संस्कारों वाली पार्टी की संवेदना

लगता नहीं था कि बात बात में संस्कारों की बात करने वाली पार्टी के नेता इतने संवेदनहीन हो सकते हैं, लेकिन कोरोना वायरस की महामारी ने भाजपा नेताओं के संस्कार और संवेदना दोनों की पोल खोल दी है। एक तरफ दुनिया के सभ्य देश हैं, जिन्होंने भारत में अस्पतालों में मरीजों की भीड़ और श्मशान में अंतिम संस्कार के लगी कतारों और जलती चिताओं से उठती लपटों की तस्वीरें देख कर सच्ची संवेदना दिखाई और मदद का हाथ आगे बढ़ाया। तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं, जिनको लग रहा है कि जिनकी उम्र हो गई वो तो मर ही जाएंग या जो मर गए सो मर गए उनको जिंदा तो नहीं किया जा सकता है इसलिए आंसू बहाने से क्या फायदा! सोचें, जब अमेरिका में संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा दो लाख पहुंचा था तो एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई थी, जिसमें 20 हजार खाली कुर्सियां रखी गईं। हर एक कुर्सी 10 मृतक का प्रतिनिधित्व करने वाली थी और इस तरह से राष्ट्रीय आयोजन में उनको श्रद्धांजलि दी गई। न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे अखबार ने अपने पहले पन्ने पर 20 हजार मृतकों के नाम छाप कर उनको श्रद्धांजलि दी थी। इसके उलट भारत महान के एक… Continue reading संस्कारों वाली पार्टी की संवेदना

हरियाणा को लेकर भाजपा में चिंता

उदार और खुली अर्थव्यवस्था की वकालत करने वाले अर्थशास्त्री, जो किसान आंदोलन पर सरकार का समर्थन कर रहे थे वे भी इसके विरोध में लिखने लगे हैं

मुख्यमंत्री भी अब बेधमक!

क्या मोदी राज में बनाए गए भाजपा मुख्यमंत्रियों में कोई एक भी अपने बूते प्रदेश में पार्टी को चुनाव जितवाने वाली हैसियत बना रहा है?

भाजपा का मालिक एक!

क्या सोनोवाल, मनोहर लाल खट्टर, जयराम ठाकुर, देवेंद्र फड़नवीस याकि नरेंद्र मोदी-अमित शाह के बैठाए मुख्यमंत्रियों में अपने बूते चुनाव जीतने की राजनीति, वोट जुटाने का भाजपा में फैसला संभव है?

कमजोर क्षत्रपों की मजबूत पार्टी!

भाजपा ने केंद्रीय नेतृत्व को मजबूत करने या मजबूत दिखाने की राजनीति में राज्यों में ऐसे कमजोर नेता खड़े किए, जिनमें पार्टी की वापसी कराने की क्षमता नहीं है। यह एक आत्मघाती स्थिति है, जिसका अंत नतीजा बहुत खराब हो सकता है।

एंटी इन्कंबैंसी महसूस होने लगी है

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री बदलने का फैसला मामूली नहीं है। आखिर त्रिवेंद्र सिंह रावत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुन कर मुख्यमंत्री बनाया था। उन्हें जनता ने नहीं, बल्कि पार्टी आलाकमान ने चुना था।

सीएम घोषित करके क्यों नहीं लड़ती भाजपा?

भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित करके चुनाव लड़ना छोड़ दिया है। अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व ने भाजपा ने यह परंपरा शुरू की थी।

किसानों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए

प्रदर्शनकारी किसानों ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को अंबाला में काले झंडे दिखाए, जहां वह पार्टी के महापौर और वार्ड के उम्मीदवारों के प्रचार के लिए गए थे।

खट्टर और चौटाला सबसे ज्यादा चिंतित

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसानों के आंदोलन से सबसे ज्यादा चिंता हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला है

भाजपा के 30 स्टार प्रचारक लगाएंगे बरोदा उपचुनाव में जीत के लिये जोर

भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने हरियाणा के सोनीपत जिले की बरोदा विधानसभा सीट के लिये तीन नवम्बर को होने वाले उपचुनाव के लिये मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और अनेक केंद्रीय मंत्रियों समेत 30 स्टार प्रचारकों की टीम मैदान में उतार दी है।

भूपेंद्र हुड्डा ने खट्टर को उपचुनाव लड़ने की दी चुनौती

हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आज सोनीपत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को चुनौती देते हुए

हरियाणा में अब 2400 रूपये में होगी कोरोना जांच

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस का टेस्ट अब 2400 रुपये में कराने का निर्णय लिया है

हरियाणा मंत्रिपरिषद की बैठक आज सायं छह बजे

हरियाणा मंत्रिपरिषद की बैठक मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में आज सांय छह बजे मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित की जाएगी।

दो लाख भट्ठा मजदूरों की कोई नहीं ले रहा सुध : सीटू

सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) ने आज आरोप लगाया कि कोरोना वायरस की महामारी और 24 मार्च से किये लॉकडाऊन में सरकार ने करीब दो लाख भट्ठा मजदूरों को राम भरोसे छोड़ दिया है।

मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर, कर्मियों की नियुक्ति को मंजूरी

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर प्रदेश के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर और अन्य कर्मियों

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