debt

  • कर्ज लेकर मौज उड़ाना

    आज 81.8 प्रतिशत नया कर्ज पुराने ऋण पर ब्याज चुकाने के लिए लिया जा रहा है। 2021-22 में 50.9 फीसदी नया ऋण ही इस मकसद से लिया गया था। पांच साल में इसमें 31 प्रतिशत वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार पर कुल कर्ज 2021-22 में 138.66 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में 201.17 लाख करोड़ हो गया। यह आंकड़ा खुद केंद्र ने संसद में दिया है। इससे सामने आया चिंता का सबसे बड़ा पहलू नए कर्ज के इस्तेमाल से जुड़ा है। इसलिए कि ऋण का उपयोग मानव विकास, दीर्घकालिक संपत्ति के निर्माण, अथवा उत्पादक अर्थव्यवस्था को गति देने के...

  • कर्ज और गैर- बराबरी

    बुनियादी विकास में निवेश घटने का दुष्प्रभाव गरीब तबकों पर पड़ता है। उधर सरकार जो ऋण लेती है, उस पर दिया जाने वाला ब्याज अंततः धनी लोगों की जेब में ही पहुंचता है। इससे वे और धनी होते हैं। साल 2024-25 में भारत सरकार पर देशी ऋण 8.35 और विदेशी कर्ज 9.83 फीसदी बढ़ा। उधर पिछले वित्त वर्ष की तुलना में उसके पूंजीगत खर्च में 0.08 प्रतिशत की गिरावट आई। ये आंकड़ें सीएजी की ताजा रिपोर्ट से सामने आए हैं। स्पष्टतः ऋण बढ़ने का एक प्रमुख कारण पिछले कर्ज (और उस पर ब्याज) को चुकाने के लिए लिया गया नया...

  • बचत से कर्ज की ओर बढ़ रहा है भारत

    भारत के प्राचीन दर्शन में कर्ज लेकर घी पीने की सलाह देने वाले ऋषि भी हुए हैं। कर्ज की मय पीकर फाकामस्ती के रंग लाने की उम्मीद पालने वाले शायर भी हुए। लेकिन भारत के लोगों ने कभी भी कर्ज लेकर घी या मय पीने को जीवन का सिद्धांत नहीं बनाया। इसकी बजाय भारत मितव्ययिता को जीवन का सार मानने वाला देश रहा। लघु बचत के मामले में भारतीयों का जवाब नहीं है। तभी जब 2008 में दुनिया भर में मंदी आई, जिसे अमेरिका के सब प्राइम क्राइसिस के नाम से जाना जाता है तो भारत पर उसका कोई असर...

  • रिपोर्ट अनेक, संकेत एक

    Economy crisis: देहाती इलाकों में कर्ज के बोझ तले दबे परिवारों की संख्या में साढ़े चार प्रतिशत इजाफा हुआ है। 2016-17 के सर्वे के दौरान ऐसे परिवारों की संख्या 47.40 प्रतिशत थी, जो ताजा सर्वे के समय 52 फीसदी हो चुकी थी। also read: KKR की बागडोर अब श्रेयस अय्यर की जगह इस खिलाड़ी के हाथ में…नहीं होगा यकीन श्रमिक वर्ग की बढ़ती रही दुर्दशा एक और सरकारी संस्था की रिपोर्ट ने श्रमिक वर्ग की बढ़ती रही दुर्दशा पर रोशनी डाली है। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण बैंक (नाबार्ड) के अखिल भारतीय ग्रामीण वित्तीय समावेशन सर्वे (एनएएफआईएस) 2021-22 के दौरान पाया गया...