उबलता हुआ हिंदी विरोध
विभागीय हिंदी परीक्षा कोई नई योजना नहीं है। इसकी शुरुआत महाराष्ट्र के गठन से पहले हुई थी। 1960 में महाराष्ट्र बनने के बाद भी इसे जारी रखा गया। लेकिन अब आकर इस पर विवाद खड़ा हुआ है। महाराष्ट्र में हिंदी विरोधी सियासत बेलगाम हो गई है। इस महीने से मराठी ना लिख-बोल सकने वाले टैक्सी/ ऑटो ड्राइवरों पर रोक लगाने के बाद अब वहां सरकारी कर्मचारियों के लिए हिंदी की विभागीय परीक्षा को स्थगित करना पड़ा है। इसके पहले त्रिभाषा फॉर्मूले के तहत हिंदी पढ़ाने की योजना दफ़न कर दी गई थी। सार्वजनिक जगहों पर मराठी ना बोलने वाले लोगों...