किसान महापंचायत से लेफ्ट नेता नाराज

किसान संगठनों की इस राजनीति से वामपंथी नेता खासे परेशान हैं। उनको इस बात की भी नाराजगी है कि किसान आंदोलन को सफल बनाने के लिए उन्होंने इतनी मेहनत की।

बंगाल में टिकैत की महापंचायत

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत कोलकाता और नंदीग्राम का दौरा करेंगे। वे बंगाल में भाजपा को हराने की अपील करने वाले हैं।

बंगाल पर ऐसी मेहरबानी क्यों?

केंद्रीय चुनाव आयोग ने कमाल किया। उसने 234 विधानसभा सीट वाले तमिलनाडु में तो एक चरण में छह अप्रैल को मतदान कराने का फैसला किया

कांग्रेस और लेफ्ट में एक राय नहीं

पश्चिम बंगाल की रणनीति को लेकर कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों के बीच एक राय नहीं है। जानकार सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की प्राथमिकता किसी तरह से भाजपा को रोकने की है तो लेफ्ट पार्टियों की प्राथमिकता किसी तरह से ममता बनर्जी को हराने की है।

एक अदद चेहरे की तलाश में भाजपा

भारतीय जनता पार्टी को पश्चिम बंगाल में एक अदद चेहरे की तलाश है, जिस पर दांव लगा कर पार्टी चुनाव मैदान में उतर सके।

चुनाव से पहले बंगाल में माइंडगेम

चुनावी राजनीति दूसरे किसी भी खेल की तरह माइंडगेम है, इस बात को अमित शाह से बेहतर शायद ही कोई राजनेता जानता होगा और खेलता होगा

न एनआरसी मुद्दा और न सीएए!

पिछले साल के अंत में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने संशोधित नागरिकता कानून यानी सीएए और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी एनआरसी का मुद्दा नहीं उठाया तो माना गया कि नीतीश कुमार के साथ एलायंस की वजह से पार्टी चुप रही है।

लोकसभा की जीत दोहराने की चुनौती

नए साल का पहला महीना बीत गया। पहले महीने से पूरे साल का जो संकेत है वह ये है कि साल के पहले छह महीने राजनीति में जाने हैं। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिनकी घोषणा मार्च में किसी समय होगी।

बंगाल में चेहरा पेश नहीं करेगी भाजपा!

भारतीय जनता पार्टी ने मान लिया है कि पश्चिम बंगाल में उसके पास मुख्यमंत्री पद के लिए कोई दावेदार नहीं है।

बंगाल में अब केंद्रीय बलों पर राजनीति…

politics on central forces : पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में होने वाले चुनावों से पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच अब अर्धसैनिकल

बंगाल के किसानों के खाते में जाएगी मोटी रकम

किसान सम्मान निधि का मुद्दा पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले कई भाषणों में यह मुद्दा उठाया

मोदी ने ममता को नहीं दी बधाई

यह कोई बड़ी बात नहीं होनी चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता बनर्जी को जन्मदिन की बधाई नहीं दी।

तृणमूल कांग्रेस में शुरू भगदढ़

किसी ने सही ही कहा है कि राजनीति में ना तो कोई स्थाई दोस्त होता है और न ही स्थाई दुश्मन। हाल ही में इसका उदाहरण तब देखने को मिला जब तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के सबसे करीबी माने जाने वाले नेता सुवेंदु अधिकारी ने उनसे दूर जाने के संकेत दिए।

तृणमूल को सांप्रदायिकता से दूर रहना है!

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव बहुत दिलचस्प होगा। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अचानक भाजपा ने जिस अंदाज में गियर बदला है

बंगाल चुनाव से पहले सीएए के नियम!

भारत सरकार ने अभी तक संशोधित नागरिकता कानून के नियम नहीं बनाए हैं। यह कानून पास हुए एक साल हो गए। कानून पास होने के बाद पूरे देश में ऐतिहासिक आंदोलन हुआ था।

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