कहीं गहरी है समस्या
यह सिर्फ हाई टेक संस्थानों की समस्या नहीं है। वहां माहौल से तालमेल बनाने की चुनौती जरूर एक कारण है, मगर आम अवसरहीनता के कारण बढ़ते दबाव पर भी अवश्य ध्यान टिका रहना चाहिए। आईआईटी- बॉम्बे ने डीन (प्रशासनिक मामले) को हटा कर और अपनी आरंभिक टिप्पणी के लिए माफी मांग कर बी-टेक छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्म-हत्या से भड़के विवाद को शांत करने की पहल की है। मुमकिन है कि इससे छात्रों का गुस्सा फिलहाल शांत हो जाए। फिर भी ये प्रश्न अनुत्तरित रहेगा कि आखिर छात्र आत्म-हत्याओं के मामले क्यों तेजी से बढ़े हैं? सिर्फ ऊंचे टेक्नोलॉजी...