Ranveer Singh के साथ कमलापंसद के Add में BIG B के काम करने पर भड़क गया Fan, कहा- इन टटपुंजियों और आपमें क्या अंतर… जानें क्या मिला जवाब

हाल में अमिताभ बच्चन एक विज्ञापन कर चर्चाओं में आ गए. अमिताभ बच्चन ने उभरते हुए कलाकार रणवीर सिंह के साथ कमला पसंद…

फेसबुक, इंस्टाग्राम की दुनिया में नीरज चोपड़ा स्टॉक वैल्यू: 428 करोड़ रु

नीरज चोपड़ा ने 1.4 मिलियन से अधिक लेखकों से 2.9 मिलियन से अधिक उल्लेख दर्ज किए हैं जो उन्हें 2020 टोक्यो ओलंपिक के दौरान इंस्टाग्राम पर वैश्विक स्तर पर ‘सबसे अधिक उल्लेखित’ एथलीट बनाता है।

Instagram ने लॉन्च किया युवाओं के लिए नई सुरक्षा, अब इस उम्र के बच्चों को देनी होंगी यह महत्वपूर्ण जानकारी

जन्मदिन के बारे में पूछेगा जब वे इंस्टाग्राम खोलेंगे और फिर कई पॉप-अप सूचनाएं दिखाने के लिए यदि उपयोगकर्ता अपना जन्मदिन दर्ज नहीं करता है।

UP में IAS अफसर सड़कों पर सब्जियां बेचने के लिए क्यों हो गया मजबूर, देखें तस्वीरें…

सोशल मीडिया में तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है जिसमें एक IAS अफसर सब्जी बेचता नजर आ रहा है. हाथ में स्मार्ट वॉच, जींस और टीशर्ट पहने ये अफसर ना सिर्फ सड़क के किनारे सब्जी बेचता नजर आ रहा है बल्कि वह अ

it’s only happens in india..वैक्सीन का ऐसा जुगाड़ जिसने देखा सब दंग रह गये

एक भाग्यशाली व्यक्ति लंबी कतारों से राहत पाने में सफल रहा क्योंकि उसने एक टीकाकरण केंद्र की एक खिड़की से कोरोना वैक्सीन का डोज लिया।

WhatsApp में इस नए फीचर की मदद से छुपाएं अपने अनचाहे चैट, जानें कैसे HIDE करें अपनी चैट….

आर्काइव्ड चैट्स फोल्डर। इस नए फीचर का उपयोग करके यूज़र्स अनचाहे चैट को छुपा सकते है। आमतौर पर जब भी वॉट्सऐप पर जब हमें कोई नया मैसेज भेजता है तो आर्काइव्ड चैट सबसे ऊपर दिखाई देती है।

मार्क जुकरबर्ग का बड़ा फैसला, सभी फेसबुक ऐप्स को कमर्शियल करने की तैयारी में

फेसबुक ने पिछले महीने यूएस में मैसेंजर यूजर्स के लिए क्यूआर कोड और भुगतान लिंक का लाभ उठाने की क्षमता को भी शुरू की है। अब वे फेसबुक पे के मदद से भोजन का बिल दे सकेंगे, भले ही वे फेसबुक से कनेक्ट न हों।

फेसबुक को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं

supreme court on facebook : नई दिल्ली। सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली विधानसभा की समिति की ओर से फेसबुक को भेजे गए समन को रद्द करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने दो टूक लहजे में कहा कि फेसबुक को दिल्ली विधानसभा की समिति के सामने पेश होना होगा। हालांकि अदालत ने साफ कर दिया कि विधानसभा की  समिति उससे कानून-व्यवस्था और कानूनी कार्यवाही के मुद्दों पर जवाब नहीं मांगेगी क्योंकि ये मुद्दे केंद्र के अधिकार क्षेत्र में हैं। अदालत ने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग से मतदान की पूरी प्रक्रिया के लिए खतरा पैदा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा ( supreme court on facebook )- हमें ये कहने में कोई कठिनाई नहीं है कि हम याचिकाकर्ता के विशेषाधिकार भाग के संबंध में तर्क से प्रभावित नहीं हैं। समिति के सामने पेश नहीं होने के विकल्प पर विवाद नहीं हो सकता। अदालत ने आगे कहा- याचिकाकर्ता की याचिका अपरिपक्व है क्योंकि समन जारी करने के अलावा और कुछ नहीं हुआ है। समिति शांति और सद्भाव पर विचार विमर्श करने के लिए जानकारी प्राप्त करने की हकदार है। सुप्रीम कोर्ट… Continue reading फेसबुक को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं

भारत ट्विटर को निलंबित नहीं करेगा!

भारत सरकार क्या माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को निलंबित कर सकता है? ट्विटर के साथ सरकार और भाजपा का जैसा टकराव बना है वह अभूतपूर्व है। सोशल मीडिया में यह मजाक कई दिन से चल रहा है कि जिस दिन ट्विटर ने मोदीजी के दो कट्टर समर्थकों, डोनाल्ड ट्रंप और उसके बाद कंगना रनौत का अकाउंट बंद किया उसी दिन उसने अपनी मौत के वारंट पर दस्तखत कर दिए थे। इस मजाक की बात छोड़ें तब भी सरकार और ट्विटर के बीच गंभीर टकराव है। ट्विटर ने कांग्रेस के कथित टूलकिट को फर्जी माना और उस वजह से भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा सहित कई दूसरे नेताओं के ट्विटर हैंडल को मैनिपुलेटेड मीडिया का टैग दिया। उसके बाद सरकार की नई आईटी नीति को पूरी तरह से मानने से इनकार कर दिया और शनिवार को तो राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख सहित कई पदाधिकारियों के ट्विटर अकाउंट पर से ब्लू टिक हटा दिया था। इसके बावजूद शायद ही सरकार इस पर प्रतिबंध लगाएगी या निलंबित करेगी। हालांकि सरकार की ओर से कहा गया है कि ट्विटर अपनी सामंती सोच बंद करे और संघ की ओर से नाइजीरिया की मिसाल देकर कहा गया कि नाइजीरिया ने ट्विटर को निलंबित किया हुआ है। लेकिन… Continue reading भारत ट्विटर को निलंबित नहीं करेगा!

ट्विटर को आखिरी चेतावनी जारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के बनाए नए आईटी कानूनों को लेकर चल रहे टकराव के बीच केंद्र ने ट्विटर को इन कानूनों को मानने के लिए आखिरी चेतावनी जारी की है। केंद्र ने ट्विटर को अल्टीमेटम देते हुए आखिरी नोटिस जारी किया है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ट्विटर को जारी किए गए नोटिस में लिखा है कि सरकार उसे आखिरी मौका दे रही है, अगर कंपनी नए नियमों को नहीं मानती है तो उसे मुश्किल होगी। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है- 28 मई और दो जून को मिले आपके जवाब से निराशा हुई है, क्योंकि आपसे जो पूछा गया था उसे लेकर न तो स्थिति साफ की गई है और न ही नए नियमों को पूरी तरह लागू किया गया है। सरकार ने ट्विटर से कहा है- आपको आखिरी मौका दे रहे हैं, नहीं तो जो रियायत मिल रही है, वह खत्म कर दी जाएंगी और इसके लिए खुद आप ही जिम्मेदार होंगे। सरकार का कहना है कि ट्विटर ने अभी तक मुख्य अनुपालन अधिकारी के बारे में नहीं बताया है। इसके अलावा जो संपर्क के लिए जिस व्यक्ति को नामित किया गया है, वह भारत में ट्विटर का कर्मचारी नहीं है। साथ ही जो कार्यालय का… Continue reading ट्विटर को आखिरी चेतावनी जारी

कैसे दें सरकार का साथ?

ये व्यवस्था एक आम नागरिक की निजता के लिहाज से सही है या गलत? जाहिर है, नागरिक अधिकारों के लिए सचेत कोई व्यक्ति ऐसी और ज्यादा व्यवस्थाओं की मांग सोशल मीडिया कंपनियों से करेगा। और जब सरकार जो व्यवस्था है, उसे भी खत्म करना चाहती है, तो वह उसके विरोध में खड़ा होगा। जिस समय सोशल मीडिया कंपनियां पूरी विकसित दुनिया में जांच-पड़ताल के दौर से गुजर रही हैं और उनके एल्गोरिद्म को लेकर सवाल गहराते गए हैं, उस समय भारत में नागरिकों अधिकारों के प्रति जागरूक कोई व्यक्ति इनमें से किसी कंपनी का समर्थन करे, यह विडंबना ही है। लेकिन भारत सरकार को जो रुख सामने है, उसके बीच ऐसा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं दिखता। जब देसी मीडिया को पूरी तरह ‘वफादार’ बना लेने के बाद सरकार सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स को भी उस मॉडल पर चलाने की जुगत में है, अगर किसी कंपनी ने इस कोशिश को चुनौती दी है, तो उसका समर्थन करने के अलावा और क्या रास्ता बचता है? मुद्दा सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप और सरकार के बीच खड़े हुए तनाव का है। यह भी पढ़ें: अगर इरादा साफ हो सोशल मीडिया मध्यस्थ कंपनियों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से लागू किए गए… Continue reading कैसे दें सरकार का साथ?

निजता, अभिव्यक्ति की चिंता किसको?

सोचें, भारत के नागरिकों की निजता और अभिव्यक्ति की चिंता में कौन दुबला हो रहा है? कौन इसकी लड़ाई लड़ रहा है? अमेरिका का सोशल मीडिया कंपनियां व्हाट्सऐप और ट्विटर भारतीय नागरिकों की चिंता में हैं और उनकी निजता और अभिव्यक्ति की लड़ाई लड़ रही हैं। यह कैसी विडंबना है कि जिन कंपनियों के ऊपर लोगों की निजता से समझौता करने और गोपनीय डाटा इकट्ठा करने, उन्हें लीक करने या बेचने के आरोप है या जो कंपनियां मनमाने तरीके से लोगों की बोलने-लिखने की आजादी को नियंत्रित करती हैं वो भारत सरकार को सबक दे रही हैं और अदालत में जाकर नागरिकों की निजता और अभिव्यक्ति के मुद्दे उठा रही हैं! इससे भी बड़ी विडंबना यह है कि भारत सरकार इस मामले में यह कह कर बचाव कर रही है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और उसको ये कंपनियां नसीहत न दें। सोचें, क्या भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है इसलिए यह मान लिया जाए कि देश में लोगों की निजता सुरक्षित है और अभिव्यक्ति की आजादी है? यह बहुत सतही तर्क है और यह तर्क पेश करने से पहले सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इस बारे में सोचना चाहिए था। यह अपने आप में इस… Continue reading निजता, अभिव्यक्ति की चिंता किसको?

साजिश थ्योरी पर फेसबुक की नीति बदल गई

यह कमाल अभी हुआ है। कुछ दिन पहले तक अगर कोई फेसबुक पोस्ट में यह लिख दे कि कोरोना वायरस एक साजिश है, इसके पीछे चीन का हाथ है या दुनिया की बड़ी फार्मा कंपनियां इनके पीछे हो सकती हैं तो इसे साजिश थ्योरी बता कर फेसबुक उस पोस्ट को डिलीट कर देता और एकाउंट भी एक निश्चित समय तक के लिए बंद कर देता था। लेकिन अब उसने यह नियम बदल दिया है। अब वायरस को साजिश बताने पर वह एकाउंट बंद नहीं करेगा। यानी अब कोई भी व्यक्ति अब खुल कर वायरस के बारे में कुछ भी लिख सकता है। पता नहीं वैक्सीन को  साजिश बताने वाली पोस्ट को लेकर फेसबुक की नीति बदली है या नहीं पर अब साजिश थ्योरी पर नीति बदल गई है, जिसका मतलब है कि पश्चिमी दुनिया में खास कर अमेरिका में इस वायरस को साजिश माना जाने लगा है। तभी बड़ा सवाल इसके पीछे दुनिया की बड़ी फार्मा लॉबी के शामिल होने का है। ध्यान रहे अमेरिका और दुनिया की बड़ी फार्मा लॉबी का समर्थन हमेशा डेमोक्रेटक पार्टी को रहता है और हथियार बनाने वाली लॉबी रिपब्लिकन का समर्थन करती है। तभी एक साजिश थ्योरी यह है कि डोनाल्ड ट्रंप के रहते… Continue reading साजिश थ्योरी पर फेसबुक की नीति बदल गई

स्वतंत्रताः बताने की या छिपाने की?

व्हाटसाप और हमारी सरकार के बीच बड़ा मजेदार और अजीब-सा दंगल चल रहा है। इसी साल फरवरी में बहस चली थी कि व्हाट्साप और फेसबुक जैसी संस्थाएँ नागरिकों की निजता पर हमला करती हैं। सरकार को उन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए और व्हाट्साप ने अब दिल्ली के उच्च न्यायालय में जाकर गुहार लगाई है कि भारत सरकार नागरिकों की निजता भंग करना चाहती है। उस पर रोक लगाई जाए। हमारी सरकार और इन संचार-कंपनियों के अपने अपने तर्क हैं। दोनों कुछ हद तक ठीक लगते हैं और कुछ हद तक गलत ! सरकार का कहना है कि वह जो नया कानून ला रही है, उसके मुताबिक व्हाटसाप को ऐसे संदेशों का मूल-स्त्रोत खोजकर बताना होगा, जो आपत्तिजनक हैं। आपत्तिजनक वे संदेश माने जाएंगे, जो भारत की सुरक्षा, शांति-व्यवस्था, कानून आदि के लिए खतरनाक हों। आजकल भारत में लगभग 45 करोड़ लोग व्हाट्साप आदि का इस्तेमाल करते हैं। इस पर आने-जानेवाले संदेशों के बारे में पूर्ण गोपनीयता का वादा किया जाता है। इस सुविधा का फायदा उठाकर आतंकवादी, चोर, विदेशी दलाल, जासूस, अपराधी, अफवाहबाज़ और नादान भोले-भंडारी लोग भी ऐसी खबरें, विचार, संदेश, दृश्य आदि भेजते रहते हैं, जिन पर प्रतिबंध न केवल तत्काल आवश्यक होता है बल्कि ऐसे लोगों को… Continue reading स्वतंत्रताः बताने की या छिपाने की?

व्हाट्सऐप की आपत्ति पर सरकार ने दिया जवाब

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के विरोध में मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। केंद्र सरकार ने तीन महीने पहले 25 फरवरी को दिशा-निर्देश जारी किए थे और सोशल मीडिया कंपनियों को तीन महीने में इसे लागू करने को कहा था। इसमें एक निर्देश यह है कि व्हाट्सऐप और उस जैसी कंपनियों को अपने मैसेजिंग ऐप पर भेजे गए मैसेज के ओरिजिन यानी सबसे पहले मैसेज कहां से शुरू हुआ, इसकी जानकारी अपने पास रखनी होगी। सरकार के इसी नियम के खिलाफ कंपनी ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस पर सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने व्हाट्सऐप के आरोपों पर जवाब दिया। मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार निजता के अधिकार का सम्मान करती है। सरकार का इसे नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है। सरकार ने किसी खास मैसेज के ओरिजिन का खुलासा करना उन्हीं मामलों में जरूरी होती है, जब किसी खास मैसेज पर रोक जरूरी हो या यौन अपराध या अश्लील सामग्री जैसे गंभीर अपराधों की जांच और सजा का मसला हो। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि एक ओर वहाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी को अनिवार्य बनाना चाहता है, जिसमें वह अपने यूजर का डाटा मूल कंपनी फेसबुक के साथ… Continue reading व्हाट्सऐप की आपत्ति पर सरकार ने दिया जवाब

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