तो सहमति क्या बनी?
चीन के साथ व्यापार भारत की प्रादेशिक अखंडता को उसकी चुनौतियों के साये में जारी नहीं रह सकता। यह बात भारत सरकार को दो-टूक कहनी चाहिए। निम्न कसौटी जैसे जुमलों से देश में भरोसा नहीं बंधेगा। भारत- चीन के बीच फिर ज़ुबानी तकरार हुई है। इस बार मुद्दा लद्दाख का है। भारत ने अपने आधिकारिक नक्शे पर वहां के 28 स्थलों को प्रामाणिक नाम दिए, जिनमें गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे टकराव वाली जगहें भी शामिल हैं। चीन ने इसे “गैर-कानूनी और अमान्य” कदम बताया। दावा किया कि ये क्षेत्र उसके हैं। भारत ने इसका उतने ही सख्त लहजे जवाब...