यूरोप की बेचारगी
ग्रीनलैंड मामले में हकीकत यह है कि सब कुछ डॉनल्ड ट्रंप पर निर्भर है। अगर उनके अमेरिका फर्स्ट की सोच में अपने सहयोगी देशों को निगलना भी शामिल है, तो फिर उन्हें कैसे रोका जाएगा, यह साफ नहीं है। ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने के डॉनल्ड ट्रंप के जुनून से यूरोप में गुस्सा तो फैला है, लेकिन एक किस्म की लाचारी का अहसास भी वहां है। यूरोपीय नेता जानते हैं कि ट्रंप अपने इरादे पर अड़े रहे, तो उन्हें रोकना आसान नहीं होगा। इसलिए आठ यूरोपीय देशों के नेताओं के डेनमार्क से एकजुटता जताने और यूरोप-अमेरिका के संबंधों पर खराब...