Air India crisis

  • एयर में संकटग्रस्त इंडिया

    खबरों के मुताबिक एयर इंडिया उड़ानों में कटौती, ऑर्डर दिए विमानों की डिलीवरी लेने में देर, और विस्तार योजनाओं पर विराम लगाने जा रही है। इस बीच उसकी सेवाओं की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। घाटे की दलील देकर दशकों से एयर इंडिया के निजीकरण के पक्ष में माहौल बनाया गया। कहा जाता था कि नौकरशाहों के अकुशल प्रबंधन और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण करदाताओं के हजारों करोड़ रुपए डूबाए गए हैं। आखिरकार इन तर्कों की जीत हुई। 2022 में नरेंद्र मोदी सरकार ने एयर इंडिया को टाटा ग्रुप को सौंप दिया। मगर अब हाल यह है कि...