना की चर्चा, बन गया बीमारियों की महारानी

भारत में कोरोना वायरस के 73 मामले पुष्ट पाए गए हैं। दिल्ली सरकार ने कोरोना को महामारी घोषित करते हुए इसे बीमारी की महारानी बना दिया है।

शेयर बाजार में कोरोना का झटका, पौन घंटा कारोबार बंद

शुक्रवार 13 मार्च 2020 की सुबह शेयर बाजार को भी कोरोना वायरस का जोरदार झटका लगा और पौन घंटे तक कारोबार रोकना पड़ा। लोअर सर्किट लग गया।

मप्र में उठापटक जारी, नई सरकार बनना इतना आसान नहीं

मध्य प्रदेश की राजनीति का ऊंट किस करवट बैठेगा, कह नहीं सकते। विधायकों की बाड़ाबंदी जबर्दस्त तरीके से हो रही है। कांग्रेस के 87 विधायकों को राजस्थान में जयपुर के पास दो रिसोर्टों में ठहराया गया है।

मप्र कांग्रेस के दिग्गजों के सामने बच्चे हैं ज्योतिरादित्य

ज्योदिरादित्य सिंधिया के पाला बदलने के बाद कई खबरें फिजां में तैर रही हैं। कोई कह रहा है कि राहुल गांधी मिलने का समय नहीं देते थे, जबकि हकीकत यह है कि ज्योतिरादित्य के

कांग्रेस के थे, एक झटके में भाजपा के सितारे बन गए

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार को गिराकर वीरतापूर्ण कार्य किया है। वह पहले कांग्रेस के सितारे थे। अब एक झटके में भाजपा के सितारे बन गए हैं। वह सिंधिया राजघराने के महाराज हैं

जो दादी ने किया था, 57 साल बाद वही पोते ने किया

मध्य प्रदेश में वही हुआ, जिसकी आशंका बहुत पहले से थी। मध्य प्रदेश की राजनीति में ज्योतिरादित्य सिंधिया का दबदबा नहीं बन पा रहा था। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जैसे सीनियर नेताओं के कारण उनकी धमक नहीं बन पा रही थी।

मोदी-शाह की ठान लेने की आदत से अब जनता दुखी  

जो कुछ करने की ठान लेता है तो वह करके रहता है। दुनिया की कोई ताकत उसको नहीं रोक सकती। इतिहास में और वर्तमान में भी ऐसे कई उदाहरण है, जिनमें किसी ने कुछ ठाना और फिर वह काम किया। यह जिद कई मामलों में अच्छी है, लेकिन ज्यादातर मामलों में इससे नुकसान ही ज्यादा होता है।

यस बैंक पर संकट, घबराने की जरूरत नहीं

एक और बैंक पर संकट के बादल छा गए हैं। यह है निजी क्षेत्र की यस बैंक। रिजर्व बैंक ने यस बैंक पर पाबंदी लगा दी है और इसके पुनर्गठन की घोषणा की है।

कमलनाथ को मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने की सलाह

मध्य प्रदेश के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष अलग होना चाहिए, जिससे कई समस्याएं हल होंगी। विधायक केपीएस भदोरिया ने भी तन्खा की बात से सहमति जताई।

राज्यसभा की 55 सीटों पर चुनाव की तैयारी

राज्यसभा की 55 सीटें अप्रैल में खाली हो रही हैं। इनके लिए 26 मार्च को चुनाव हैं। छह मार्च को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन की आखिरी तारीख 13 मार्च है।

मप्र में सरकार बची, लेकिन उखाड़-पछाड़ जारी

मध्य प्रदेश में विचित्र स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस सरकार के बाल-बाल बच जाने के बाद कई विधायकों में छटपटाहट देखी जा रही है। भाजपा खेमे में ज्यादा बेचैनी है। कांग्रेस में दो-तीन गुट हैं।

बाल-बाल बच गई कमलनाथ की सरकार

मध्य प्रदेश में कमलनाथ की कांग्रेस सरकार गिरते-गिरते बच गई। वह अत्यंत क्षीण अल्पमत पर जिंदा है और भाजपा हमेशा उसको पटखनी देने के लिए तैयार रहती है।

सोशल मीडिया एकाउंट महिलाओं को समर्पित करेंगे मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोगों में उत्सुकता पैदा करने वाले काम लगातार करते रहते हैं, जिससे लोगों का उनकी तरफ ध्यान बना रहता है। सोमवार को उन्होंने सोशल मीडिया के एकाउंट छोड़ने का इरादा जाहिर किया।

मोदी के ट्वीट से सोशल मीडिया में भूचाल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोशल मीडिया से नाता तोड़ने वाले हैं। बहुत हो गया। और अब वैसे भी जरूरत नहीं रही। जब प्रधानमंत्री नहीं थे, तब सोशल मीडिया ही बहुत बड़ा सहारा था।

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