पारे जैसी एकता और पारा

समय कितनी जल्दी बीत जाता है। कई बार लगता है कि जैसे कल की ही बात हो। करीब 40 साल पहले 1979 में जब जनता पार्टी के अंदर उठा पटक शुरु हुई थी तब मैने एक लेख पढ़ा था जिसने उनके बारे में विस्तार से लिखते हुए लेख का शीर्षक दिया था कि ‘पारे जैसी एकता’ तब याद आया था