तो “दुबई मॉडल” भू-राजनीति की लपटों में!
“दुबईकरण” (“Dubaization”) शब्द जितना आकर्षक है, उतना ही विरोधाभासी भी। शहरी अध्ययन के विद्वान यासर एलशेश्तावी का गढ़ा गया यह शब्द उस विकास मॉडल का प्रतीक है जो तमाशे और चमक पर टिका है। आसमान छूती इमारतें, कृत्रिम द्वीप, असीम पूँजी और यह विश्वास कि समृद्धि राजनीति से आगे निकल सकती है। मगर इन दिनों कैसे वीडियों दिखलाई दे रहे है? विडंबना है कि “दुबईकरण” यह अवधारणा ऐसे क्षेत्र में जन्मी, जो वैचारिक, राजनीतिक उथल-पुथल और लगातार युद्धों का इलाका रहा है। फिर भी दुबई की कामयाबी चर्चे तो बने। पश्चिम एसिया के इस अमीरात ने दुनिया के आगे एक...