Anti-defection law

  • दलबदल कानून मजाक बन गया है

    भारत में दलबदल कानून पर नए सिरे से विचार की जरुरत है। 1985 में बने और उसके बाद कई बार संशोधित और अदालती आदेशों से परिमार्जित हुए इस कानून के रहते जिस तरह से विधायक और सांसद पार्टी बदल रहे हैं उससे तो लग रहा है कि यह कानून पूरी तरह से बेअसर है। इसलिए या तो इसे समाप्त कर देना चाहिए और 1985 से पहले वाली व्यवस्था बहाल कर देनी चाहिए या फिर कानून को नए सिरे से परिभाषित करके उसे ऐसा रूप देना चाहिए कि सचमुच विधायकों और सांसदों को पार्टी बदलने या पार्टी तोड़ने से रोका जा...

  • कानून पर बट्टा?

    एक व्याख्या के मुताबिक अन्य पार्टी में विलय से पहले निकले गुट के लिए खुद को असली पार्टी साबित करना अनिवार्य है। संसदीय दल मूल पार्टी का सिर्फ एक हिस्सा होता है। ‘आप’ के सांगठनिक ढांचे में कोई विभाजन नहीं हुआ है। आम आदमी पार्टी (‘आप’) के सात राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में मिलने की प्रक्रिया को जिस तेजी से सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मंजूरी दी, उससे दल-बदल विरोधी कानून की साख पर गहरा बट्टा लगा है। ऐसे कुछ तकनीकी सवाल हैं, जिनकी इस निर्णय से पहले गंभीर परीक्षण की जरूरत थी। सात की संख्या सदन में दो तिहाई सदस्यों...

  • सुप्रीम कोर्ट ने एक मौका दिया है

    तेलंगाना की मुख्य विपक्षी पार्टी भारत राष्ट्र समिति के 10 विधायकों के पाला बदल कर कांग्रेस में जाने के मामले में विधानसभा के स्पीकर के सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि स्पीकर इन विधायकों की अयोग्यता के मामले में तीन महीने के अंदर फैसला करें। असल में इस मामले के एक साल से ज्यादा हो गए हैं। नवंबर 2023 में तेलंगाना में विधानसभा चुनाव हुए थे और कांग्रेस पार्टी ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया था। चुनाव के थोड़े दिन के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी भारत राष्ट्र समिति के विधायकों के...