रिलायंस का बाजार पूंजीकरण 14 लाख करोड़ रुपये के पार

एशिया के सबसे अमीर मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों ने आज शेयर बाजारों में कारोबार की शुरुआत से ही लंबी छंलाग भरी और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 14 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया।

आजादपुर मंडी 21 अप्रैल से चौबीसों घंटे खुली रहेगी

दिल्ली सरकार ने आज घोषणा की कि फलों व सब्जियों की एशिया की सबसे बड़ी आजादपुर मंडी कल से 24 घंटे खुली रहेगी।

एशिया की विकास दर शून्य हो सकती

कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल एशिया की आर्थिक वृद्धि दर शून्य रह सकती है। यदि ऐसा हुआ तो यह पिछले 60 साल का सबसे बुरा प्रदर्शन होगा।

ईरान में 4,747 मामलों के बीच वायरस से 124 लोगों की मौत

ईरान ने शुक्रवार को कहा कि देश में कोरोना वायरस की वजह से 124 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 4,747 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।

बुरे से कुरूप होते जाने की कहानी!

भारत आखिर किस दिशा में जा रहा है? आने वाले अगले दशक में भारत की क्या कहानी होगी? क्या हम गरजते हुए नजर आएंगे या हकलाते हुए? क्या हम तेज विकास की और बढ़ेंगे या पतन की खाई में गिरेंगे? जिस जोरदार संख्याबल से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने क्या वे उसे काम का साबित कर पाएगें? क्या मोदी दुनिया के उन नेताओं की जमात में तो शामिल नहीं होंगे जो नेक इरादे से सत्ता में आए थे लेकिन अपने ही बनाए राजनीति के भंवर में फंसते चले गए? जैसे-जैसे हम नए साल में प्रवेश कर रहे है वैसे-वैसे ये सवाल भी जरूरी होते जा रहे हंै! मेरे जहन में ये सवाल इसलिए बेचैनी बनाए हुए हंै क्योंकि मैं अभी विदेश हो कर आई हूं। मैं ज्यादा घूमी और रही योरोप व ब्रिटेन में हूं। वहां पढ़ाई भी की है। वहां रहते हुए भारत कभी वैसी प्रगति, वैसा विकास पा सकेगा यह जहन में कल्पना नहीं होती थी। उस वैभव को छू पाना संभव नहीं लगा। मगर हाल में पूर्व एशिया के छोटे-छोटे देशों में घूमना हुआ। पहले विएतनाम और कंपूचिया और हाल में सिंगापुर व मलेशिया तो यह बैचेनी बन गई है कि हमारे लिए तो इन देशों जैसा होना… Continue reading बुरे से कुरूप होते जाने की कहानी!

एशिया के जल मीनर पर जोखिम बढ़ा

बीजिंग। छिंगहाई-तिब्बत वैज्ञानिक अनुसंधान दल ने पेइचिंग में एशियाई जल मीनर के परिवर्तन व प्रभाव की वैज्ञानिक अनुसंधान रिपोर्ट जारी की। एशियाई जल मीनर विश्व की अहम जल मीनर है, जिसके जोखिम पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। हाल में छिंगहाई-तिब्बत वैज्ञानिक अनुसंधान दल ने एशियाई जल मीनर का दूसरा सर्वेक्षण दौरा किया और आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली की स्थापना की, जिससे आपदा की रोकथाम के लिए कारगर तकनीक गारंटी प्रदान की गई है। दक्षिण पश्चिम चीन में स्थित छिंगहाई-तिब्बत पठार अंटार्कटिक और आर्कटिक के अलावा सब से अधिक बर्फ का भंडार होने वाला क्षेत्र है, जो एशिया की दसेक बड़ी नदियों का उद्गम स्थल है, जिसे एशियाई जल मीनर माना जाता है। इस का परिवर्तन चीन और बेल्ट एंड रोड से जुड़े देशों के 2 अरब से अधिक आबादी के अस्तित्व व विकास से संबंधित है। इस बार का सर्वेक्षण 2017 में शुरू हुआ था। सर्वेक्षण परिणाम के मुताबिक, सिंधु नदी, तालिमू नदी, गंगा- यारलुंग त्संगपो नदी आदि पांच नदियां विश्व की पहले पांच कमजोर पारिस्थितिकी स्थिति होने वाली नदियों में शामिल हैं, जबकि सिंधु नदी की स्थिति सब से कमजोर है। अनुमान है कि 2050 तक सिंधु नदी के जल क्षेत्र में आबादी में 50 प्रतिशत की… Continue reading एशिया के जल मीनर पर जोखिम बढ़ा

विकास के दक्षिण कोरियाई मॉडल पर काम कर सकती है मोदी सरकार

नई दिल्ली। एशिया में प्रौद्योगिकी और औद्योगिक तौर पर बेहद संपन्न तथा रणनीतिक लिहाज से भारत के लिए बेहद अहम स्थान रखने वाले दक्षिण कोरिया से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) काफी प्रभावित है। अब भाजपा इस देश की समूची विकास यात्रा से लेकर वहां के मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक तंत्र पर समग्र रिपोर्ट तैयार कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को सौंपने की तैयारी में है। किस कदर तमाम विपरीत परिस्थितियों में भी दक्षिण कोरिया अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में सफल हुआ है, यह रिपोर्ट इसी पर केंद्रित होगी। दक्षिण कोरिया के सप्ताह भर लंबे दौरे से लौटे भाजपा के शीर्ष नेताओं का प्रतिनिधिमंडल यह देखकर प्रभावित रहा है कि वहां के स्कूलों में आज भी रविंद्रनाथ टैगोर की कविता ‘लैंप ऑफ द ईस्ट’ पढ़ाई जाती है। टैगोर का नाम सुनते ही दक्षिण कोरिया के लोग भावुक हो उठते हैं। खास बात यह है कि टैगोर कभी दक्षिण कोरिया नहीं गए, मगर उन्होंने वहां के उत्थान के बारे में चंद लाइनों में ऐसी कविता रच दी, जो वहां जन-जन की जुबान पर है। जपा के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पी. मुरलीधर राव ने आईएएनएस को बताया दौरे पर गए प्रतिनिधिमंडल… Continue reading विकास के दक्षिण कोरियाई मॉडल पर काम कर सकती है मोदी सरकार

विश्व बैंक ने भी कहा विकास घटेगा

भारतीय रिजर्व बैंक और वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज के बाद अब विश्व बैंक ने भी भारत के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की विकास दर का अनुमान कम कर दिया है।

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