जज मौत मामला: CBI ने आरोपियों को चौथी बार अपनी हिरासत में लिया

न्यायाधीश उत्तम आनंद मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई ने लखन वर्मा और राहुल वर्मा को चौथी बार पूछताछ के लिए हिरासत में लिया

Mahant Narendra Giri की मौत को लेकर उनके सुरक्षाकर्मी संदेह के घेरे में, अब CBI खोलेगी असली राज

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए महंत के शिष्य स्वामी आनंद गिरि ने भी सुरक्षाकर्मियों की भूमिका को संदिग्ध बताया है और हत्या का आरोप लगाते हुए कहा है कि गुरूजी आत्महत्या नहीं कर सकते हैं।

महंत नरेंद्र गिरि की मौत की जांच करेगी सीबीआई: यूपी सरकार

विभाग ने एक ट्वीट में कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की दुखद मौत से संबंधित घटना में सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) से जांच की सिफारिश

फड़नवीस की पसंद को तरजीह

भाजपा की नई पीढ़ी के नेताओं में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस का कद लगातार बढ़ रहा है। महाराष्ट्र की राजनीति में उनको पीछे धकेलने के लिए हो रही तमाम सियासत के बावजूद उनका कद छोटा नहीं हो रहा है। पार्टी के जानकार सूत्रों का कहना है कि ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद से हो रहा है। ध्यान रहे पिछले कई बरसों से यह अटकल है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पसंद चंद्रकांत पाटिल हैं, जिनको प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि फड़नवीस प्रधानमंत्री की पसंद हैं। यह भी कहा जा रहा है कि फड़नवीस के बढ़ते कद से उद्धव ठाकरे और शरद पवार भी चिंतित हैं और उनको साइज में रखना चाहते हैं। यह भी पढ़ें: प्रियंका के ट्विट की अनदेखी! लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की वजह से फड़नवीस को साइज में रखने का अभियान सिरे नहीं चढ़ रहा है। उलटे वे अपनी पसंद के लोगों को अच्छी जगहों पर नियुक्त करा रहे हैं। भारत सरकार ने हाल में आशीष चंदोरकर को विश्व व्यापार संगठन यानी डब्लुटीओ में भारत का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया है। वे अगले तीन साल तक जिनेवा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के तौर पर तैनात रहेंगे। चंदोरकर को फड़नवीस का करीबी… Continue reading फड़नवीस की पसंद को तरजीह

भाजपा में चले गए तो डर काहे का!

केंद्रीय जांच एजेंसी, सीबीआई ने कमाल किया। सात साल पुराने एक मामले में तृणमूल कांग्रेस के दो मंत्रियों, एक विधायक और एक अन्य नेता के खिलाफ छापेमारी करके चारों को गिरफ्तार किया। जब सीबीआई की विशेष अदालत ने चारों को जमानत दे दी तो उसी दिन आधी रात को एजेंसी हाई कोर्ट में पहुंच गई, जमानत रद्द कराने और हाई कोर्ट ने भी निराश नहीं किया। सोचें, जब उच्च अदालतों का खुद का निर्देश है कि कोरोना वायरस की इस महामारी में बहुत  जरूरी हो तभी किसी को गिरफ्तार करना है, फिर भी हाई कोर्ट ने सात साल पुराने एक मामले में, चार ऐसे नेताओं की जमानत रद्द की, जो कहीं भागे नहीं जा रहे थे और जिनका इस समय गिरफ्तार होना बहुत जरूरी भी नहीं था। बहरहाल, यह कहानी की एक हिस्सा है। दूसरा हिस्सा ज्यादा दिलचस्प है। जिस नारद स्टिंग मामले में इन चार नेताओं को गिरफ्तार किया गया है उसी मामले में शुभेंदु अधिकारी और मुकुल रॉय भी आरोपी हैं। लेकिन चूंकि ये दोनों अब भारतीय जनता पार्टी में हैं इसलिए इनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब पता चला है कि इन दोनों ने इस बार चुनाव लड़ते समय दायर किए गए हलफनामे में इस… Continue reading भाजपा में चले गए तो डर काहे का!

खुद को नंगा करना

अब सीबीआई और वह जिसका ‘तोता’ है, वो अपने सारे वस्त्र उतार चुके हैँ। इसलिए एक ऐसी एकतरफा कार्रवाई हुई है, जिसके पीछे तनिक भी सही मकसद का भ्रम नहीं रहा है। ये तो जग जाहिर है कि सीबीआई के आका सियासी हार पचा नहीं पाते। तो उसका बदला वे येन-केन-प्रकारेण लेने में यकीन करते हैँ। सीबीआई चाहती तो अपने बारे में कुछ भ्रम बनाए रख सकती थी। इसके लिए उसे बस इतना करना था कि नारदा स्टिंग घोटाले में जब उसने दो मंत्रियों सहित तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को गिरफ्तार किया, तो लगे हाथ तृणमूल से भाजपा में चले गए मुकुल राय और सुभेंदु मुखर्जी को भी हिरासत में ले लेती। लेकिन अब सीबीआई और वह जिसका ‘तोता’ है, वो अपने सारे वस्त्र उतार चुके हैँ। इसलिए एक ऐसी एकतरफा कार्रवाई हुई है, जिसके पीछे तनिक भी सही मकसद का भ्रम नहीं रहा है। ये तो जग जाहिर है कि सीबीआई के आका सियासी हार पचा नहीं पाते। तो उसका बदला वे येन-केन-प्रकारेण लेने में यकीन करते हैँ। इसका खुला खेल पश्चिम बंगाल में देखने को मिला है। इसीलिए जो सरकार के कट्टर समर्थक नहीं हैं, उन्हें तृणमूल कांग्रेस के इस बयान पर यकीन करने में कोई हिचक नहीं… Continue reading खुद को नंगा करना

बंगाल का तमाशा, ध्यान भटकाने की साजिश

पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियां जो कर रहे हैं वह चुनावी हार की फ्रस्ट्रेशन के अलावा एक सुनियोजित साजिश भी है। तृणमूल नेताओं को गिरफ्तार करा कर या चुनाव बाद की हिंसा के बहाने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा करके या कोरोना वायरस के कुप्रबंधन के बहाने प्रदर्शन करके भाजपा के नेता अपनी खीज और निराशा जाहिर कर रहे हैं पर उसके साथ साथ इन सारे मुद्दों से यह उम्मीद भी कर रहे हैं कि लोगों का ध्यान बंगाल पर लगा रहेगा और लोग कोरोना वायरस के कुप्रबंधन का मुद्दा नहीं उठाएंगे। अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान अपने आप इजराइल और हमास के झगड़े की ओर चला गया और प्रतिबद्ध घरेलू मीडिया को बंगाल के काम में लगा दिया गया है। यह भी पढ़ें: नई नियुक्ति या प्रियंका होंगी संकटमोचन? यह भी पढ़ें: कांग्रेस अब विपक्ष से भी जा रही है सोचें, देश में कोरोना वायरस की महामारी चरम पर है। केसेज भले कम होते दिखाए जा रहे हैं पर अब भी अनेक राज्यों में संक्रमण की दर 10 फीसदी या उससे ऊपर है। मरने वालों की दर सर्वाधिक है। सोमवार को भी चार हजार से ज्यादा लोग मरे। पूरी दुनिया में कोरोना से 10 हजार लोग… Continue reading बंगाल का तमाशा, ध्यान भटकाने की साजिश

तृणमूल नेताओं की गिरफ्तारी पर आज सुनवाई

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के दो मंत्रियों, एक तृणमूल विधायक और एक अन्य नेता की गिरफ्तारी के मामले में बुधवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। नारद स्टिंग ऑपरेशन के मामले में सीबीआई ने इन चारों नेताओं को सोमवार को गिरफ्तार किया था। इनकी गिरफ्तारी को लेकर सोमवार को दिन भर और देर रात तक ड्रामा चलता रहा था। सीबीआई की विशेष अदालत ने इन चारों को जमानत दे दी थी लेकिन सीबीआई ने हाई कोर्ट जाकर आधी रात को इनकी जमानत रद्द कराई और गिरफ्तार किया। हाई कोर्ट से जमानत रद्द होने और गिरफ्तार किए जाने के बाद तीन नेताओं ने तबियत खराब होने की बात कही, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भरती कराया गया। तीन नेताओं- सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और सोवन चटर्जी को एसएसकेएम अस्पताल में भरती कराया गया है। चौथे नेता और राज्य सरकार के मंत्री फिरहाद हाकिम प्रेसीडेंसी जेल में ही हैं। इन चारों की ओर से दायर याचिका पर चीफ जस्टिस राजेश बिंदल की बेंच बुधवार को सुनवाई करेगी। इससे पहले करीब पांच साल पुराने इस मामले में सोमवार को सीबीआई ने ममता सरकार के दो मंत्रियों- फिरहाद हाकिम और सुब्रत मुखर्जी, पार्टी विधायक मदन मित्रा और एक अन्य नेता… Continue reading तृणमूल नेताओं की गिरफ्तारी पर आज सुनवाई

बंगाल में टकराव चलता रहेगा

भाजपा के दोनों नेताओं को उम्मीद थी कि वे इससे ज्यादा हिंदू को भाजपा के साथ जोड़ देंगे। इसमें दोनों फेल हो गए। पश्चिम बंगाल में कुल मतदाताओं की संख्या सात करोड़ 33 लाख है, जिसमें से 81 फीसदी यानी छह करोड़ ने वोट डाले। सामान्य गणित के हिसाब से इसमें एक करोड़ 80 लाख के करीब मुस्लिम वोट थे और चार करोड़ 20 लाख हिंदू वोट थे। भाजपा को कुल दो करोड़ 28 लाख वोट मिले हैं। अगर ये सारे हिंदू वोट हैं तो इसका मतलब है कि भाजपा को 53 फीसदी हिंदुओं ने वोट दिया। यानी लगभग आधे हिंदू वोट भाजपा के खिलाफ गए। आगे की चिंता यह है कि अगर बंगाल में ऐसे ही ध्रुवीकरण हुआ और ममता अगले लोकसभा चुनाव में इसी तरह अस्मिता का दांव सफलतापूर्वक खेलती हैं तो भाजपा को बंगाल में अपनी जीती सभी 18 लोकसभा सीटों का नुकसान हो सकता है। इस चिंता में यह रणनीति बनी दिख रही है कि ममता को चैन नहीं लेने देना है। पश्चिम बंगाल की हार भारतीय जनता पार्टी, खास कर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को बहुत बुरी लगी है। कहां तो दो सौ से ज्यादा सीटें जीतने का दावा था और कहां पार्टी 77… Continue reading बंगाल में टकराव चलता रहेगा

CBI के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा का निधन, 1974 बैच के रह चुके है IPS

नई दिल्ली| केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा (Ranjit Sinha) का आज सुबह निधन हो गया है। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। सीबीआई (CBI) के एक सूत्र ने बताया कि 1974 बैच के आईपीएस (IPS) अधिकारी रंजीत सिन्हा (Ranjit Sinha) ने आज तड़के करीब 4 बजे अपने आवास पर अंतिम सांस ली। हालांकि, उनकी मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है। 1974 बैच के आईपीएस अधिकारी सिन्हा (Ranjit Sinha) साल 2012 के दिसंबर से 2014 के दिसंबर तक सीबीआई प्रमुख रहे। सिन्हा ने अपने जीवन काल में विभिन्न वरिष्ठ पदों को संभाला है, जिसमें आईटीबीपी के महानिदेशक का पद भी शामिल है। इसे भी पढ़ें – Corona से भयावह हालात : श्मसान घाट में शव रखने को जगह नहीं, बैठने की जगह चिता, प्लास्टिक शेड भी जलकर खाक

न्यायः द टीज़र…..सुंशात की मौत पर बनी फिल्म खोलेगी मौत के राज़

सुशात सिंह राजपूत की मौत को शायद ही कोई भूला होगा. सुशात सिंह राजपूत की मौत को एक साल होने को हैं. सुशांत के फैंस अभी तक इस सदमें से बाहर नहीं आए है। सोशल मीडिया पर रोज कोई ना कोई सुशांत के नाम का हैशटेग ट्रेंड करता हुआ मिल ही जाता है. सुशांत के परिवार वाले और फैंस आज भी न्याय की मांग कर रहे हैं. लेकिन अब जल्द ही सुशांत सिंह की डेथ मिस्ट्री से पर्दा उठने वाला है. सुशात सिंह राजपूत की मौत पर एक फिल्म बना दी गई है. सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि सीबीआई का काम यह फिल्म कर देगी. फिल्म का टीज़र भी रिलीज़ कर दिया गया है. इस बात का मेकर्स ने क्लेम नहीं किया है. लेकिन टीज़र देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है. यह भी पढ़ें Sonakshi Sinha ने कहा, सेलिब्रिटी होने के नाते हम समाज में बदलाव ला सकते हैं ‘न्याय : द जस्टिस’ फिल्म में सुशांत के किरदार का नाम महेंद्र है और इस फिल्म में सुशांत का रोल जुबेर खान अदा करेंगे। वहीं टीजर में सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती भी दिखी हैं। मेकर्स ने इस फिल्म में रिया को उर्वशी का नाम दिया है और इस… Continue reading न्यायः द टीज़र…..सुंशात की मौत पर बनी फिल्म खोलेगी मौत के राज़

Maharasthra Police वसूली रैकेट मामले में आया एनकाउंटर किंग प्रदीप शर्मा का भी नाम, NIA ने की पूछताछ, वाझे से बार—बार क्यों मिले?

मुंबई | महाराष्ट्र पुलिस वसूली रैकेट मामले में तीन सौ से अधिक अपराधियों को खत्म करके एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से प्रसिद्ध पूर्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रदीप शर्मा का नाम भी जुड़ा है। एनआईए ने इस मामले में एनकाउंटर किंग शर्मा से लम्बी पूछताछ की है। उनसे पूछा ​गया है कि वे सचिन वाझे से बार—बार क्यों मिल रहे थे। आपको बता दें कि प्रदीप शर्मा शिवसेना के टिकट पर 2019 का चुनाव भी लड़ चुके हैं। सचिन वाझे उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास विस्फोटकों से लदी एसयूवी स्कॉर्पियो और उसके मालिक मनसुख हीरेन की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है। प्रदीप शर्मा, जिनके काम पर कई फिल्में बॉलीवुड में बन चुकी हैं, जिनमें ‘अब तक छप्पन’, ‘सत्या’, ‘कंपनी’ सहित अन्य फिल्में शामिल हैं। सचिन वाजे की ओर से पुलिस मुठभेड़ों में 63 बदमाशों को एनकाउंटर करने का दावा किया जाता है, जबकि प्रदीप शर्मा के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने अपने 35 वर्ष के पुलिस कैरियर में 300 से अधिक अपराधियों को मौत की नींद सुला दिया था। यही नहीं प्रदीप शर्मा को उनकी टीम के सदस्य ‘एनकाउंटर किंग’ भी कहते हैं। अब शर्मा का इस केस में नाम आने के बाद… Continue reading Maharasthra Police वसूली रैकेट मामले में आया एनकाउंटर किंग प्रदीप शर्मा का भी नाम, NIA ने की पूछताछ, वाझे से बार—बार क्यों मिले?

Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh ने उद्धव ठाकरे को सौंपा इस्तीफा, High Court ने दिए थे CBI जांच के आदेश

मुम्बई । महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh) ने अपने पद से इस्तीफा (Resign) दे दिया है। उन पर सौ करोड़ की वसूली मामले में आरोप लगे थे। इसके बाद बोम्बे हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे और पन्द्रह दिन में प्राथमिक जांच पूरी करने की बात कही। पूर्व सीएम देवेन्द्र फड़नवीस ने उनसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की थी। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में देशमुख ने लिखा कि उन पर सीबीआई जांच उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रारंभ की गई है। इसलिए नैतिकता की दृष्टि से वे इस पद पर नहीं रह सकते। इसके चलते वे इस्तीफा दे रहे हैं। दिलीप पाटिल बन सकते हैं नए गृहमंत्री सूत्रों का कहना है कि नए गृहमंत्री के तौर पर दिलीप वलसे पाटिल को शपथ दिलाई जा सकती है। बॉम्बे हाई कोर्ट की ओर से गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई को प्रारंभिक जांच करने का आदेश दिए जाने के बाद राकांपा के मुखिया शरद पवार के घर बैठक के बाद यह फैसला किया गया। इस इस्तीफ के बाद महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चीफ शरद पवार और डिप्टी सीएम अजित… Continue reading Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh ने उद्धव ठाकरे को सौंपा इस्तीफा, High Court ने दिए थे CBI जांच के आदेश

Bombay High Court ने कहा गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए आरोप गंभीर, CBI जांच करे, EX CM देवेन्द्र फड़नवीस बोले इस्तीफा दो

मुंबई | महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख (Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh) पर लगाए आरोपों की जांच अब केन्द्रीय अन्वेष्ण ब्यूरो (CBI) करेगी। इस बाबत बोम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) की ओर से आदेश देते हुए कहा गया है कि वह पन्द्रह दिनों में प्राथमिक जांच पूरी कर रिपोर्ट दे और अनिल देशमुख पर लगाए आरोपों की सत्यता जांचे। न्यायालय ने कहा कि देशमुख राज्य के गृहमंत्री हैं। ऐसे में महाराष्ट्र पुलिस की ओर से निष्पक्ष जांच होने की संभावना कम है। इसी शुरूआती जांच के आधार पर तय होगा कि अनिल देशमुख पर मुकदमा चलेगा या नहीं। इधर पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस (Ex Chief Minister Devendra Fadanvis) ने होम मिनिस्टर अनिल देशमुख से पद से इस्तीफा देने को भी कहा है। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी.एस. कुलकर्णी की खंडपीठ ने 31 मार्च को सिंह की याचिका और इस मुद्दे से जुड़ी कुछ अन्य जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद अपने आदेश सुरक्षित रख लिए थे। इस आदेश के बाद भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे गृह मंत्री अनिल देशमुख को बॉम्बे हाई कोर्ट से करारा झटका लगा है। अधिवक्ता जयश्री पाटिल की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया। आपको याद… Continue reading Bombay High Court ने कहा गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए आरोप गंभीर, CBI जांच करे, EX CM देवेन्द्र फड़नवीस बोले इस्तीफा दो

संघीय व्यवस्था में अभूतपूर्व टकराव

केंद्र सरकार जिस तरीके से और जिस रफ्तार से अपनी विरोधी पार्टियों और उनकी सरकारों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है वह अभूतपूर्व है

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