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कांग्रेस और भाजपा को विधायकों को एकजुट रखने की चुनौती

राजस्थान में विधानसभा का सत्र बुलाने की राज्यपाल की अनुमति के बाद कांग्रेस और भाजपा को अपने विधायकों के एकजुट रहने की चुनौती है।

31 जुलाई को सत्र बुलाने पर अड़ी सरकार

 राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने विधानसभा सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल कलराज मिश्र की ओर से 21 दिन के नोटिस की सत्र को मानने से इनकार कर दिया है।

गहलोत सरकार राज्यपाल द्वारा मांगे गए बिन्दुओं का जवाब जल्द भेजेगी

राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार द्वारा विधानसभा सत्र बुलाने के बारे में राज्यपाल द्वारा मांगे गए बिन्दुओं पर जवाब का प्रस्ताव जल्द राज्यपाल को भेजा जाएगा।

राज्यपाल ने सत्र पर रखी शर्तें

राजस्थान विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए राज्य सरकार की ओर से भेजा गया दूसरा प्रस्ताव भी राज्यपाल कलराज मिश्र को मंजूर नहीं है। उन्होंने अब राज्य सरकार से नया प्रस्ताव देने को कहा है।

राजस्थान में विधानसभा सत्र का आयोजन नहीं, राज्यपाल ने लौटाई फाइल

राजस्थान में राज्यपाल और अशोक गहलोत सरकार के बीच विरोध अभी भी जारी है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राज्य सरकार द्वारा भेजे गए

राज्यपाल से फिर सत्र बुलाने को कहा

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल को एक नया प्रस्ताव भेजा है। इसमें मुख्यमंत्री गहलोत ने 31 जुलाई को विधानसभा का सत्र बुलाने का प्रस्ताव दिया है।

विधानसभा सत्र बुलाने के मुद्दे पर गरमाई राजनीति

राजस्थान में विधानसभा सत्र बुलाने के मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राजभवन में दिये गये धरने के कारण राज्यपाल ने मंत्रिमंडल

सत्र बुलाने के आश्वासन के बाद कांग्रेस विधायकों का धरना समाप्त

राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कुछ महत्वपूर्ण बिंंदुओं पर जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस विधायकों को विधानसभा का सत्र बुलाने का आश्वासन दिया

राज्य के पास विधान परिषद खत्म करने की शक्ति नहीं : तेदेपा

अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार या विधानसभा के पास विधान परिषद को खत्म करने की कोई शक्ति नहीं है और यह निर्णय केंद्र पर निर्भर करेगा। तेदेपा ने विधानसभा सत्र से दूर रहने का फैसला किया है। पार्टी ने कहा कि प्रस्ताव कैबिनेट में पारित किया गया और परिषद में पेश किया है, जोकि महज एक प्रस्ताव है। राज्य की विधान परिषद में तेदेपा नेता और पूर्व मंत्री वाई. रामकृष्णुडू ने संवाददाताओं से कहा अगर विधानसभा ने प्रस्ताव पारित कर दिया है तो भी यह महज प्रस्ताव ही होगा। केवल संसद को ही परिषद को खत्म करने का अधिकार है। उन्होंने परिषद को समाप्त करने के वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के फैसले को सबसे अलोकतांत्रिक और अवैध कदम करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार यह केवल इसलिए कर रही है, क्योंकि उसके पास उच्च सदन में बहुमत का अभाव है और परिषद के अध्यक्ष ने तीन राजधानियों के विधेयक को एक प्रवर (सेलेक्ट) समिति को भेज दिया है। इसे भी पढ़ें : आंध्र मंत्रिमंडल ने विधान परिषद खत्म करने के विधेयक को मंजूरी दी रामकृष्णुडू ने कहा कि परिषद को समाप्त करने की प्रक्रिया लंबी होगी।… Continue reading राज्य के पास विधान परिषद खत्म करने की शक्ति नहीं : तेदेपा

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