विदेशी मुद्रा भंडार दबाव में
दो खबरें लगातार न्यूज साइकल में बनी हुई हैं। पहली, डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत में लगातार गिरावट हो रही है और अब एक डॉलर की कीमत 95 रुपए की मनोवैज्ञानिक सीमा को पार कर गई है। दूसरी खबर यह है कि विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे तमाम प्रयासों के बावजूद शेयर बाजार में स्थिरता नहीं आ रही है। इन खबरों को अलग अलग देखने की जरुरत नहीं है। ये खबरें देश की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बताने वाली हैं। जब से पश्चिम एशिया में जंग शुरू हुई है या अमेरिका और इजराइल ने...