Chabahar port

  • चाबहार में हार?

    इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी कि ईरान स्थित जिस चाबहार बंदरगाह परियोजना को चीन को नियंत्रित करने की भारत की पहल माना जाता था, उसका संचालन अब चीन के हाथ में ही जा सकता है! चाबहार बंदरगाह सिर्फ कारोबारी लिहाज से अहम नहीं है, बल्कि इसके साथ भारत की भू-राजनीतिक महत्त्वाकांक्षाएं भी जुड़ी हुई थीं। इसे पाकिस्तान के ग्वादार में चीन निर्मित बंदरगाह के जवाब के रूप में देखा जाता था। इसके अलावा चाबहार से भारत को मध्य एवं पश्चिम एशिया से होते हुए यूरोप तक ऐसा मार्ग मिलने की संभावना थी, जिसमें पाकिस्तान नहीं आता। इस लिहाज से...

  • अमेरिकी दबाव में भारत ने चाबहार पोर्ट छोड़ा

    नई दिल्ली। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस पार्टी ने बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा है कि भारत सरकार ने अमेरिका के दबाव में ईरान के चाबहार पोर्ट पर अपना नियंत्रण छोड़ दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे भारत को 11 सौ करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, ‘मोदी सरकार ने चाबहार प्रोजेक्ट में देश की जनता के 120 मिलियन डॉलर यानी करीब 11 सौ करोड़ रुपए लगाए थे। अब ये बरबाद हो चुका है’। गौरतलब है कि अमेरिका ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25...

  • चाबहार बंदरगाह पर अमेरिका ने भारत को छूट दी

    नई दिल्ली। ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के मामले में अमेरिका ने भारत को बड़ी राहत दी है। अमेरिका ने भारत को ईरान के चाबहार बंदरगाह पर प्रतिबंधों से छह महीने के लिए छूट दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसके बारे में जानकारी दी। इससे पहले अमेरिका ने प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा था कि वो 29 सितंबर से इस बंदरगाह को चलाने, पैसे देने या उससे जुड़े किसी काम में शामिल कंपनियों पर जुर्माना लगाएगा। हालांकि बाद में इस छूट को एक महीना बढ़ा कर 27 अक्टूबर कर...