Online Food : Swiggy और Zomato से खाना मंगाना हो सकता है महंगा, GST Council की ने की है ये पेशकश…

ऑनलाइन फूड डिलीवरी महंगी हो सकती है. बताया गया है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर विचार किया जा रहा है….

Income Tax Return New Rule: इन शर्तों को पूरा करने पर सीनियर सिटीजन को आईटीआर दाखिल करने की आवश्यकता नहीं..

75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक जिनके पास केवल आय के स्रोत के रूप में पेंशन और ब्याज है। उन्हें वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने से छूट दी जाएगी।

मोनेटाइजेशन प्लान पर चिदंरबम ने पूछे 20 सवाल

चिदंबरम ने सवाल किया-क्या सरकार ने मौजूदा राजस्व और चार साल की अवधि में मिलने वाले छह लाख करोड़ रुपए के राजस्व में अंतर का आकलन किया?

रॉबर्ट वाड्रा का निर्मला को जवाब

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ड वाड्रा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को उनके बयान के बाद जवाब दिया।

नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन : इसमें “जनता का घाटा” सरकार का “कुछ नहीं जाता”…

भारी भरकम शब्दों में इस योजना का अर्थ समझ नहीं आया तो आसान शब्दों में ऐसे समझ सकते हैं कि केंद्र सरकार अब 8 मंत्रालयों की प्रॉपर्टी प्राइवेट कंपनियों के साथ साझा करेगी.

ठीक से तो सुना ना वित्त मंत्री का ऐलान ? कितने भी पैसे हों बैंक में लेकिन मिलेंगे 5 लाख ही

कई मायनों में यह नियम तारीफ के काबिल है. लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जो इस बात को नहीं समझ रहे कि यह 5 लाख का फंडा क्या है ? तो आइए समझने की कोशिश करते हैं की पहले इस संबंध में क्या नियम थे और यह 5 लाख का फंडा क्या है.

अब बैंक में रखे पैसों पर निश्चिंत रहें, मोदी सरकार ने लाया विधेयक, बैंक डूबा तो भी 90 दिनों में मिल जाएगा पैसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की हुई बैठक में बैंक खाता धारकों के लिए बड़ा फैसला लिया गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संवाददाताओं को यह जानकारी देते हुए कहा कि इस विधेयक को मानसून सत्र में ही संसद में पेश किया जायेगा.

Cabinet Extension : Congress और TMC का कुछ ऐसा रहा रिएक्शन,कहा- प्रदर्शन के आधार पर तो सबसे पहले अमित शाह को हटाना चाहिए था…

नई दिल्ली | Opposition On Cabinet Extension : कैबिनेट विस्तार के पहले से ही विपक्ष ने केंद3 सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. कांग्रेस ने मंत्रिमंडल के विस्तार को सत्ता की भूख का विस्तार करार देते हुए कहा है कि अगर यह विस्तार काम और प्रदर्शन के आधार पर होता तो सबसे पहले गृहमंत्री अमित शाह, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री राजनाथसिंह तथा कुछ अन्य को हटाया जाता. कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा कि यदि काम के आधार पर मंत्रियों को हटाया जाता तो श्री शाह को सबसे पहले हटाया जाना चाहिए जिनकी विफलता के कारण उग्रवाद और नक्सलवाद फैल रहा और देश का सामाजिक सौहार्द टूट रहा है. उन्होंने कहा कि इसी तरह से रक्षा मंत्री को हटाया जाना चाहिए जिनकी नाक के नीचे चीन ने भारत की सरज़मीं पर क़ब्ज़ा करने का दुस्साहस किया है. ऐसे ही वित्त मंत्री को हटाया जाता जिनकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था गर्त में चली गई है और भीषणतम बेरोजगारी ने पैर पसार लिए है. पेट्रोलियम मंत्री को भी हटाना चाहिए था Opposition On Cabinet Extension : प्रवक्ता ने कहा कि इस क्रम में सबसे पहले स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को हटाएं जिनकी नाकामी की… Continue reading Cabinet Extension : Congress और TMC का कुछ ऐसा रहा रिएक्शन,कहा- प्रदर्शन के आधार पर तो सबसे पहले अमित शाह को हटाना चाहिए था…

कर्ज लेकर काम चलाएं!

coronavirus pandemic relief package : भारत के एक मनीषी ने कर्ज लेकर घी पीने की सलाह दी थी। घी तो दूभर है लेकिन भारत सरकार चाहती है कि लोग कर्ज लेकर अपना काम चलाएं। काम चलाने का मतलब है कि अगर छोटे छोटे काम धंधे हैं या लघु-सूक्ष्म उद्योग धंधे हैं या किसी दूसरे असंगठित उद्योग से जुड़े हैं तो बैंकों से कर्ज लीजिए और अपना काम चलाइए। कर्ज के बदले में गारंटी केंद्र सरकार देगी। यानी सरकार यह सुनिश्चित कर देगी कि आपको कर्ज मिले लेकिन यह नहीं बताएगी कि आप वह कर्ज कैसे चुकाएंगे! जब बाजार में मांग नहीं है, लोगों के पास पैसे नहीं हैं और प्राइमरी मार्केट यानी नौकरीपेशा या स्वरोजगार करने वालों का भट्ठा बैठा हुआ है तो सामान खरीदेगा कौन? अगर एमएसएमई सेक्टर या माइक्रो यूनिट्स चलाने वाले लोग कर्ज ले लें और उत्पादन शुरू करें या बढ़ाएं तो उसे बेचेंगे कहां? अगर सामान बेच नहीं पाए तो कर्ज कहां से चुकाएंगे? बैंकों और डाकघरों की एकाध बचत योजनाओं को छोड़ दें तो सरकार किसी भी जमा पर छह फीसदी से ज्यादा ब्याज नहीं दे रही है लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो आर्थिक पैकेज घोषित किया उसमें बताया कि लोन गारंटी योजना… Continue reading कर्ज लेकर काम चलाएं!

वित्त मंत्री के 6.29 लाख करोड़ रुपये के कोविड राहत पैकेज पर मंत्रिमंडल की मुहर, जानें क्या होगा फायदा

नई दिल्ली | Corona Relief By Govt : केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कोविड महामारी से अर्थव्यवस्था को राहत पहुंचाने के लिये घोषित किये गये 6.29 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दे दी. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह जानकारी दी. सीतारमण ने सोमवार को इस पैकेज की घोषणा करते हुये सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिये 1.5 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त गारंटी सुविधा की घोषणा की. स्वास्थ्य सुविधाओं के लिये अतिरिक्त बजट समर्थन देने और पर्यटन क्षेत्र में टूर आपरेटरों और पर्यटक गाइडों के लिये सस्ती रिण सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की. इसके अलावा पांच लाख विदेशी पर्यटकों को शुल्क मुक्त वीजा देने की घोषणा भी की गई. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) के तहत गरीब और वंचित तबके को नवंबर तक प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज प्रतिमाह उपलब्ध कराने के लिये 93,869 करोड़ रुपये के खर्च की घोषणा के साथ साथ उर्वरक सब्सिडी की मद में 14,775 करोड़ रुपये अतिरिक्त उपलब्ध कराने की जानकारी दी. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 2 दिन पहले एक बड़ा निर्णय घोषित किया था कि जिनको कोविड के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने ऐसे… Continue reading वित्त मंत्री के 6.29 लाख करोड़ रुपये के कोविड राहत पैकेज पर मंत्रिमंडल की मुहर, जानें क्या होगा फायदा

सीखने को तैयार नहीं

पिछले साल जब कोरोना महामारी का पहला दौर आया था, तो ऐसे ही उपायों को साथ लेकर खुद प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपए के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की थी। उसका क्या असर हुआ? एक अगर ऐसी सरकार होती, जो जनता के साथ संवाद में यकीन करती, तो उससे ये सवाल पूछा जाता। covid relief package sitharamans : केंद्र सरकार ने फिर एक कथित कोरोना प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया है। अगर सरकारी दावे को मानें तो यह पैकेज छह लाख 29 हजार करोड़ रुपए का है। फिर वही कर्ज गारंटी और कर्ज लेना आसान बनाने की घोषणाएं हैं। जनता को सीधे मदद के नाम पर उस एलान को शामिल कर लिया गया है, जो पहले से अमल में है- यानी गरीब लोगों को दी जा रही अनाज सहायता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ये एलान कर चुके थे कि अगले नंवबर तक ये अनाज दिया जाएगा। अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने जो कथित पैकेज किया, उसमें इस पर आ रहे 65 हजार करोड़ रुपए को भी शामिल दिखा दिया गया। पिछले साल जब कोरोना महामारी का पहला दौर आया था, तो ऐसे ही उपायों को साथ लेकर खुद प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपए… Continue reading सीखने को तैयार नहीं

भारत सरकार ने कोरोना प्रभावित सेक्टरों को दी राहत , 1.1 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान

नई दिल्ली | Finance Minister Announces Relief Package : कोरोना से प्रभावित देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ी घोषणा की हैं. कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टरों को ध्यान में रखते हुए हेल्थ सेक्टर पर मुख्य फोकस किया गया है. इसके साथ ही निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि हेल्थ सेक्टर के लिए विशेषकर 50,000 करोड़ रुपए दिए गए हैं. वहीं कोरोना से प्रभावित सेक्टरों के लिए 1.1 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान किया गया है. जानकारी के अनुसार यह रकम नॉन मेट्रो मेडिकल इंफ्रा पर खर्च किए जाने हैं. वित्त मंत्री ने छोटे उद्योगों को भी मदद के लिए क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम में भी बढ़ोतरी की है. बता दें पहले यह स्कीम ₹300000 की थी जिस से बढ़ाकर 4.50 लाख कर दिया गया है. जब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन शुरू होगा तब पहले 5 लाख पर्यटकों को वीजा बिना किसी शुल्क के जारी किया जाएगा। इसका लाभ किसी भी पर्यटक को एक ही बार मिलेगा और ये योजना 31 मार्च 2022 या पहले 5 लाख वीजा पूरे होने तक जारी रहेगी: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण pic.twitter.com/G7TRCi7k6A — ANI_HindiNews (@AHindinews) June 28, 2021 25 लाख लोगों को होगा फायदा Finance… Continue reading भारत सरकार ने कोरोना प्रभावित सेक्टरों को दी राहत , 1.1 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान

वित्त मंत्री के दावे और हकीकत

दुनिया की सभी सरकारों का अपने कामकाज, पिछली सरकारों के कामकाज और विपक्ष के प्रति व्यवहार लगभग एक जैसा होता है। जैसे दुनिया की सभी सरकारें अपने बुरे कामों और गलत फैसलों को भी अच्छा कहती हैं। इसी तरह दुनिया की सभी सरकारें अपनी तुलना पिछली सरकारों के काम से करती हैं और अपने काम को बेहतर बताती हैं। दुनिया की सभी सरकारें कमियों का ठीकरा पहले की सरकारों पर फोड़ती हैं और उसके अच्छे कामों का श्रेय लेती हैं। दुनिया की सभी सरकारें विपक्ष को गैर जिम्मेदार बताती हैं, चाहे विपक्ष वहीं काम क्यों न कर रहा हो, जो सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष में रहते हुए किया हो। ये सब यूनिवर्सल नियम हैं और भारत की मौजूदा सरकार भी अपवाद नहीं है। फर्क सिर्फ डिग्री का है। मौजूदा सरकार ये सारे काम बहुत ज्यादा बड़े पैमाने पर कर रही है या ऐसे भी कह सकते हैं कि सिर्फ ये ही काम कर रही है। प्रधानमंत्री के भाषणों, मंत्रियों की प्रेस कांफ्रेंस और पार्टी प्रवक्ताओं की टेलीविजन बहसों को देख कर इसे समझा जा सकता है। यह भी पढ़ें: अदालते है लोकतंत्र का दीया! यह भी पढ़ें: भारत भी तो कुछ कहे चीन को! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक… Continue reading वित्त मंत्री के दावे और हकीकत

वाह! वैक्सीन पर टैक्स और टेस्टिंग पर राहत,GST काउंसिल ने लिए कई महत्वपूर्ण फैसले

आने वाले कुछ दिनों में ही लोगों को इन सामग्रियों में रेट के गिरने का पता चल जाएगा.

हिसाब बराबर करने की बेचैनी

एक जमाने में भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं को आलोचना के प्रति उदार माना जाता था। संभवतः लंबे समय तक विपक्ष में रहने की वजह से भाजपा में यह खूबी आई थी। लेकिन अब भाजपा के नेताओं को आलोचना कतई बरदाश्त नहीं है। अगर किसी ने सरकार के किसी काम की या पार्टी के किसी काम की आलोचना कर दी तो सारे नेता उस पर टूट पड़ते हैं और जब तक हिसाब बराबर नहीं कर लेते हैं तब तक लगे रहते हैं। इस बात का भी ख्याल नहीं रखते हैं कि अभी कैसा समय है और क्या प्राथमिकता है। जैसे अभी कोरोना वायरस की महामारी से मुकाबले के समय में भी भाजपा के नेता और केंद्रीय मंत्री विपक्षी नेताओं की बातों का जवाब देने का ज्यादा प्राथमिकता का काम मानते हैं। लगभग रोज किसी न किसी मसले पर कोई मंत्री किसी विपक्षी नेता को सोशल मीडिया में जवाब देता मिलता है। ऐसा भी नहीं है कि एक बार जवाब देकर वह चुप हो जाए। वह घंटों तक सोशल मीडिया में लड़ता रह सकता है। पिछले दिनों सारे देश ने देखा कि कैसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री से वैक्सीन के बारे में पूछ दिया और उसकी… Continue reading हिसाब बराबर करने की बेचैनी

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