bhopal intern doctors

  • सड़कों पर पसरा असंतोष

    मुद्दा है कि बजट क्यों नहीं है? दरअसल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर के लिए तमाम उदारता दिखाने वाली सरकारें जब ऐसी बात कहती हैं, तो उनकी विश्वसनीयता स्वतः संदिग्ध हो जाती है। मासिक स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे मेडिकल (एमबीबीएस) इंटर्न्स पर भोपाल में वॉटर कैनन चलाया गया। पांच साल की महंगी पढ़ाई करने और अनियमित घंटों तक काम करने के बाद इन डॉक्टरों को हर महीने फिलहाल 14,337 की वृत्ति मिलती है। इस रकम पर युवा डॉक्टर किस तरह गुजारा चलाते होंगे, इसकी कल्पना की जा सकती है। स्टाइपेंड को 30 हजार...