भाजपा के बदल रहे सुर

क्या भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली के चुनाव नतीजों से सबक लिया है या किसी खास रणनीति के तहत उसके नेताओं के सुर बदल रहे हैं? नतीजों के तुरंत बाद एक टेलीविजन चैनल के कार्यक्रम में पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारो जैसे नारे और भारत-पाकिस्तान की लड़ाई जैसा मुकाबले बताने वाले बयानों से पार्टी को नुकसान हुआ। हालांकि उन्होंने शाहीन बाग तक करंट लगाने वाले अपने बयान का बचाव किया और कहा कि उन्होंने वोट के करंट की बात कही थी। शाह ने दो टूक अंदाज में कहा कि भड़काऊ बयान नहीं दिए जाने चाहिए थे। इसके तीन दिन के बाद पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपनी पार्टी के फायरब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को बुरी तरह से हड़काया। असल में गिरिराज सिंह ने देश की जानी-मानी इस्लामी संस्था दारूल उलूम देवबंद को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने इसे आतंकवाद की गंगोत्री बताया था। उनके इस बयान का विरोध हुआ तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उनको बुला कर इसके लिए फटकार लगाई और साफ शब्दों में कहा कि आइंदा ऐसी बयानबाजी नहीं होनी चाहिए। सोचें, कहां दस दिन पहले तक दिल्ली में भाजपा के… Continue reading भाजपा के बदल रहे सुर

बिहार चुनाव तक यही रवैया रहेगा

भड़काऊ भाषणों पर अमित शाह के बयान और जेपी नड्डा द्वारा गिरिराज सिंह को फटकार लगाने की दो घटनाओं का एक कारण बिहार चुनाव भी लग रहा है। भाजपा को दिल्ली में हुए नुकसान का तो अंदाजा हो ही गया है, अब उसे बिहार में नीतीश कुमार के साथ चुनाव लड़ना है। वहां किसी हाल में नीतीश कुमार भड़काऊ भाषणों का एजेंडा नहीं चलने देंगे। ध्यान रहे उन्होंने संशोधित नागरिकता कानून का समर्थन किया है पर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का खुल कर विरोध कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में भी माता-पिता के बारे में सूचना मांगने के प्रावधान का विरोध किया है। तभी ऐसा लग रहा है कि बिहार चुनाव तक भाजपा के तेवर ऐसे ही रहेंगे। तभी देवबंद पर दिए बयान के बहाने बिहार के सबसे फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह को पहले ही चुप करा दिया गया है। असल में भाजपा के शीर्ष नेता एक के बाद एक राज्यों की सत्ता गंवाने से चिंता में हैं। पिछले डेढ़ साल में पांच बड़े राज्यों- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र और झारखंड की सत्ता उसके हाथ से निकली है। दिल्ली में उसकी करारी हार हुई है और हरियाणा में भी झटका लगा है। अब उसके नेता नहीं चाहते कि… Continue reading बिहार चुनाव तक यही रवैया रहेगा

दिल्ली के बावजूद दिल्ली अभी दूर है

जिन्हें लग रहा है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की तीसरी मूसलाधार जीत ने अरविंद केजरीवाल को 2024 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद की दावेदार-कतार में ला कर खड़ा कर दिया है, मैं उन्हें अपना दिल थाम कर बैठने की सलाह दूंगा

दिल्ली हार के बाद सोनिया कांग्रेस नेताओं से ले रहीं फीडबैक

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के शर्मनाक प्रदर्शन के बाद पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के प्रदर्शन को लेकर नेताओं से मुलाकात करने का कार्यक्रम बनाया है। इसी क्रम में, चांदनी चौक से पूर्व विधायक अलका लांबा ने सोनिया गांधी से मुलाकात कर दिल्ली में खराब प्रदर्शन का कारण बताया। पार्टी ने दिल्ली में 2003 से लेकर 2013 तक शासन किया था। लांबा ने कहा कि उन्होंने (सोनिया) चुनाव नतीजों और राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी को मजबूत करने के लिए कदम उठाने को लेकर बातचीत की। लांबा ने कहा कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों से मुलाकात करेंगी, और समर्थन देने के लिए लोगों को धन्यवाद देंगी। अलका लांबा ने आम आदमी पार्टी का दामन छोड़ कांग्रेस का हाथ थामा था और वह 2020 विधानसभा चुनाव में अपनी जमानत भी नहीं बचा सकीं। कई कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में पार्टी के खराब प्रदर्शन का ठीकरा दिल्ली प्रभारी पी.सी. चाको पर फोड़ा है। दूसरी तरफ, चाको ने कहा कि कांग्रेस का खराब प्रदर्शन 2013 से शुरू हो गया था, जब शीला दीक्षित प्रदेश में पार्टी की अगुवाई कर रही थीं। बाद में हालांकि उन्होंने ऐसे किसी भी बयान से इनकार कर दिया, लेकिन इससे दिल्ली… Continue reading दिल्ली हार के बाद सोनिया कांग्रेस नेताओं से ले रहीं फीडबैक

सांप्रदायिक ध्रुवीकरण लोकतंत्र के लिए खतरा

यह सनातन सवाल है कि चुनाव कैसे मुद्दों पर लड़ा जाना चाहिए और वोटिंग किस आधार पर होनी चाहिए।

खुश होना कोई भाजपा से सीखे

कानपुर की जिदंगी तो सबसे अलग कही जा सकती है। वहां के लोगों की सोच व काम करने का तरीका सबसे अलग होता है। जब विज्ञान के विद्यर्थी थे तब हमारे अध्यापक ने सापेक्ष शब्द बहुत उदाहरण देकर समझाया था। उनका कहना था कि हमारे जीवन में कुछ चीजे सापेक्ष होती है और रचनात्मक सापेक्ष सोच हमें जिदंगी में आगे बढ़ाने में सहायक साबित होती है। जैसे कि अगर आपकी बोर्ड की परीक्षा में थर्ड डिवीजन आई हो व कक्षा में आपका प्रतिद्वंदी माना जाने वाला छात्र फेल हो जाए तो सापेक्ष रूप से आपको सुख होता है क्योंकि आप उससे बेहतर पाते हैं। यह धारणा वहां आज लोगों के बीच में देखने को मिल जाती थी जब दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आए तो खबरों को देखकर लगा कि दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी का हमारे शहर से कुछ-न-कुछ पुराना रिश्ता है। कहने को तो वे बिहार के माने जाते हैं मगर कानपुरियों की तरह से बर्ताव करते हैं। इस चुनाव में भाजपा का तो सूपड़ा ही साफ हो गया। भाजपा के पास कुल आठ सीटें ही आई मगर उनकी हिम्मत व दिल तो देखिए कि इसके बावजूद वे दिल्ली की जनता को बधाई देते हुए इस परिणाम… Continue reading खुश होना कोई भाजपा से सीखे

भाजपा क्यों चिंता में नहीं है?

भारतीय जनता पार्टी के नेता दिल्ली के चुनाव नतीजों से बहुत परेशान नहीं हैं। वैसे ही जैसे झारखंड के नतीजों के बाद भी नहीं हुए। भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया वैसी ही रही, जैसी कांग्रेस की रहती थी या अब भी रहती है। नतीजे आए-गए हो गए हैं। न तो पार्टी ने इस पर कोई गंभीर चिंतन किया है, न हार के कारणों की पड़ताल की है और नेताओं की जवाबदेही तय की गई है। सब कुछ रूटीन के अंदाज में चलता रहा। पार्टी नेतृत्व में घबराहट देखने को नहीं मिली। याद करें 2009 मे दूसरी बार कांग्रेस के सरकार बनने पर कांग्रेस नेताओं के अहंकार और उनके अति आत्मविश्वास को। उसके दस साल बाद बिल्कुल उसी अंदाज की राजनीति का दोहराव होता दिख रहा है। दोनों में क्या समानता है इस पर विचार करेंगे उससे पहले यह देखना जरूरी है कि पिछले डेढ़ साल में भाजपा ने क्या खोया है। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जिस समय पार्टी लगी हुई थी उसी समय तीन राज्यों की सत्ता उसके हाथ से निकली। नवंबर 2018 में भाजपा राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव हार कर सत्ता से बाहर हुई। इनमें से दो राज्यों मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा 15 साल… Continue reading भाजपा क्यों चिंता में नहीं है?

शर्मिष्ठा के बुनियादी सवाल

दिल्ली में लगभग सफाया होने से कांग्रेस को झटका तो जोरदार लगा, लेकिन पार्टी के ज्यादातर नेता उससे सदमे में आने के बजाय भारतीय जनता पार्टी की बुरी हार पर राहत जताते लगाए।

दिल्ली जीत के पश्चात आप पंजाब में भी हुई सक्रिय

जालंधर। दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) को मिली अपार सफलता का प्रभाव पंजाब में भी दिखने लगा है। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पंजाब में भी पार्टी के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं। पंजाब दोआबा जोन के प्रधान तरनदीप सन्नी ने गुरुवार को लगभग एक सौ से अधिक युवाओं को पार्टी में शामिल करवाया। इसके अतिरिक्त पार्टी के संगठनात्मक ढ़ांचे को मजबूत करने के लिए उन्होंने युवा इकाई के जिला शहरी, ग्रामीण इंचार्ज और हलका इंचार्जों की नियुक्तियां की। आप के पंजाब युवा अध्यक्ष मंजिंदर सिंह की उपस्थिति में उन्होने जसकरन सिंह को जिला जालंधर शहरी का इंचार्ज, हरमिंदर सिंह जोशी को जिला जालंधर देहाती का इंचार्ज, एडवोकेट परमवीर सिंह को युवा प्रकोष्ठ का इंचार्ज, हरमीत सिंह को जालंधर छावनी, रणजीत सिंह को जालंधरपूर्वी का इंचार्ज तथा अमृतवीन को सह इंचार्ज नियुक्त किया गया। इसी प्रकार कर्मजीत सिंह को आदमपुर, प्रितपाल सिंह टिवाला को करतारपुर का इंचार्ज तथा प्रिंस को छावनी का सह इंचार्ज नियुक्त किया गया। इस अवसर पर सन्नी ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिल्ली विधानसभा चुनाव दौरान लोगों के सामने खुल कर झूठ बोला है। यह खबर भी पढ़ें:- आप विधायक दल के नेता चुने गए केजरीवाल उन्होंने कहा… Continue reading दिल्ली जीत के पश्चात आप पंजाब में भी हुई सक्रिय

शपथ ग्रहण में बेबी मफलरमैन आमंत्रित

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के समर्थन में मफलर लगाए हुए एक छोटे बच्चे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इस बेबी मफलरमैन को 16 फरवरी को अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के मतगणना के दिन मंगलवार को एक साल उम्र के अव्यान तोमर ने अरविंद केजरीवाल के आवास और आम आदमी पार्टी (आप) कार्यालय में लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था। इस बच्चे ने केजरीवाल जैसा दिखने के लिए एक काला मफलर, एक चश्मा और आम आदमी पार्टी की टोपी पहनी हुई थी। उस समय बच्चे के परिवार ने बताया था कि केजरीवाल उनके बच्चे से मिलेंगे, मगर ऐसा नहीं हो सका और परिवार केजरीवाल से मिले बिना पार्टी कार्यालय से चला गया था। अब आप ने कहा कि इस बच्चे को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है। आप ने ट्वीट कर कहा बेबी मफलरमैन को 16 फरवरी को अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है। केजरीवाल यहां ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इसे भी पढ़ें : बीसीआई ने लखनऊ कोर्ट बम विस्फोट की निंदा

दिल्ली के नतीजे इस तरह समझें!

नतीजों को डिकंस्ट्रक्ट करने या डिकोड करने के पांच पहलू दिख रहे हैं। पहला, भारत बनाम पाकिस्तान का यानी उग्र राष्ट्रवाद का पहलू।

अब निगाह बिहार और नीतीश पर

भाजपा विरोधियों में एक बात तो है, अगर वे खुद हार जाएं पर भाजपा न जीते, तब भी वे ताली बजाने लगते हैं। बेगाने की शादी में अब्दुल्ला दीवाना।

नवनिर्वाचित विधायकाें में से 43 के खिलाफ आपराधिक मामले : एडीआर

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में निर्वाचित 70 में से 43 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं और 2015 में यहां निर्वाचित हुए 70 में से 24 विधायकों के विरुद्ध ऐसे प्रकरण पंजीकृत थे।

कांग्रेस के दिल्ली के प्रभारी चाको का इस्तीफा

दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार से कांग्रेस में खलबली मच गयी है और उसके नेताओं के इस्तीफे की होड़ के बीच आज प्रदेश प्रभारी महासचिव पी सी चाको ने इस्तीफा दे दिया।

दलाई लामा ने केजरीवाल के खुशी पाठ्यक्रम पहल को सराहा

धर्मशाला। तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने पर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को बधाई देते हुए कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में मन के आंतरिक विकास के पहलुओं को शामिल करने की उनकी पहल सराहनीय है। नोबल शांति पुरस्कार विजेता ने भारत के लोकतंत्र की प्रशंसा करते हुए कहा दिल्ली की जनता को आपके समर्थ नेतृत्व से आगे भी लाभ मिलता रहेगा। उन्होंने कहा जैसा कि मैंने आपसे दो जुलाई, 2018 को दिल्ली के सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रमों में खुशी को शामिल किए जाने पर कहा था, मैं उन्नत मूल्यों के साथ व्यक्तियों को बेहतर और पहले से खुश बनाने के आपके और आपकी सरकार के प्रयासों का गहरा प्रशंसक हूं। लामा ने एक बयान में कहा इन कदमों से बच्चों की संपूर्ण शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और जीवन स्तर सुधारने के उनके सपने को पूरा करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा मूलभूत मानवीय मूल्यों और अंतरधार्मिक सौहार्द्र को बढ़ावा देने के लिए मैं मन और भावनाओं के कार्य करने की प्राचीन भारतीय समझ को पुनर्जीवित करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। मैं इसलिए स्कूली पाठ्यक्रम में मन के आंतरिक विकास के पहलुओं को शामिल करने की प्रशंसा करता हूं। दलाई… Continue reading दलाई लामा ने केजरीवाल के खुशी पाठ्यक्रम पहल को सराहा

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