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Saturday, April 10, 2021
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मोदी सरकार

ब्याज दरें अगली तिमाही में घटेंगी!

छोटी बचतों पर ब्याज दरों का एक लघु ड्रामा पिछले दिनों हुआ। 31 मार्च को खबर आई कि एक अप्रैल से सारी छोटी बचतों पर ब्याज दर घटाए जाएंगे। ब्याज दरों में 0.7 से लेकर 1.1 फीसदी तक कटौती...

झारखंड पर केंद्र की मेहरबानी के मायने

पिछले दिनों सड़क परिवहन विभाग के एक कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने झारखंड के प्रति कमाल की मेहरबानी दिखाई। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा है कि केंद्र सरकार राज्य के सड़क निर्माण...

‘न्यू वेल्फेयरिज्म’ से मुक्ति बिना ना नई राजनीति, ना देश कल्याण

लेखक: सत्येंद्र रंजन पांचवें राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (एनएफएचएस- 5) के आंकड़े पिछले दिसंबर में जारी हुए, तो उनसे एक बेहद चिंताजनक तथ्य सामने आया। 2015 से 2019 के बीच दशकों में ऐसा पहली बार ऐसा हुआ कि देश में...

राहुल को अमेरिका से उम्मीद!

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भारत में आजादी व लोकतंत्र खतरे में होने और संस्थाओं पर हमले को लेकर अमेरिका की चुप्पी पर सवाल उठाया और उससे उम्मीद भी जताई। विजन ऑन डेमोक्रेसी को लेकर...

भारत की विदेश नीति खत्म!

बहुत बुरा लगा अपनी ही प्रजा पर गोलियां चलाने वाली सेना के साथ भारतीय सेना की उपस्थिति की खबर सुन कर! उफ! क्या हो गया है भारत? हम किन मूल्यों, आदर्शों और संविधान में जीते हुए हैं? जो हमारा...

कूटनीति अब घरेलू राजनीति के लिए!

देश के राजनीतिक दलों के बीच तमाम मतभेदों के बावजूद विदेश और रक्षा नीति पर एक राय होने की परंपरा रही है। नेहरू के जमाने से विदेश और रक्षा नीति के मामले में सरकार देश हित को ऊपर रखते...

विपक्ष की पूजन विधि का मुख्य पुरोहित

जब राहुल गांधी सात-आठ साल से चिल्ला रहे थे कि भारत की सियासत ने दो विचारधाराओं के संघर्ष के सबसे भीषण दौर में प्रवेश कर लिया है, तब दूसरे-तो-दूसरे, कांग्रेस की स्वयंभू विद्वत-परिषद के लोग भी उनकी बातों को...

चुनाव प्रचार ज्यादा अहम या संसद?

देश की संसद ज्यादा अहम है या राज्यों के विधानसभा चुनाव का प्रचार? संसदीय राजनीति और उस पर आधारित शासन प्रणाली में भरोसा करने वाले किसी भी समझदार व्यक्ति का जवाब यही होगा कि संसद ज्यादा अहम है, संसदीय कामकाज ज्यादा अहम हैं।

फैसला वापसी का राज़

इस सिलसिले में इस बात का उल्लेख जरूर किया जाना चाहिए कि बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती कोई एकबारगी लिया गया फैसला नहीं था। यह नीतिगत ट्रेंड है, जो वर्षों से जारी है। इस नीति का असर यह हुआ है कि बैंकों या डाक घर की बचत योजनाओं में पैसा रखना अब घाटे का सौदा हो गया है।

एसजीपी का आरएसएस पर हमला

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की आम सभा ने प्रस्ताव पास कर आरएसएस की आलोचना की। मोदी सरकार को चेतावनी दी।
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महाराष्ट्र में संपूर्ण लॉकडाउन के संकेत, सीएम उद्धव बोले- कोरोना की चेन तोड़ना जरूरी

मुंबई। कोरोना महामारी ने महाराष्ट्र में कहर बरपाते हुए सरकार की नींद उड़ा रखी है। कोरोना की रोकथाम के...
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