आजादी के नारे लगे तो देशद्रोह!
पिछले 10 साल में आजादी को लेकर चले विमर्श का एक पहलू यह भी है कि आज अगर आजादी की बात होती है तो उसे देशद्रोह मान लिया जाता है। याद करें कि जेएनयू के आंदोलन को, जिसमें तब के जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र इकट्ठा होकर आजादी के नारे लगा रहे थे और वहीं से टुकड़े टुकड़े गैंग का जुमला निकला था। कन्हैया सहित अनेक लोग गिरफ्तार किए गए थे। उसके बाद से जेएनयू को टुकड़े टुकड़े गैंग का अड्डा माना जाने लगा था। एक बार छात्रों के आंदोलन के...