कैश ट्रांसफर की कीमत
सरकारों का ऋण लेना अपने-आप में समस्या नहीं है, बशर्ते निवेश उत्पादक योजनाओं या दीर्घकालिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में हो। मगर, फिलहाल ज्यादातर रकम का इस्तेमाल नकदी ट्रांसफर के लिए हो रहा है। वोट खरीद योजनाएं का असर जाहिर होने लगा है। पिछले वित्त वर्ष में राज्य सरकारों ने बाजार से 15.2 फीसदी ज्यादा कर्ज उठाया। ज्यादा कर्ज लेने की होड़ का असर ब्याज दरों पर दिखा। मतलब यह कि अब सरकारों को अधिक महंगी दर पर ऋण लेना पड़ रहा है। भारत सरकार को दस साल के बॉन्ड बेचने के लिए अब लगभग सात प्रतिशत की दर से ब्याज...