independence anniversary

  • सपनों को गाते-गाते बना अमेरिका

    अमेरिका ढाई सौ वर्ष का हुआ। इस शुक्रवार-शनिवार उसके जश्न की कुछ झलकियां टीवी पर देखी। एक परिचित धुन कानों में पड़ी—“डोंट स्टॉप बिलीविन” (Don’t Stop Believin’)। बरसों पुराना यह गीत मेरी पचास वर्षों की स्मृतियों को खोल गया। गीत सुन मुझे ब्रूस स्प्रिंगस्टीन की आवाज़ भी याद हो आई। ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने “बॉर्न टू रन” (Born to Run..) और बाद में “बॉर्न इन द यू.एस.ए.” (Born in the U.S.A...) को जिस अंदाज में गया, वह गजब ही था। अचानक समझ आया कि पिछले पचास वर्षों में मैंने अमेरिका को जितना समझा, पढ़ा, और उस पर जितना लिखा उससे कहीं...