कोई समान संदेश नहीं
तीनों उपचुनावों में किसी समान सूत्र की तलाश करना संभव नहीं है। बल्कि यह कहना ज्यादा ठीक होगा कि उपचुनाव स्थानीय सवालों और समीकरणों पर लड़े गए और उनके नतीजे उन मुद्दों से ही तय हुए। बिहार के बांकीपुर और मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव नतीजों में ‘कॉकरोच’ आंदोलन का असर ढूंढने का लालच होना अपनी जगह ठीक है, लेकिन फिलहाल ऐसे किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मुमकिन है कि युवा मतदाताओं का एक हिस्सा जंतर-मंतर और 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान जो हुआ, उससे प्रभावित हुआ हो। लेकिन इन नतीजों का विश्लेषण करते वक्त चुनावी...