तभी अमेरिकी लोकतंत्र है बेजोड़ निर्भयता-बुद्धि का असली विश्वगुरु
देश-सभ्यता विशेष को व्यक्ति विशेष कितना तबाह कर देता है और संविधान, सुप्रीम कोर्ट कैसे देश बचाने की ढाल बनते हैं, इसका प्रमाण आज अमेरिका है। उस नाते अमेरिका के ढाई सौ साल और भारत की स्वतंत्रता, संविधान के आठ दशकों का क्या फर्क है? भारत ने कुछ ही दशकों में संविधान से सरकार को ‘हम भारत के लोग’ का माईबाप बना दिया। संस्थाएं बिना रीढ़ की हो गईं। नतीजतन 140 करोड़ लोग खैरात से भय, भूख, भक्ति की जिंदगी जी रहे हैं। ठीक विपरीत ढाई सौ साल पुराने अमेरिकी संविधान को खंगालें तो एकमात्र डोनाल्ड ट्रंप वह राष्ट्रपति हैं,...