फ्रांस के मंत्री से क्यों नहीं मिले मोदी?

भारत के दौरे पर आए फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां वेस ला द्रां के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात बुधवार को होने वाली थी। लेकिन यह बैठक टाल दी गई। फ्रांसीसी विदेश मंत्री की विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात हुई और दोनों ने सभी दोपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। लेकिन प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। कहा गया कि प्रधानमंत्री कोरोना वायरस से निपटने की रणनीति और उससे जुड़े दूसरे मसलों पर बैठकों में व्यस्त हैं इसलिए यह मीटिंग टाल दी गई। लेकिन क्या सचमुच प्रधानमंत्री कोरोना से निपटने की रणनीति बनाने की वजह से फ्रांसीसी मंत्री से नहीं मिले? वे तो पूरा दिन पश्चिम बंगाल की चुनावी रैलियों में बिता दे रहे हैं तो फ्रांस के विदेश मंत्री से मिलने के लिए आधे घंटे का समय निकालने में क्या दिक्कत थी? कहीं ऐसा तो नहीं है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री की मुलाकात टाली गई? ध्यान रहे प्रधानमंत्री की सारी बैठकें वर्चुअल हो रही हैं इसलिए हो सकता है कि उनके कार्यालय ने आमने-सामने की मीटिंग टालने का फैसला किया हो। हालांकि कोरोना के खतरे की संभावना को दूर करने के लिए विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने अपना… Continue reading फ्रांस के मंत्री से क्यों नहीं मिले मोदी?

बांग्लादेश के मंत्री का शाह को जवाब

बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बेहद तीखा जवाब दिया है। पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रचार में अमित शाह ने कह दिया था कि बांग्लादेश के गरीब लोग भारत में घुसपैठ करते हैं क्योंकि उनके यहां खाने को नहीं मिलता है। उन्होंने कहा था कि अगर भाजपा की सरकार बनी तो वह बांग्लादेश से घुसपैठ खत्म कराएगी। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने बहुत खास अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने अपने देश को भारत से बेहतर बताते हुए कई तुलनात्मक आंकड़े भी दिए। ध्यान रहे दोनों देशों के संबंध बहुत अच्छे हैं और पिछले दिनों बांग्लादेश के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों के संबंधों के बारे में बहुत कुछ कहा था। बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन ने अमित शाह को जवाब देते हुए कहा- दुनिया में बहुत से ज्ञानी लोग हैं, कुछ ऐसे हैं, जो देखने के बाद भी देखना नहीं चाहते, जानने के बाद भी समझना नहीं चाहते, लेकिन अगर उन्होंने (अमित शाह) ऐसा कहा है तो मैं कहना चाहूंगा कि बांग्लादेश के बारे में उनकी जानकारी बहुत सीमित है, बांग्लादेश में कोई भूख से नहीं मर रहा है, बांग्लादेश के उत्तरी जिलों में कोई… Continue reading बांग्लादेश के मंत्री का शाह को जवाब

ब्रिटेन के विदेश मंत्री मिले मोदी से

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राॅब ने आज यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन की ओर से जी-7 देशों की बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

ईरान दुनिया में आतंक का प्रमुख प्रायोजक: पोम्पियो

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने ईरान को ‘दुनिया में आतंक का प्रमुख प्रायोजक देश’ बताते हुए 13 ईरानी नागरिकों पर ‘ईरानी शासन की ओर से मानवाधिकारों के अशिष्ट उल्लंघन’ के लिए वीजा प्रतिबंधों की घोषणा की है।

विदेश मंत्री ने लद्दाख गतिरोध को लेकर राहुल पर किया पलटवार

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर तैनात भारतीय जवानों के पास हथियार थे

कश्मीर पर समझौते या सौदेबाजी का सवाल ही पैदा नहीं होता : कुरैशी

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि पाकिस्तान की कोई भी सरकार कश्मीर मुद्दे पर कोई सौदेबाजी नहीं कर सकती।

ईरानी विदेश मंत्री से जयशंकर ने की बात

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को ईरानी विदेश मंत्री जवाद जरीफ से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बाद खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बदल रहे हालात पर चर्चा की। इराक में अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के अल कुद्स बल के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत अधिक बढ़ गया है। गुरुवार की सुबह जलपान पर मुलाकात के दौरान जरीफ ने जयशंकर को मौजूदा हालात में तेहरान के रुख और सारी स्थिति के बारे में जानकारी दी। बताया जा रहा है कि दोनों मंत्रियों के बीच भारत और ईरान के दोपक्षीय संबंधों के कई पहलुओं और चाबहार बंदरगाह परियोजना में प्रगति पर बातचीत हुई। एक बयान में विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों मंत्रियों के बीच आपसी हितों वाले क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों सहित खाड़ी क्षेत्र के मौजूदा घटनाक्रम पर चर्चा हुई। इसमें कहा गया है कि दोनों पक्षों के बीच ईरान के 2015 के परमाणु समझौते पर चर्चा हुई। इस समझौते को इसे समग्र कार्ययोजना, जेसीपीओए कहा जाता है। 2018 में अमेरिका इस समझौते से अलग हो गया था। विदेश मंत्रालय ने बताया कि जयशंकर ने खाड़ी क्षेत्र में भारत… Continue reading ईरानी विदेश मंत्री से जयशंकर ने की बात

ईरान के विदेश मंत्री मिले मोदी से

नई दिल्ली। अमेरिका के साथ चल रही तनातनी के बीच ईरान के विदेश मंत्री डा. मोहम्मद जावद जरीफ ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। डा. जरीफ रायसीना संवाद में हिस्सा लेने के लिए इन दिनों भारत की यात्रा पर हैं। ईरानी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री को क्षेत्र की गतिविधियों तथा और उन पर ईरान के दृष्टिकोण से अवगत कराया। मोदी ने कहा कि भारत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का पुरजोर पक्षधर है। डा. जरीफ का स्वागत करते हुए मोदी ने पिछले वर्ष सितंबर में न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन से इतर न्यूयार्क में ईरान के राष्ट्रपति रूहानी के साथ हुई सौहार्दपूर्ण चर्चा का उल्लेख किया। उन्होंने ईरान के साथ मजबूत और मित्रवत संबंधों को जारी रखने के प्रति वचनबद्धता भी प्रकट की। प्रधानमंत्री ने चाबहार परियोजना में प्रगति और इसे विशेष आर्थिक क्षेत्र घोषित करने के लिए ईरानी नेतृत्व को धन्यवाद भी दिया। ईरानी विदेश मंत्री ने इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। उन्होंने रायसीना संवाद में भी अपने विचार रखे। उनका विदेश मंत्री डा. एस. जयशंकर से भी मिलने का कार्यक्रम है।

बांग्लादेश के मंत्री का भारत दौरा रद्द

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के पारित होने के बाद गुरुवार को भारत की अपनी यात्रा स्थगित कर दी है।

भाजपा सांसदों को आरसेप, मोदी के विदेश दौरों पर जानकारी दी गई

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की संसदीय दल की बैठक में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों और क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (आरसेप) से भारत को अलग रखने के मुद्दे छाए रहे। गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद के मौजूदा सदस्यों को प्रधानमंत्री के विदेश दौरों की उपलब्धियों की जानकारी दी।

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