एपस्टीनः सेक्स, सत्ता का वैश्विक मकड़जाल
चाहे तो इसे पतनगामी पूंजीवाद का मकड़जाल कहें या अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष का कालजयी सत्व-तत्व! मनुष्य आदिकाल से पैसे (पॉवर, अर्थ) और सेक्स (काम-भोग) की वासना में जन्म-जन्मांतर चक्र में खपा चला आ रहा है। इसी से धर्म व मोक्ष के फलसफ़े गढ़े। बावजूद इसके ताजा सुर्खियां चौंकाने वाली है। पहली बार सेक्स-पॉवर की धुरी का वैश्विक तानाबाना खुला है। आज जेफ़री एपस्टीन दुनिया का नंबर एक चर्चित चेहरा है। पहली बार अदालती दस्तावेज़ों से सत्ता, पूंजी और यौन-शोषण का इतना गहरा और पसरा नेटवर्क उभरा है। एपस्टीन सिर्फ फ़ाइनेंसर, यौन अपराधी और मानव तस्कर नहीं था। वह उस...