पाकिस्तान से अमेरिका की नाराजगी

अमेरिका इस समय चीन के साथ साथ पाकिस्तान पर भी बुरी तरह से नाराज है।

प्रतिबद्ध मीडिया ने खुद ही खोली पोल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बार की अमेरिका यात्रा में उत्साह नहीं दिख रहा है। न अमेरिका के अखबारों में इसकी चर्चा है और न सड़कों पर धमाल मच रहा है।

ईसा के नाम पर कैसा जुल्म ?

अमेरिका और कनाडा दुनिया के सबसे अधिक सभ्य और मालदार देश माने जाते हैं। दुनिया के ईसाई भी उन पर गर्व करते हैं लेकिन कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत से एक ऐसी खबर आई है, जो रोंगटे खड़े तो कर ही देती है, वह ईसाइयत और अमेरिकी सभ्यता पर कालिख भी पोत देती है। इस प्रांत में 19 वीं सदी के उत्तरार्ध से 20 वीं सदी के उत्तरार्ध तक एक ऐसा स्कूल चलता रहा, जिसके कब्रिस्तान में 215 छात्रों के शव मिले हैं। इनमें तीन-तीन साल के बच्चे भी थे। इन शवों को एक नई तकनीक के द्वारा खोजा गया है। ये बच्चे कौन थे और ये क्यों मर गए थे ? बच्चों के स्कूल-परिसर में कब्रिस्तान की जरुरत क्यों थी ? ये बच्चे कनाडा के आदिवासियों के थे। यह भी पढ़ें: हिंदी पत्रकारिता दिवस पर बधाई जब यूरोप के गोरे अमेरिकी महाद्वीप में गए तो उन्होंने वहां के आदिवासियों की ज़मीनों पर कब्जा तो किया ही, उन्हें खत्म करने की भी कोशिश की। उनके बच्चों को जबर्दस्ती अपने स्कूलों में भर्ती करने और उन्हें छात्रावासों में रहने के लिए मजबूर किया जाता था। उन स्कूलों का नाम अक्सर ‘इंडियन’ स्कूल हुआ करता था। अमेरिका में अब भी वहां के… Continue reading ईसा के नाम पर कैसा जुल्म ?

वाशिंगटन में हिंसा को ट्रंप ने उकसाया: ओबामा

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन नवंबर के चुनाव परिणाम के बारे में लगातार झूठ बोला है और बुधवार को वाशिंगटन में राजधानी इमारत में हिंसा को उकसाया है।

ओबामा और राहुल

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के संस्मरण ‘ए प्रोमिज्ड लेंड’ नामक पुस्तक में भारत संस्मरण प्रकाशित हुए हैं। इस पुस्तक के पहले भाग में उन्होंने अपनी 2010 की पहली भारत-यात्रा का वर्णन किया है।

ओबामा ने मलेशिया में युवा नेताओं को संबोधित किया

कुआलालंपुर। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शुक्रवार को अपने फाउंडेशन द्वारा आयोजित सत्र में युवा नेताओं को संबोधित किया। समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के मुताबिक, शीर्षक ‘हाउ द एशिया-पैसफिक शेप्ड अस’ में पूर्व राष्ट्रपति व उनकी सतौली बहन माया सोटोरो-एनजी ने इंडोनेशिया व हवाई के अपने बचपन के बारे में बताया। ओबामा ने कहा इसने मुझे समझ दी कि लोग कैसे संघर्ष कर सकते हैं, क्योंकि जब मैं 1967 में इंडोनेशिया गया था, तब इंडोनेशिया राजनीतिक उथल-पुथल से गुजर रहा था और देश काफी पिछड़ा हुआ था, गरीबी ज्यादा थी। उन्होंने कहा वहां काफी संपदा थी और आप देख सकते है कि कैसे समाज बहुत कुछ किसी को देता है। इस सम्मेलन में एशिया-पैसेफिक के 22 देशों से 200 उभरते हुए नेताओं ने भाग लिया। इसे भी पढ़ें : कमलनाथ होंगे दिल्ली में ‘भारत बचाओ रैली’ में शामिल यह कार्यक्रम मंगलवार को शुरू हुआ और इसमें कार्यशाला, नेतृत्व विकास सत्र व सामुदायिक सेवा परियोजनाएं शामिल रहीं। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें बाते करने से ज्यादा सुनने पर जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग विभाजनकारी मुद्दों पर अपने विचार बदल देते हैं, अगर उन्हें लगता है कि उन्हें सुना जा रहा है।

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