नया जमाना भी राम से शुरू था
सत्तर वर्ष की उम्र में अपने बचपन को दूसरों की स्मृतियों में तलाश रहा हूँ तो एक अजीब दुनिया खुल रही है। देश आजाद था, लोकतंत्र नया था, लेकिन घर-परिवारों की राजनीति में गांधी और नेहरू के साथ राम, गाय, सनातन धर्म और रामराज्य भी थे। सवाल है, उस नए भारत को तब के लोगों ने कैसे समझा और जिया?... लोग तब जैसे थे? उन्हे स्वतंत्रता ने बदला या उन्होने याकि लोकमिजाज, लोकव्यवहार ने स्वतंत्रता को बदला लिखने का बचा क्या?–२ “हाँ, काका सा (गोविंद प्रसाद व्यास) बनेड़ा में हमारे घर आए थे। वोट माँगने।” ओमजी की स्मृति में यह...