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भाजपा और किसानः खून-खराबा

शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों पर कोई मोटर गाड़ियाँ चढ़ा दे, उनकी जान ले ले और उन्हें घायल कर दे, ऐसा जघन्य कुकर्म तो कोई डाकू या आतंकवादी भी नहीं करना चाहेगा।

लखीमपुर खीरी हिंसा : जहां प्रियंका गांधी और अखिलेश नहीं पहुंच सके वहां कैसे पहुंच गए टिकैट, पढ़ें इनसाइड स्टोरी …

रविवार की देर रात राकेश टिकैत लखीमपुर खीरी के तिकुनिया के उस गुरुद्वारे का पहुंच गए जहां किसानों के शव रखे गए थे. किसानों की मांग…

शिवपाल और ओवैसी की मुलाकात, यूपी में नए समीकरण के संकेत

उत्तर प्रदेश में भले ही विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं। लेकिन रणनीति अभी से तैयार हो रही है। सपा, बसपा के अलावा मिशन 2022 के लिए छोटे दलों ने भी अपनी खिचड़ी पकानी शुरू कर दी है।

अखिलेश के साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं शिवपाल यादव

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया (पीएसपीएल) के प्रमुख शिवपाल यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार है। ताकि उनकी पार्टी और

सपा बनाएगी स्थानीय गठबंधन

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी देरी है। 2022 में उत्तर प्रदेश में चुनाव होगा। उससे पहले राज्य की मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी ने चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने लोकसभा का चुनाव बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के साथ मिल कर लड़ा था

मंदिर ट्रस्ट में संतों को शामिल न करना उनका अपमान : शिवपाल

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) अध्यक्ष शिवपाल यादव ने कहा है कि केन्द्र सरकार ने मंदिर निर्माण के लिये बनाये गये श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट

कई उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस

राज्यसभा के चुनाव से पहले कई उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस का माहौल है। जैसे उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के बड़े नेता रामगोपाल यादव रिटायर हो रहे हैं। राज्य में विपक्ष को एक सीट मिलने की पक्की संभावना है और वह सीट सपा को ही मिलेगी। पर सवाल है कि क्या पार्टी फिर से रामगोपाल यादव को ही राज्यसभा में भेजेगी या कोई नया चेहरा ट्राई करेगी? यह सवाल इसलिए उठा है क्योंकि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को भी राज्यसभा में भेजने की चर्चा है। हालांकि खुद अखिलेश लोकसभा सांसद हैं इसलिए कई लोग इस संभावना को खारिज कर रहे हैं। दूसरी सस्पेंस वाली सीट झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के खाते वाली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस सीट पर अपने पिता शिबू सोरेन को भेजेंगे या छोटे भाई बसंत सोरेन को? ध्यान रहे जेएमएम के संस्थापक शिबू सोरेन इस बार दुमका लोकसभा सीट से चुनाव हारे हुए हैं, जबकि बसंत सोरेन 2016 के राज्यसभा चुनाव में सहयोगी पार्टी के दो सांसदों की क्रास वोटिंग की वजह से हार गए थे। इस बार यह भी चर्चा है कि हेमंत सोरेन अपनी जीती दो में से एक विधानसभा सीट खाली करेंगे तो… Continue reading कई उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस

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