मैं, आप कौन? कहां के नागरिक?
“मैं आखिर हूँ कौन?” यह सवाल बिना बुलाए आता है। कभी बीस साल की उम्र में, जब दुनिया आपसे निश्चित उत्तर चाहती है मगर आपके पास जवाब नहीं होता। कभी चालीस की उम्र में, जब सपनों का जीवन और जीया जा रहा जीवन एक-दूसरे से अलग खड़े दिखाई देते हैं। कभी प्रेम में असफल होने के बाद। कभी बड़ी सफलता मिलने के बाद। और कभी किसी बिल्कुल साधारण मंगलवार की दोपहर, जब अचानक एहसास होता है कि जीवन जीने की इतनी जल्दी थी जो यह पूछना ही भूल गए कि जी कौन रहा था? यह बहुत निजी सवाल है। लेकिन...