HDFC Bank crisis

  • भरोसे में लगी सेंध

    हालिया घटनाओं से एचडीएफसी बैंक की पारदर्शिता पर गहरे सवाल उठे हैं। चेयरमैन के इस्तीफे और तीन अधिकारियों की बर्खास्तगी के बाद लोगों के मन में अनेक संदेह तैर रहे हैं। इन्हें दूर करने का विश्वसनीय प्रयास अविलंब किया जाना चाहिए। अंदेशा है कि मार्केट कैपिटलाइजेशन, ग्राहक आधार, और शाखा नेटवर्क के लिहाज़ से भारत में प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी की साख पर उठे सवाल देश की वित्तीय अर्थव्यवस्था पर दूरगामी असर छोड़ सकते हैं। इसलिए इस बारे में पूरी पारदर्शिता बरतते हुए बैंक के सभी हितधारकों सहित पूरे देश को भरोसे में लिया जाना चाहिए। इस...