एक और बैंड-एड
आरबीआई ने विदेशी मुद्रा बाजार से संबंधित नियमों फेरबदल की है। लेकिन इससे रुपये को स्थायी मजबूती नहीं मिल पाएगी। रुपया अर्थव्यवस्था की मूलभूत कमजोरियों और वैश्विक वित्तीय संकट के कारण गिर रहा है। पिछले महीने विदेशी खाता अनिवासी बैंक जमा (एफसीएनआर) योजना के तहत 127 बिलियन डॉलर भारत आने पर रुपये का संकट हल हो जाने का भरोसा बंधाया गया था। इतनी रकम आने से डॉलर की तुलना में रुपये की कीमत की गिरावट पर तात्कालिक रोक लगी। यह दीगर है कि इस जमा योजना के मैच्योर होने पर अगले तीन से पांच साल में बड़े पैमाने पर डॉलर...