जड़ ही कमजोर है
भारत की शिक्षा व्यवस्था छात्रों को उनकी भावी जिंदगी के लिए तैयार कर रही है, या सिर्फ खानापूरी कर रही है? प्रकाश सर्वे से जो नजर आया है, वह बेहद गंभीर चिंता का विषय है। हमारे बच्चों की जड़ ही कमजोर है। भारत में छठी कक्षा के 43 फीसदी छात्र जो पाठ्य (टेक्स्ट) पढ़ते हैं, उसका अर्थ नहीं समझते। इसी कक्षा के 54 फीसदी छात्र संख्याओं की तुलना करने या बड़ी संख्याओं को पढ़ने में अक्षम हैँ। नौवीं कक्षा के 63 प्रतिशत छात्र संख्याओं के बुनियादी पैटर्न तथा भिन्न एवं पूर्णांक जैसे सांख्यात्मक समुच्चय को नहीं समझ पाते। ऐसे चिंताजनक...