Highcourt ने कहा था- कपड़ों के उपर से स्तन छूना उत्पीड़न नहीं, SC बोला तब तो दस्ताने पहने शख्स…

सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सर जारी कल दस्ताने की जोड़ी पहनकर महिला के शरीर से छेड़छाड़ करता है तो उस फैसले के अनुसार तो वे यौन उत्पीड़न का दोषी नहीं कहा जाएग

राज्यपाल कोश्यारी अब क्या करेंगे?

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी अब क्या करेंगे? वे राज्य सरकार की ओर से विधान परिषद में नामित करने के लिए भेजे गए 12 नामों पर कोई फैसला करेंगे या अब भी चुपचाप उसे लिए बैठे रहेंगे

स्टेन स्वामी की मौत, विपक्ष की चिट्ठी

stan swamys death : नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और आदिवासी अधिकारों के लिए लड़ने वाले फादर स्टेन स्वामी की मौत के एक दिन बाद विपक्ष के 10 नेताओं ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखी है और कहा है कि जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित लगभग सभी बड़ी विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने इस चिट्ठी पर दस्तखत किए हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले सोमवार को फादर स्टेन स्वामी का एक अस्पताल में निधन हो गया है। वे पिछले आठ महीने से महाराष्ट्र की तलोजा जेल में बंद थे। उनको भीमा कोरेगांव हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया गया था और नक्सलियों से मिले होने का आरोप लगाया था। 84 साल के फादर स्टेन को कई बीमारियां थीं। उनके अलावा भीमा कोरेगांव मामले में कई और सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों को गिरफ्तार किया गया है। मोदी की नई कैबिनेट के 90 प्रतिशत मंत्री करोड़पति हैं, 42% पर आपराधिक मामले : ADR की रिपोर्ट इन सभी कार्यकर्ताओं को रिहा करने और गलत तरीके से इन लोगों को गिरफ्तार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विपक्ष के नेताओं ने राष्ट्रपति रामनाथ… Continue reading स्टेन स्वामी की मौत, विपक्ष की चिट्ठी

ये मौत एक सवाल है

कभी भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने एक सिद्धांत स्थापित किया था कि बेल नियम है और जेल अपवाद। प्रश्न है कि कोरोना महामारी के विकट काल में एक 84 साल का पार्किंसन रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए ये सिद्धांत क्यों नहीं लागू हुआ? इस सवाल को बार-बार उठाए जाने की जरूरत है। stan swamy passed away : मुद्दा यह नहीं है कि फादर स्टेन स्वामी पर जो आरोप राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लगाए थे, वे सही हैं या नहीं। उन आरोपों को सही साबित करना एनआईए की जिम्मेदारी है। यह काम अदालतों का है कि वे एनआईए की तरफ से पेश सबूतों का परीक्षण करते हुए इस बारे में अपना निर्णय दें। लेकिन सवाल उस न्याय तक पहुंचने की प्रक्रिया का है। कभी भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने एक सिद्धांत स्थापित किया था कि बेल नियम है और जेल अपवाद। प्रश्न है कि कोरोना महामारी के विकट काल में एक 84 साल का पार्किंसन रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए ये सिद्धांत क्यों नहीं लागू हुआ? हालांकि आज देश में न्याय व्यवस्था का जो हाल है, उसे जानने वाले किसी व्यक्ति के लिए ये सवाल अनुत्तरित नहीं है, इसके बावजूद इसे बार-बार उठाए जाने की जरूरत है। क्या अगर व्यक्ति… Continue reading ये मौत एक सवाल है

यह पशुता नहीं तो क्या?

मैं बतौर हिंदू शर्मसार हूं। बहुत विचलित और निराश! हम हिंदुओं को यह कहना छोड़ देना चाहिए कि धर्म की जीत हो, अधर्म का नाश हो। कैसे आरएसएस और उसके मोहन भागवत, दत्तात्रेय, अरूण कुमार और प्रचारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह बतौर हिंदू यह जस्टिफाई कर सकते हैं कि लगभग बहरा, पार्किंसन्स की बीमारी में कंपकंपाता 84 साल का बूढ़ा देश (हिंदुओं) और उनके हिंदू राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा था! इसलिए हमारा राष्ट्र धर्म, हिंदू धर्म है जो एनआईए के पुलिसिया अफसरों ने father stan swamy को जेल में डाला और बिना इलाज के मरने दिया। भला ऐसी शिक्षा-ऐसी समझ किस हिंदू शास्त्र से है? हम मानवता के सनातन धर्म की जीत के पालक हैं या पशुता के? तभी स्टेन स्वामी की मौत हिंदुवादियों की राजसत्ता का कलंक है। यह न धर्म है, न संविधान है और न कानून-व्यवस्था व सभ्य कौम का इंसान होना। हर हिंदू को (यदि वह धर्म की जीत, अधर्म का नाश और मानवता की जय में आस्था रखता हो), हर उस हिंदू को ग्लानि, गुस्से में प्रायश्चित करना चाहिए जो मर्यादा पुरुषोत्तम राम को भगवान मानते हैं। क्या राम के आदर्शों वाले रामराज्य में, धर्म और जीवन की हिंदू व्याख्या में स्टेन… Continue reading यह पशुता नहीं तो क्या?

फादर स्टेन स्वामी की मौत

death of sten swamy : मुंबई। भीमा कोरेगांव हिंसा की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार 84 साल के सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी की मौत हो गई है। सोमवार को उनकी जमानत याचिका पर बांबे हाई कोर्ट में सुनवाई होनी थी, जहां उनके वकील ने बताया कि उनका निधन हो गया है। रविवार को तबियत बिगड़ने के बाद उनको वेंटिलेटर पर रखा गया था। इससे पहले मई के अंत में उनको अदालत के आदेश पर एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। Joe Biden ने लॉस एंजिल्स के मेयर Eric Garcetti को बनाया भारत में अमेरिका का नया राजदूत भीमा कोरेगांव हिंसा मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी, एनआईए ने आरोप लगाए थे कि स्टेन स्वामी के नक्सलियों से संबंध हैं और खासतौर पर वे प्रतिबंधित माओवादी संगठन के संपर्क में हैं। वे अक्टूबर 2020 से मुंबई की तलोजा जेल में बंद थे और लगातार उनकी तबियत बिगड़ती जा रही थी। स्‍टेन स्‍वामी सुनने की क्षमता पूरी तरह खो चुके थे। वे लाइलाज पार्किंसन बीमारी से भी जूझ रहे थे। उन्‍हें स्‍पांडिलाइटिस की भी समस्‍या थी। पिछले साल मई में वे कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उसके बाद से उनकी स्थिति लगातार गंभीर थी। तबियत ज्यादा… Continue reading फादर स्टेन स्वामी की मौत

Sonu Sood की बढ़ सकती है परेशानी, कोर्ट ने कहा- मसीहा बनने के प्रयास में नजरअंदाज की प्रक्रिया

मुबंई | बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेता सोनू सूद और कांग्रेस विधायक जीशान सिद्दीकी के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. हाईकोर्ट ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार इस बात का पता लगाएं की कोरोना की दवाई इनके पास कहां से और कैसे उपलब्ध हुई. इसके साथ ही इन दोनों की संदिग्ध भूमिका पर हाईकोर्ट ने कहा कि इन दोनों ने ही मसीहा बनने के प्रयास में कानूनी तौर पर यह जानना जरूरी नहीं समझा कि यह दवाई कहां से आ रही है और इनकी सप्लाई वैध है या अवैध. कोर्ट ने कहा कि बिना जांच के ही इन्होंने दवाइयां आम लोगों तक सप्लाई कर दी. दवाइयां असली थी या नकली नहीं की जांच हाईकोर्ट ने कहा कि इन दोनों हस्तियों ने यह भी प्रयास नहीं किया किस बात का पता लगाया जाए ये दवाइयां असली है या नकली. इस संबंध में न्यायमूर्ति एसपी देशमुख और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को दोनों की दवाइयों की खरीदारी में भूमिका पर जांच के आदेश दिए हैं. यहां बता दें कि सोनू सूद ना सिर्फ एक बॉलीवुड कलाकार है बल्कि हाल में उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब सराहा जाने लगा है. इसके पीछे का कारण सोनू सूद द्वारा… Continue reading Sonu Sood की बढ़ सकती है परेशानी, कोर्ट ने कहा- मसीहा बनने के प्रयास में नजरअंदाज की प्रक्रिया

अदार पूनावाला को सुरक्षा दे लेने से मुंबई हाई कोर्ट का इनकार, जानें क्या कहा

मुंबई । मुंबई की उच्च न्यायालय ने आज सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला की सुरक्षा की मांग वाली याचिका खारिज कर दी. बता दें कि कुछ दिनों पहले ही पूनावाला ने खुलासा किया था कि उन्हें धमकी भरे फोन आ रहे हैं जिसके बाद कोर्ट में सुरक्षा मांगी गई थी. मुंबई हाई कोर्ट के जज न्यायमूर्ति एसएस शिंदे की खंडपीठ ने सुरक्षा की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आप किसी और के लिए सुरक्षा मांग रहे हैं, लेकिन यदि वह कहेंगे कि उन्हें सुरक्षा नहीं चाहिए. तो आप की याचिका कैसे मान्य हो सकती है. कोर्ट ने कहा कि हमने पहले भी इस पर सुनवाई की थी उस दौरान राज्य ने भी जरूर कदम उठाए होंगे. कोर्ट ने कहा कि हम ऐसे याचिकाओं पर विचार नहीं कर सकते. ( adar-poonawalla) महाराष्ट्र सरकार ने भी रखा पक्ष महाराष्ट्र सरकार की ओर से तो छिड़क रहे वकील ने कहा कि जब अदार पूनावाला राज्य में रहकर सुरक्षा की मांग करेंगे तो उन्हें तुरंत सुरक्षा दे दी जाएगी. यहां बता दे कि सेंड सरकार के आदेश के अनुसार पूनावाला को CRPF की ओर से Y केटेगरी की सुरक्षा दी जाने की बात सामने आई थी. इस… Continue reading अदार पूनावाला को सुरक्षा दे लेने से मुंबई हाई कोर्ट का इनकार, जानें क्या कहा

अमरावती सांसद की सदस्यता पर खतरा

मुंबई। बांबे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने महाराष्ट्र की अमरावती लोकसभा सीट से सांसद नवनीत कौर राणा का जाति प्रमाणपत्र रद कर दिया है। अदालत के इस फैसले से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल नवनीत राणा का जाति प्रमाणपत्र फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जाति जांच समिति से धोखे से सत्यापित करवाया गया था। इसलिए अदालत ने कार्रवाई करते हुए जाति प्रमाणपत्र रद्द कर उसे जब्त कर लिया। शिव सेना के पूर्व सांसद आनंद अडसूल की याचिका पर बांबे हाइ कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है। इस याचिका में नवनीत राणा के जाति प्रमाणपत्र को अवैध बताया गया था। दरअसल पिछले चुनाव में अमरावती सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी इसलिए नवनीत राणा ने फर्जी एससी प्रमाणपत्र बनवा अपने आपको अनुसूचित जाति का दिखा दिया। बांबे हाई कोर्ट ने नवनीत राणा का जाति प्रमाणपत्र रद करते हुए उन पर दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने नवनीत राणा को छह हफ्ते के अंदर अपने सभी प्रमाण पत्र जमा करने का आदेश दिया है। अमरावती संसदीय सीट आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र था और यहीं से नवनीत कौर राणा ने चुनाव लड़ा था और विजयी हुई थी। लेकिन अब अदालत के फैसले के… Continue reading अमरावती सांसद की सदस्यता पर खतरा

Goa Oxygen Crisis: 26 संक्रमितों की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री ने की  बॉम्बे हाईकोर्ट से निष्पक्ष जांच की अपील

Goa : गोवा के सरकारी अस्पताल में आक्सीजन की कमी की वजह से 26 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गयी थी. अब इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से निष्पक्ष जांच की अपील गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने की है. उन्होंने मंगलवार को कहा है कि गोवा में कई कोरोना संक्रमितों की मौत ऑक्सीजन सप्लाई की कमी की वजह से हो गयी. मैं मुंबई हाईकोर्ट से मांग करता हूं कि इस पूरे मामले की जांच करें और दोषी को सजा दें. ऑक्सीजन की कमी की वजह से यह मौत हुई है. यह मौत 2 बजे से लेकर सुबह के छह बजे के बीच हुई है. इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने ही सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं और जांच की मांग की है. मुख्यमंत्री ने भी माना ऑक्सीजन सप्लाई में परेशानी राज्य के मुख्यमंत्री ने यह बात मानी है कि ऑक्सीजन की सप्लाई में अभी भी परेशानिया हैं हालांकि उन्होंने कहा है कि अब राज्य में ऑक्सीजन की कोई किल्लत नहीं है.स्वास्थ्य मंत्री राणे ने सीएम के दौरे के बाद मीडिया से बातचीत में माना कि GMCH में सोमवार को मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई कम रह गई थी. हमें सोमवार को… Continue reading Goa Oxygen Crisis: 26 संक्रमितों की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री ने की  बॉम्बे हाईकोर्ट से निष्पक्ष जांच की अपील

RIP Attorney General Soli Sorabjee : कोरोना ने छीनी एक और जिंदगी, अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का कोरोना से निधन

कोरोना से आये दिन मौतों आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। अब भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का निधन हो गया है। वरिष्ठ वकील, पूर्व अटॉर्नी जनरल और पद्म विभूषण सोली सोराबजी का निधन कोरोना से संक्रमित होने के बाद आज सुबह निधन हो गया है। सोली सोराबजी कोरोना संक्रमित थे और आज सुबह सोली सोराबजी कोरोना से जंग में हार गये। उनके परिवार ने यह जानकारी दी।  पूर्व अटॉर्नी जनरल ने 91 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। बता दें कि सोली सोराबजी पहली बार साल 1989 से 1990 तक देश के अटॉर्नी जनरल रहे। इसके बाद फिर साल 1998 से 2004 तक उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली। इसे भी पढ़ें कोरोना वायरस को मात देकर घर लौटे कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, ट्वीट कर दी जानकारी अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का जीवन परिचय जान लें कि पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का जन्म साल 1930 में तत्कालीन बॉम्बे में हुआ था। सोराबजी ने साल 1953 में बॉम्बे हाई कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की थी। फिर साल 1971 में सोराबजी सुप्रीम कोर्ट के सीनियर काउंसिल बन गए। इसके बाद 2 बार सोराबजी देश के अटॉर्नी जनरल बने। सोली सोराबजी की पहचान देश के बड़े मानवाधिकार वकील में होती है।… Continue reading RIP Attorney General Soli Sorabjee : कोरोना ने छीनी एक और जिंदगी, अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का कोरोना से निधन

Maharashtra : उच्च न्यायालय ने शवों के अंतिम संस्कार पर महाराष्ट्र सरकार, BMC से मांगा जवाब

मुंबई | बंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने आज कहा कि कोरोना (Corona) से जान गंवाने वालों के शव घंटों तक नहीं रखे जा सकते और इसके साथ उसने महाराष्ट्र सरकार (Government of Maharashtra) तथा बीएमसी (BMC) से राज्य तथा मुंबई में श्मशानों की स्थिति के बारे में अदात को अवगत कराने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की पीठ ने कहा कि कई श्मशानों में शव के अंतिम संस्कार (Funeral) के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है और पीड़ितों के रिश्तेदारों को श्मशान के बाहर कतार में लगे रहना पड़ता है। अदालत ने कहा, महाराष्ट्र सरकार (Government of Maharashtra) और अन्य नगर निकायों को इस मुद्दे के समाधान के लिए कुछ ठोस व्यवस्था तैयार करनी चाहिए। घंटों तक शव नहीं रखे जा सकते। अदालत (Court) ने कहा कि अगर श्मशान में कतार लगी हुई है तो अस्पतालों से शव नहीं छोड़े जाने चाहिए। न्यायमूर्ति कुलकर्णी ने महाराष्ट्र के बीड जिले की एक घटना का हवाला दिया जहां कोरोना (Corona) संक्रमण के शिकार 22 लोगों के शव को एक ही एंबुलेंस से श्मशान में पहुंचाया गया। इसे भी पढ़ें – Uttar Pradesh : Corona situation को प्रियंका गांधी ने योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र,… Continue reading Maharashtra : उच्च न्यायालय ने शवों के अंतिम संस्कार पर महाराष्ट्र सरकार, BMC से मांगा जवाब

Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh ने उद्धव ठाकरे को सौंपा इस्तीफा, High Court ने दिए थे CBI जांच के आदेश

मुम्बई । महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh) ने अपने पद से इस्तीफा (Resign) दे दिया है। उन पर सौ करोड़ की वसूली मामले में आरोप लगे थे। इसके बाद बोम्बे हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे और पन्द्रह दिन में प्राथमिक जांच पूरी करने की बात कही। पूर्व सीएम देवेन्द्र फड़नवीस ने उनसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की थी। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में देशमुख ने लिखा कि उन पर सीबीआई जांच उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रारंभ की गई है। इसलिए नैतिकता की दृष्टि से वे इस पद पर नहीं रह सकते। इसके चलते वे इस्तीफा दे रहे हैं। दिलीप पाटिल बन सकते हैं नए गृहमंत्री सूत्रों का कहना है कि नए गृहमंत्री के तौर पर दिलीप वलसे पाटिल को शपथ दिलाई जा सकती है। बॉम्बे हाई कोर्ट की ओर से गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई को प्रारंभिक जांच करने का आदेश दिए जाने के बाद राकांपा के मुखिया शरद पवार के घर बैठक के बाद यह फैसला किया गया। इस इस्तीफ के बाद महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चीफ शरद पवार और डिप्टी सीएम अजित… Continue reading Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh ने उद्धव ठाकरे को सौंपा इस्तीफा, High Court ने दिए थे CBI जांच के आदेश

Bombay High Court ने कहा गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए आरोप गंभीर, CBI जांच करे, EX CM देवेन्द्र फड़नवीस बोले इस्तीफा दो

मुंबई | महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख (Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh) पर लगाए आरोपों की जांच अब केन्द्रीय अन्वेष्ण ब्यूरो (CBI) करेगी। इस बाबत बोम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) की ओर से आदेश देते हुए कहा गया है कि वह पन्द्रह दिनों में प्राथमिक जांच पूरी कर रिपोर्ट दे और अनिल देशमुख पर लगाए आरोपों की सत्यता जांचे। न्यायालय ने कहा कि देशमुख राज्य के गृहमंत्री हैं। ऐसे में महाराष्ट्र पुलिस की ओर से निष्पक्ष जांच होने की संभावना कम है। इसी शुरूआती जांच के आधार पर तय होगा कि अनिल देशमुख पर मुकदमा चलेगा या नहीं। इधर पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस (Ex Chief Minister Devendra Fadanvis) ने होम मिनिस्टर अनिल देशमुख से पद से इस्तीफा देने को भी कहा है। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी.एस. कुलकर्णी की खंडपीठ ने 31 मार्च को सिंह की याचिका और इस मुद्दे से जुड़ी कुछ अन्य जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद अपने आदेश सुरक्षित रख लिए थे। इस आदेश के बाद भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे गृह मंत्री अनिल देशमुख को बॉम्बे हाई कोर्ट से करारा झटका लगा है। अधिवक्ता जयश्री पाटिल की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया। आपको याद… Continue reading Bombay High Court ने कहा गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए आरोप गंभीर, CBI जांच करे, EX CM देवेन्द्र फड़नवीस बोले इस्तीफा दो

परमबीर सिंह को हाई कोर्ट की फटकार

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर पुलिस अधिकारियों के जरिए उगाही कराने के आरोप लगाने वाले परमबीर सिंह को हाई कोर्ट ने बुधवार को फटकार लगाई।

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