राहुल ने असम में मुफ्त बिजली का वादा किया

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने असम में वादा किया है कि राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी तो सभी परिवारों को दो सौ यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाएगी।

आसू का आंदोलन भाजपा को भारी पड़ेगा

एक तरफ ये पार्टियां हैं, जो सीएए को मुद्दा बनाए रखना चाहती हैं तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी है, जो सीएए लेकर आई है लेकिन उसे मुद्दा नहीं बनने देना चाहती है क्योंकि इससे उसे नुकसान का अंदेशा है।

राहुल समझे सीएए पर सरकार के पैंतरे को

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने असम में पार्टी के प्रदेश ईकाई के हिसाब से नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए पर बयान दिया है।

सीएए का वैक्सीनेशन से क्या लेना देना?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए चल रहा वैक्सीनेशन अभियान खत्म होने के बाद संशोधित नागरिकता कानून यानी सीएए को लागू किया जाएगा।

शाहीन बाग के फैसले पर पुनर्विचार नहीं

नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग में हुए प्रदर्शन को लेकर दिए गए फैसले पर सुप्रीम कोर्ट फिर से विचार नहीं करेगा।

विरोध का अधिकार कभी भी और हर जगह नहीं हो सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष अक्टूबर में अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में नागरिकता संशोधन कानून (सिटिजेनशिप अमेंडमेंट एक्ट – सीएए) के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी के शाहीन बाग में विरोध-प्रदर्शन को अवैध बताया था।

चुनाव तक सीएए से तौबा!

केंद्र सरकार ने सितंबर 2019 में संशोधिक नागरिकता कानून, सीएए संसद से पास कराया था और उसी महीने राष्ट्रपति ने इसे मंजूरी भी दी थी। उसके बाद करीब डेढ़ साल में केंद्र सरकार इसके नियम नहीं बना पाई है।

मोदी सरकार का एजेंडा बदल गया

दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का एजेंडा बदला हुआ है। यह बदलाव हर फैसले, हर नीति, हर बयान और सरकार के हर काम में दिख रहा है।

सीएए को लेकर भाजपा दुविधा में

भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने भले कह दिया है कि जनवरी से संशोधित नागरिकता कानून यानी सीएए बंगाल में लागू हो जाएगा।

सीएए कब से लागू होगा?

पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रभारी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि केंद्र सरकार अगले साल जनवरी में बंगाल में संशोधित नागरिकता कानून यानी सीएए लागू कर देगी।

एंटी-सीएए प्रोटेस्ट फिर

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पिछले साल हुआ जोरदार विरोध आंदोलन मार्च में कोरोना महामारी की मार की वजह से दब गया था। लेकिन उस पर लोगों के मन में मौजूद विरोध खत्म नहीं हुआ

बंगाल चुनाव से पहले सीएए के नियम!

भारत सरकार ने अभी तक संशोधित नागरिकता कानून के नियम नहीं बनाए हैं। यह कानून पास हुए एक साल हो गए। कानून पास होने के बाद पूरे देश में ऐतिहासिक आंदोलन हुआ था।

सीएए पर एनडीए में मतभेद

अब तक बिहार के चुनाव में नागरिकता संशोधन कानून, सीएए का मुद्दा नहीं बना था। चुनाव से पहले लग रहा था कि भाजपा शायद अपने सहयोगी नीतीश कुमार की वजह से इसे मुद्दा नहीं बना रही है।

सीएए विरोधी अब भाजपा में

यह कमाल की राजनीति हो रही है। कुछ समय पहले देश भर में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर आंदोलन चल रहे थे। विरोध-प्रदर्शन हो रहा था और सीएए व एनआरसी के विरोध का आंदोलन आधुनिक समय का सबसे बड़ा आंदोलन बन गया था।

सीएए और धारा 370 के बाद अब कोविड-19 बना पाठ्यक्रम का हिस्सा

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और धारा 370 को उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय अपने पाठयक्रम में शामिल करने के बाद अब यहां नए सत्र से कोविड-19

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