बुद्धि नहीं सुधारेंगे तो नहीं बनेंगे!

मैं भारत और हिंदू पर विचारते हुए थका हूं! पर थकावट क्योंकि हर रोज देश-दुनिया की…

सात्विक से तामसी बुद्धि का सफर

लाख टके का सवाल है हम हिंदुओं की बुद्धि क्या पहले भी वैसी थी जैसी आज…

अंधे हैं लेकिन पता नहीं अंधे हैं!

भारत की समस्या हिंदू हैं। हिंदू की समस्या बुद्धि है। बुद्धि की समस्या गुलामी से बनी…

पृथ्वी के लोग और चीन का मौका!

कभी क्या सोचा कि महामारी के तांडव के वक्त में “ब्लैक लाइव्स मैटर” क्यों इतना फैला?…

इंसान को जानवर बनाने के जतन!

सन 2020-21 का लम्हा इंसान को जानवर की मौत मार रहाहै। तभी जीने का तौर-तरीका बदल…

लंदनः समझदारी की पाठशाला

जिंदगी को समझने और जीने की अपनी तीसरी लोकेशन लंदन है। मैं जनसत्ता की तरफ से…

दिल्ली की चौखटः मेरा और भारत का सार!

लोग मेरा अहोभाग्य कहेंगे जो मैं देश की चौखट दिल्ली में रहा। हां, दिल्ली का एक…

भोपालगंज

जिंदगी लोकेशन और पात्रों की भीड़ लिए होती है। आपकी भी होगी। अपनी लोकेशन को याद…

गर्मी में लगी जो बुरी लत!

मेरा लिखना, पढ़ने की बुरी लत से है! मतलब बचपन की बुरी लत से मैं बना…

छोटी बातों का यादगार वक्त

यदि इंसान के वश में वक्त विशेष को लौटाना, उसमें दोबारा जीना संभव होता तो वह…

खूंटे, रिश्ते और आजादी

‘मैं’, ‘मैं’ हूं! ‘मैं’ अकेला! खाली हाथ आए थे खाली हाथ जाएंगे। लेकिन जिंदगी तो प्राप्त…

‘मां’ और मन्नत

मेरा अपनी जिया (मां) से अनुभव है कि मां ताउम्र भगवानजी से प्रार्थना करते हुए जिंदगी…