सीरो सर्वे से पता चला देश की  67 फीसदी आबादी संक्रमित!

दोनों डोज लेने वाले जो लोग सर्वे में शामिल थे उनमें से 89.8 फीसदी में एंटीबॉडी पाई गई। वहीं, एक डोज लेने वाले 81 फीसदी में एंटीबॉडी मिली। जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं ली थी, ऐसे 62.3 फीसदी लोगों में ही एंटीबॉडी मिली।

एक्सपर्ट ने कहा स्तनपान कराने वाली महिलाएं बेझिझक लगवाएं कोविड-19 का टीका

स्तनपान कराने वाली माताओं को बिना किसी झिझक के कोविड-19 प्रतिरोधी टीका लगवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी उपलब्ध टीके कोविड-19 के नए वेरिएंट के खिलाफ काफी हद तक प्रभावी हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 विषाणु, इन्फ्लुएंजा की तरह कुछ समय बाद अपने स्थानिक चरण में पहुंच सकता है।

Covid Death in India : 70 फीसदी को अन्य बीमारियां थी, एक दिन में 50,040 नए मामले, 1258 लोगों की मौत

Covid Death in India : नयी दिल्ली | देश में कोविड का हाहाकार थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते चौबीस घंटों में भी साढ़े बारह सौ मरीज कोरोना के कारण मौत का शिकार हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है। देश में कोविड-19 के बीते एक दिन में 50 हजार 40 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 2 लाख 33 हजार 183 हो गई और उपचाराधीन मामलों की संख्या घटकर 5 लाख 86 हजार 403 रह गई। #CoronaVirusUpdates: State-wise details of Total Confirmed #COVID19 cases (till 27th June, 2021, 8 AM) ➡️States with 1-100000 confirmed cases ➡️States with 100001-800000 confirmed cases ➡️States with 800000+ confirmed cases ➡️Total no. of confirmed cases so far#StaySafe pic.twitter.com/sDxhHK7N2N — #IndiaFightsCorona (@COVIDNewsByMIB) June 27, 2021 केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, इस संक्रामक रोग से एक दिन में 1 हजार 258 लोगों के जान… Continue reading Covid Death in India : 70 फीसदी को अन्य बीमारियां थी, एक दिन में 50,040 नए मामले, 1258 लोगों की मौत

Corona Alert: साबरमती नदी के पानी में मिला कोरोना का वायरस, जांच के लिए गये सभी सैंपलों में हुई पुष्टि

अहमदाबाद | देश भर में कोरोना के नए मामलों में लगातार कमी आ रही है. घटते मामलों के बाद भी आईसीएमआर और देश के चिकित्सकों द्वारा कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की जा रही है. इसके साथ ही कोरोना से संबंधित नए मामलों पर रोजाना को नए खुलासे हो रहे हैं. ऐसा ही एक मामला गुजरात से सामने आया है. जानकारी के अनुसार साबरमती नदी के पानी से लगातार कोरोना वायरस की पुष्टि हो रही है. इस खुलासे के बाद से गुजरात ही नहीं पूरे देश में हड़कंप मच गया. बता दें कि साबरमती नदी गुजरात के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती रही है. फसलों के उत्पादन से लेकर आम लोगों के पीने के लिए भी इसके जल का प्रयोग किया जाता है. लेकिन नदी के पानी में कोरोना का वायरस मिलना सचमुच चिंतनीय है. वैज्ञानिकों की बढ़ गई चिंता इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार वैज्ञानिकों और चिकित्सकों की टीम ने अहमदाबाद के बीचो-बीच से निकलने वाली साबरमती नदी के पानी के कई सैंपल लिए थे. इन सभी सैंपलों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है. सबसे बड़े आश्चर्य की बात है कि साबरमती नदी के अलावा यहां के 2 बड़े तालाब केवी जब सैंपल… Continue reading Corona Alert: साबरमती नदी के पानी में मिला कोरोना का वायरस, जांच के लिए गये सभी सैंपलों में हुई पुष्टि

कोवैक्सीन सबसे महंगी क्यों है?

भारत की स्वदेशी कंपनी भारत बायोटेक की कोवैक्सीन सबसे महंगी क्यों है? यह लाख टके का सवाल है। बाकी वैक्सीन के मुकाबले इसकी कीमत बहुत ज्यादा है। ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की जिस कोवीशील्ड वैक्सीन का उत्पादन सीरम इंस्टीच्यूट में हो रहा है उसके मुकाबले कोवैक्सीन की कीमत लगभग दोगुनी है। कोवीशील्ड की एक डोज 780 रुपए की है तो कोवैक्सीन की एक डोज की कीमत 1,430 रुपए है। लगातार विवादों में रही इस कंपनी की वैक्सीन के असर को लेकर भी अभी तक संदेह हैं और इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्लुएचओ की मंजूरी भी नहीं है। हाल ही में इसे अमेरिका ने मंजूरी देने से इनकार किया है। इसकी कीमत का मामला इसलिए भी रहस्यमय है क्योंकि इस वैक्सीन की रिसर्च में भी भारत सरकार की एजेंसियां शामिल थीं। इंडियन कौंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर के साथ मिल कर कंपनी ने यह वैक्सीन तैयार की है। पिछले दिनों इसको पेटेंट से मुक्त करने और कुछ दूसरी कंपनियों को भी इसका उत्पादन करने देने का फैसला भी हुआ। इसके बावजूद इसकी कीमत कम नहीं हुई है। कायदे से इसकी कीमत कोवीशील्ड और रूसी वैक्सीन स्पुतनिक से कम होनी चाहिए लेकिन इसकी कीमत उनसे ज्यादा है और भारत सरकार इसकी ज्यादा कीमत… Continue reading कोवैक्सीन सबसे महंगी क्यों है?

सावधान! कोरोना से ठीक होने के 6 हफ्ते बाद तक ना कराएं सर्जरी

delhi: अगर आप कोरोना के खिलाफ जंग जीत चुके है और किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित है और सर्जरी कराने की सोच रह है तो जरा ठहरिये। कोरोना से ठीक होने के तुरंत बाद सर्जरी कराना जानलेवा और खतरनाक साबित हो सकता है। इस संबंध में ICMR ने एक गाइडलाइन दी है।ICMR ने जनता और डॉक्टर्स दोनों को सावधान किया है।  ICMR ने कोरोना से ठीक हुए मरीजों 102 दिन बाद एक बार फिर टेस्ट कराने के लिए कहा है। ICMR और नेशनल टास्क फोर्स के एक्सपर्ट का मानना है कि कोरोना से ठीक हुए मरीजों को कम से कम 6 हफ्तों बाद ही कोई सर्जरी करवानी चाहिए। और डॉक्टर्स को भी छः हफ्ते बाद ही सर्जरी करनी चाहिए। ICMR का कहना है कि अगर कोई इमरजेंसी केस आ जाए तो सर्जरी की जा सकती है। इसे भी पढ़ें क्योंकि देश में चुनाव नहीं है, इसलिए दिल खोलकर पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ा रही सरकार सर्जरी के लिए जल्दबाजी ना करें टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक नेशनल टास्क फोर्स के संजय पुजारी ने बताया कि कोरोना के लक्षण 102 दिन बाद ही सही से पता चलते है। ऐसें में टेस्टिंग में जल्दबाजी ना करें। कम वक्त में जांच… Continue reading सावधान! कोरोना से ठीक होने के 6 हफ्ते बाद तक ना कराएं सर्जरी

गठिया की दवा से कोरोना का इलाज संभव है? नए वैरिएंट पर प्रभावी है कोल्चीसीन

Delhi: देश सवा साल से कोरोना से जंग लड़ रहा है। समय के साथ कोरोना अपना रूप बदल रहा है इसी के साथ कोरोना और शक्तिशाली हो गया है। कोरोना से जंग लड़ने में अलग-अलग हथियार उपयोग में ला रहे है। अब हमने कोरोना के खिलाफ गठिया में काम आने वाली दवाई को अपना हथियार बनाया है।  गठिया के इलाज में काम आने वाली दवा कोल्चीसीन को कोरोना के खिलाफ प्रभावी माना जा रहा है। इसके ट्रायल को मंजूरी मिल चुकी है। अस्पतालों में इसका ह्यूमन ट्रायल चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना से लड़ने में गठिया की असरदार हो सकती है। इस दवा से कोरोना मरीज का इलाज किया जा सकता है। गठिया की दवा कोल्चीसीन कोरोना के नए वैरिएंट पर भी प्रभावी है। इससे कोरोना के खतरे को कम किया जा सकता है। इसे भी पढ़ें Moderna ने अपनी कोविड-19 की वैक्सीन पर किया 100% का दावा, युवाओं पर है असरदार.. गठिया के दवा से कोरोना मरीजों के हार्ट संबंधी समस्या दूर हो सकती है हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक कोल्चीसीन को कोरोना के नए वैरिएंट B.1.617.2 के इलाज में प्रभावी माना जा रहा है और जब इस पर अध्यन किया गया तो यह बात प्रमाणित हो गई… Continue reading गठिया की दवा से कोरोना का इलाज संभव है? नए वैरिएंट पर प्रभावी है कोल्चीसीन

Covaxin या Covishield किस वैक्सीन से बनती है जल्दी एंटीबॉडी..ICMR प्रमुख ने किया चौंकाने वाला दावा

देश में कोरोना संक्रमण से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। और संक्रमितों के मामले कुछ राज्यों में भले ही कम हो रहे है लेकिन बाकी राज्यों में कोरोना का विस्फोट अभी भी ज़ारी है। लेकिन महामारी के इस बुरे वक्त में कोरोना(corona) का संजीवनी बूटी हमारी वैक्सीन (vaccine)है। देश में अभी 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। जिसका रजिस्ट्रेशन(ragistration) कोविन ऐप(cowin app) पर किया जा रहा है। देश में अभी तक करोड़ों लोगों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। लेकिन इसमें अभी सबके मन में यह सवाल आ रहा है कि कोवैक्सीन या कोविशील्ड(Covaxin or Covishield)किस वैक्सीन को लगाने से जल्दी एंटीबॉडी (antibody)बनती है। अब इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डीजी डॉ. बलराम भार्गव ने इसको लेकर बड़ा बयान दिया है। इसे भी पढ़ें Corona Update: देश में फिर बढ़ा COVID-19 से मौतों का आंकड़ा, एक दिन 4209 की मौत, सामने आए 2.59 लाख नए मामले कोवैक्‍सीन से ज्‍यादा एंटीबॉडी बनाती है कोविशील्‍ड वैक्सीन इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) प्रमुख डॉ. बलराम भार्गव ने कोवैक्‍सीन और कोविशील्‍ड द्वारा बनने वाली एंटीबॉडी को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज लेने… Continue reading Covaxin या Covishield किस वैक्सीन से बनती है जल्दी एंटीबॉडी..ICMR प्रमुख ने किया चौंकाने वाला दावा

जानें, संक्रमण के फैलाव पर वैज्ञानिकों ने क्यों बताया पंखों को महत्वपूर्ण, ये है पूरी गाइडलाइन

New Delhi: देश में कोरोना का दूसरी लहर के प्रभाव के कम होने और तीसरी लहर की भविष्यवाणी के साथ ही डॉक्टरों और सरकारें सतर्क हैं. देश कोरोना का प्रकोप से एक बार बेहार हो चुका है, यहीं कारण है कि अब केंद्र सरकार सतर्क है और अपने वैज्ञानिक सलाहकारों द्वारा जारी की जा रही जानकारी को आम लोगों तक लगातार पहुंचा रही है. इसी कड़ी में अब केंद्र सरकार के प्रमुख वैज्ञानिकों ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए कई महत्वपूर्ष जानकारियों के साथ ही एक एडवाइजरी जारी की है. वैज्ञानिकों ने कहा है कि भारत में महामारी के प्रकोप के बीच हमें एक बार फिर सतर्क रहे की जरूरत है. उन्होंने कहा है कि सामान्य नियमों को याद रखने की जरूरत है जिसके जरिए सार्स-CoV-2 वायरस का ट्रांसमिशन सीमित किया जा सकता है. संक्रमण को रोकने के लिए चाहिए अच्छा वेंटिलेशन वैज्ञानिकों द्वारा जारी की गई एडवाइजरी में कहा गया है कि दफ्तरों और घरों में बेहतर वेंटिलेशन के जरिए संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है. सलाह में कहा गया कि अच्छे वेंटिलेशन के जरिए एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे में संक्रमण के ट्रांसमीट होने की आशंका कम रहती है. वैज्ञानिकों ने कहा कि इस बात… Continue reading जानें, संक्रमण के फैलाव पर वैज्ञानिकों ने क्यों बताया पंखों को महत्वपूर्ण, ये है पूरी गाइडलाइन

Corona Update: प्लाज्मा थेरेपी के बाद अब रेमडेसिविर इंजेक्शन को भी इलाज की प्रक्रिया से हटाने पर हो रहा है विचार

New Delhi: कोरोना की दूसरी लहर (Corona Second Wave) से देश भर में अब भी हालात काफी डरा रहे हैं. इस दौरान देश में कई तरह के शोध भी हो रहे हैं . लगातार चल रहे शोध के कारण लगातार संक्रमण के इलाज में कई तरह के परिवर्तन हो रहे हैं. कोरोना की पहली लहर के समय से ही कोरोना से लड़ाई में सबसे कारगार माने जा रहे प्लाज्मा थेरेपी को इलाज की कड़ी से हटा दिया गया है. सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार अब विशेषज्ञों की टीम अब कोरोना के इलाज से रेमडेसिविर (Remdesivir Injection) को भी हटाने पर विचार कर रही है. माना जा रहा है कि अब रेमडेसिविर इंजेक्शन को भी हटाने पर जल्द फैसला लिया जा सकता है. दिल्ली में सर गंगाराम अस्पताल के चेयरपर्सन डॉ. डीएस राना ने मंगलवार को कहा कि कोरोना ट्रीटमेंट से रेमडेसिविर को भी जल्द हटाने पर विचार चल रहा है. कारगर होने की नहीं मिल रहे हैं प्रमाण Latest News on Remdesivir: कोरोना संक्रमित मरीजों पर इसके बेहतर प्रभाव को लेकर कोई सबूत सामने नहीं आये हैं. इसलिए इस दवा को कारगर नहीं माना जा सकता. ICMR की अडवाइजरी पर प्लाज्मा थेरेपी को कोरोना ट्रीटमेंट से हटा दिया… Continue reading Corona Update: प्लाज्मा थेरेपी के बाद अब रेमडेसिविर इंजेक्शन को भी इलाज की प्रक्रिया से हटाने पर हो रहा है विचार

Corona Alert: ICMR के डायरेक्टर ने कहा- जहां 10% से अधिक संक्रमण वहां 6 से 8 सप्ताह लॉकडाउन जरूरी

New Delhi : देशभर में कोरोना की दूसरी लहर से हाहाकार मचा हुआ है. इन हालातों में अब कोरोना की गति को कम करने के लिए सरकार और स्वास्थय विभाग की ओर से लगातार प्रयास किये जा रहे हैं.  इस बीच आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद् (ICMR) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने सलाह दी है कि जिन भी जिलों में कोरोना संक्रमण की दर 10% से अधिक है उन्हें 6 से 8 सप्ताह के लिए लॉकडाउन लगाने की जरूरत है. भार्गव ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि देश में कोरोना संक्रमण की दर 21% है. 734 में से 310 जिलों में ये दर, देश में कोरोना संक्रमण की दर के या तो बराबर है या उससे ज्यादा है.  युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है संक्रमण ICMR के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर के आंकड़ों की तुलना यह दिखाती है कि उम्र का ज्यादा अंतर नहीं है. उन्होंने कहा कि 40 साल से ज्यादा उम्र के लोग प्रतिकूल प्रभावों के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील हैं. डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि हमने पाया है कि युवा लोग थोड़े ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं क्योंकि वे बाहर गए और देश में कोरोना… Continue reading Corona Alert: ICMR के डायरेक्टर ने कहा- जहां 10% से अधिक संक्रमण वहां 6 से 8 सप्ताह लॉकडाउन जरूरी

Good News: 2 से 18 साल के बच्चों के का होगा क्लीनिकल ट्रायल ,भारत बायोटेक को मिली मंजूरी

New Delhi: कोरोना कू दूसरी लहर से भारत में हर कहीं हाहाकार मचा हुआ है. लेकिन कोरोना के प्रकोप की बाच अब एक बार फिर से राहत वाली खबर भी आई  है.  भारत बायोटेक अपनी कोरोना रोधी वैक्सीन कोवैक्सीन का दो से 18 साल के बच्चों पर जल्द ही दूसरे और तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल शुरू करेगी. कोरोना पर गठित विशेषज्ञों की समिति ने मंगलवार को ट्रायल शुरू करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है. दिल्ली एवं पटना के एम्स और नागपुर स्थिति मेडिट्रिना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंस समेत देश के विभिन्न केंद्रों पर 525 वालंटियर पर यह ट्रायल किया जाएगा. भारत बायोटेक ने मांगी थी ट्रायल की अनुमति हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने दो से 18 साल के बच्चों पर कोवैक्सीन की सुरक्षा और प्रतिरक्षा का आकलन करने की अनुमति मांगी थी. कोरोना पर गठित केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने मंगलवार को भारत बायोटेक के आवेदन पर व्यापक विचार विमर्श करने के बाद उसे ट्रायल की मंजूरी दी. एसईसी ने दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल की सिफारिश करते हुए यह शर्त भी रखी है कि भारत बायोटेक तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल शुरू करने… Continue reading Good News: 2 से 18 साल के बच्चों के का होगा क्लीनिकल ट्रायल ,भारत बायोटेक को मिली मंजूरी

कोरोना का कहर : अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 20 दिनों में 26 प्रोफेसर की कोरोना से मौत, किसी नए वैरिएंट की आशंका जताई जा रही

लगभग सवा साल से भारत कोरोना महामारी से जूझ रहा है। भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर चल रही है। लगातार नये-नये वैरिएंट सामने आ रहे है। ताजा मामला अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी से जुड़ा है। अब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में कोविड-19 के नए वैरिएंट को लेकर चिंता बढ़ गई है और यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर तारिक मंसूर ने इस संबंध में आईसीएमआर को नमूनों की जांच के लिए एक पत्र भेजा है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पिछले 20 दिनों में 26 प्रोफेसर की मौत की खबर सामने आयी है।  भारत में एक दिन में 4 लाख पार मामले मिल रहे है। लेकिन अभी भी भारत में कोरोना का पीक नहीं आया है। और वैज्ञानिकों के अनुसार भारत में तीसरी लहर दस्तक देने वाली है। दिल्ली में कोरोना अपना आतंक मचा रखा है। दिल्ली में कोरोना मरीजों को समय पर ऑक्सीजन ना मिलने के कारण अबतक हजारों मौत हो चुकी है। दिल्ली में आये दिन कोरोना को नया वैरिएंट सामने आता है। इसे भी पढ़ें जानें, इस रफ्तार से कब पूरा होगा भारत में वैक्सीनेशन, अमेरिका में 4 जुलाई तक 70 प्रतिशत लोगों को टीका   ICMR से प्रमाणित लैब ने इकट्ठा किए हैं सैंपल अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पिछले कुछ दिनों… Continue reading कोरोना का कहर : अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 20 दिनों में 26 प्रोफेसर की कोरोना से मौत, किसी नए वैरिएंट की आशंका जताई जा रही

Corona Update: ICMR ने जारी की ‘ब्लैक फंगस’ के लिए एडवाइजरी, ताकि ना आए आंखें निकालने की नौबत

New Delhi:  देश में कोरोना की दूसरी लहर से हर ओर हाहाकार मचा हुआ है. सबसे बड़ी परेशानी के बात है कि अब लोग कोरोना से छीक होने के बाद ‘ब्लैक फंगस’ के शिकार हो रहे हैं.  कोरोना की इस दूसरी लहर में ‘ब्लैक फंगस’  नामक बीमारी भी सामने आई है.  इसके मामले सामने आने के बाद से भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने चिंता जतायी है. ICMR  की ओर से कहा गया है कि कि कोरोना से जंग जीतने के बाद भी कुछ लोग इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं. विभाग की ओर से कहा गया है कि  इसकी वजह से मरीजों की आंखें निकालने तक की नौबत आ रही है. इसके साथ ही कई मरीजों की इससे मौत की भी सूचना मिली है.  हालांकि यह रेयर इन्फेक्शन है, लेकिन इससे बचाव के लिए जरूरी है कि वक्त रहते लक्षणों की पहचान हो और मरीजों को बचाया जा सके. बताते चलें कि रांची में भी इस तरह का एक मामला आया है. मेडिका हॉस्पिटल में एक मरीज की जान बचाने के लिए उनकी आंख निकालनी पड़ी. ब्लैक फंगस या म्यूकरमाइकोसिस नामक इस बीमारी में मरीज को वक्त पर सही इलाज न मिलने से जान भी जा सकती है.… Continue reading Corona Update: ICMR ने जारी की ‘ब्लैक फंगस’ के लिए एडवाइजरी, ताकि ना आए आंखें निकालने की नौबत

Corona Update: RT-PCR टेस्ट को लेकर ICMR ने जारी की नई गाइडलाइन, जानें क्या है विशेष

New Delhi: देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कारण लोगों में काफी डर है. एक दिन में 300 से ज्यादा मौतें और 4 लाख के करीब नये मरीज सामने आ रहे हैं. हालातों को देखते हुए केंद्र सरकार लगातार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आरटी-पीसीआर जांच बढ़ाने के निर्देश दे रहा है. इन परिस्थितियों में लोग भी कोरोना के भय से जांच कराने पहुंच रहे हैं. इन सबके बीच अब  भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने आरटी-पीसीआर जांच को लेकर एक नई गाइडलाइन जारी की है. गाइडलाइन में बताया गया है कि आपको किन परिस्थितियों में आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना चाहिए और कब नहीं करवाना चाहिए. बता दें कि RT-PCR  टेस्ट के जरिए पता चलता है कि कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है या नहीं. लगातार हो रहे जांचों के कारण लैब कर्मियों पर काफी दबाव बढ़ रहा है. इसे देखते हुए हुए ICMR ने RT-PCR  को लेकर गाइडलाइन जारी की है. ये है ICMR द्वारा जारी किया गया आरटी-पीसीआर टेस्ट को लेकर नया  दिशानिर्देश … किन परिस्थितियों में आरटी-पीसीआर जांच की नहीं है जरूरत ICMR  ने कहा है कि रैपिड एंटीजन टेस्ट में कोरोना संक्रमण पाए जाने पर RT-PCR  जांच नहीं करानी चाहिए. जब पहली बार RT-PCR… Continue reading Corona Update: RT-PCR टेस्ट को लेकर ICMR ने जारी की नई गाइडलाइन, जानें क्या है विशेष

और लोड करें